ई‑नाम 2025 में 7 नई फसलें जोड़ी गईं, जिससे कुल फसलें 238 हो गई हैं। इंटर-मंडी ट्रेड में 62% गिरावट और ₹80,262 करोड़ का कारोबार दर्ज। जानिए ताज़ा आँकड़े और चुनौतियाँ।
ई‑नाम 2.0: नई फसलें और कमजोर इंटर-मंडी ट्रेड की चुनौतियाँ (Agust 2025)
प्रमुख अपडेट्स
1. नए उत्पादों का विस्तार — कुल 238 फसलें शामिल
सरकार ने हाल ही में 7 नए कृषि उत्पाद ई‑नाम प्लेटफॉर्म पर जोड़े हैं, जिनमें शामिल हैं:
- गन्ना, Marcha चावल, Katarni चावल, Jardalu आम, Shahi लीची, Magahi पान, Banarasi पान
अब प्लेटफ़ॉर्म पर कुल ट्रेड योग्य फसलों की संख्या 238 हो गई है।
फसल गुणवत्ता तय करने के लिए tradable parameters (मात्रा, गुणवत्ता आदि) भी लागू किए गए हैं, ताकि किसानों को उनके उत्पादों के अनुसार उचित मूल्य मिल सके।
2. पुरानी फसलों के लिए मौजूदा पैरामीटर में संशोधन
कुछ मौजूदा उत्पादों — जैसे baby corn, water chestnut flour, dragon fruit — के गुणवत्ता पैरामीटर को अपडेट किया गया है ताकि उत्पाद की गुणवत्ता के आधार पर मूल्य निर्धारण बेहतर तरीके से हो सके।
3. Inter-mandi (मंडी से मंडी तक) ट्रेड में भारी गिरावट
ई‑नाम पर Inter-State ट्रेड में Q1 में लगभग 62% गिरावट दर्ज की गई—जिसका कारण व्यापारिक एकात्मता की दिशा में बड़ा प्रतिकूल प्रभाव है। बिक्री का अधिकांश हिस्सा अभी भी उसी मंडी के भीतर सीमित है।
4. संयुक्त आँकड़े और विस्तार
- 1,522 मंडियाँ, 17.94 मिलियन किसान, 4,518 FPOs, 2.68 लाख व्यापारी, और 1.16 लाख कमीशन एजेंट ई‑नाम से जुड़े हैं।
- 2024–25 में प्लेटफॉर्म ने लगभग ₹80,262 करोड़ का कारोबार दर्ज किया।
सारांश तालिका
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नई फसलें शामिल | 7 नए; कुल 238 तक बढ़ीं |
| इंटर-मंडी ट्रेड | Q1 में 62% की गिरावट |
| उपयोगकर्ता और मंडियाँ | 1,522 मंडियाँ; 17.94 मिलियन किसान जुड़े |
| कुल कारोबार | ₹80,262 करोड़ (2024–25) |
| गुणवत्ता पैरामीटर | नए और मौजूदा दोनों उत्पादों के लिए संशोधन |
निष्कर्ष
eNAM ने इस विस्तार के साथ अब केवल संख्या बढ़ाने से आगे जाकर उच्च मूल्य और बेहतर गुणवत्ता पर आधारित व्यापार को अपनाया है।
नए उत्पादों की सूची और अपडेटेड पैरामीटर किसानों को बेहतर लाभ दिला सकते हैं।
लेकिन inter-mandi ट्रेड की गिरावट चिंता का विषय है—जिसपर कार्यनीतिक सुधार, प्रोत्साहन और जागरूकता बढ़ाने से ही सुधार संभव हो सकता है।
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