नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी कमाई के तरीकों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में सार्वजनिक किए गए उनके वित्तीय खुलासे (Financial Disclosure) से पता चलता है कि पिछले एक साल में उनकी सबसे बड़ी कमाई पारंपरिक रियल एस्टेट कारोबार से नहीं, बल्कि क्रिप्टोकरेंसी बिजनेस से हुई। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने विभिन्न क्रिप्टो होल्डिंग्स और उससे जुड़े कारोबार से करीब 1.2 अरब डॉलर (करीब ₹11,430 करोड़) की आय दर्ज की।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने अपनी ब्रांडिंग का फायदा उठाते हुए घड़ियों, किताबों, बाइबल, गिटार, स्नीकर्स, परफ्यूम और विदेशी प्रॉपर्टी डील्स से भी करोड़ों डॉलर कमाए। इन खुलासों के बाद अमेरिका में फिर यह बहस तेज हो गई है कि क्या राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उनके कारोबारी हितों और सरकारी फैसलों के बीच टकराव (Conflict of Interest) की स्थिति बन रही है।
Highlights
- ट्रंप ने क्रिप्टो कारोबार से करीब 1.2 अरब डॉलर की कमाई की।
- रियल एस्टेट से अधिक कमाई डिजिटल एसेट्स से हुई।
- घड़ियों, किताबों, बाइबल और गिटार से भी करोड़ों रुपये की आय।
- विदेशी होटल और प्रॉपर्टी डील्स भी कमाई का बड़ा स्रोत बने।
- वित्तीय खुलासे के बाद हितों के टकराव को लेकर बहस तेज।
एक साल में बदल गई कमाई की तस्वीर
डोनाल्ड ट्रंप ने दशकों तक रियल एस्टेट कारोबार के जरिए अपनी पहचान बनाई। न्यूयॉर्क से लेकर फ्लोरिडा तक उनकी प्रॉपर्टी साम्राज्य ने उन्हें अरबपति बनाया। लेकिन पिछले एक साल में तस्वीर पूरी तरह बदल गई।
वित्तीय खुलासे के अनुसार उनकी सबसे बड़ी आय अब क्रिप्टो बिजनेस से आई है। यह बदलाव केवल कारोबारी रणनीति का परिणाम नहीं माना जा रहा, बल्कि कई विशेषज्ञ इसे अमेरिका में क्रिप्टो सेक्टर के प्रति ट्रंप के सकारात्मक रुख से भी जोड़कर देख रहे हैं।
क्रिप्टो बाजार में उनकी सक्रिय मौजूदगी ने निवेशकों का ध्यान खींचा और इससे जुड़े प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश आया।
क्रिप्टो से कैसे हुई इतनी बड़ी कमाई?
रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप की क्रिप्टो कंपनियों ने कई डिजिटल एसेट्स लॉन्च किए।
इनमें शामिल हैं—
- Governance Tokens
- Stablecoins
- Meme Coins
- अन्य डिजिटल क्रिप्टो एसेट्स
बताया गया है कि World Liberty Financial नामक कारोबार से ट्रंप ने 500 मिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की।
वहीं CIC Digital LLC के जरिए लॉन्च किए गए ट्रंप-थीम वाले Meme Coin से 600 मिलियन डॉलर से अधिक की आय हुई।
हालांकि बाद में इन टोकनों की कीमतों में बड़ी गिरावट भी देखने को मिली। विश्लेषकों का कहना है कि इन टोकनों का वास्तविक मूल्य तय करना आसान नहीं है क्योंकि इनमें निवेशकों को कंपनी में इक्विटी नहीं बल्कि केवल कुछ प्रशासनिक फैसलों पर वोटिंग का अधिकार मिलता है।
रियल एस्टेट से भी ज्यादा कमाई
एक समय ट्रंप की पहचान केवल रियल एस्टेट कारोबारी के रूप में होती थी।
लेकिन अब वित्तीय दस्तावेज बताते हैं कि उनकी डिजिटल संपत्तियों की वैल्यू उनके पारंपरिक बिजनेस से कहीं आगे निकल गई है।
रियल एस्टेट आज भी उनकी आय का बड़ा स्रोत है, लेकिन पिछले साल क्रिप्टो कारोबार ने उसे पीछे छोड़ दिया।
विदेशों में होटल और रिजॉर्ट से भी हुआ फायदा
रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप परिवार ने विदेशों में कई नए होटल, रिजॉर्ट और कॉन्डोमिनियम प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया।
इन प्रोजेक्ट्स से करोड़ों डॉलर की आय हुई।
इसी वजह से आलोचकों ने सवाल उठाया कि जिन देशों में ट्रंप परिवार के कारोबारी हित हैं, उन्हीं देशों के साथ अमेरिका के टैरिफ, रक्षा सहयोग और निवेश जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत भी चल रही थी।
हालांकि ट्रंप और उनके समर्थक इन आरोपों को राजनीतिक बताते रहे हैं।
घड़ियों से करोड़ों रुपये की कमाई
ट्रंप ने केवल बड़े कारोबार से ही नहीं बल्कि अपने नाम वाले प्रीमियम प्रोडक्ट्स से भी शानदार कमाई की।
वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार—
- ट्रंप ब्रांड घड़ियों से करीब 4.7 मिलियन डॉलर की आय हुई।
- भारतीय मुद्रा में यह राशि लगभग ₹448 करोड़ बैठती है।
यह दिखाता है कि उनकी व्यक्तिगत ब्रांडिंग भी एक बड़ा कारोबारी मॉडल बन चुकी है।
किताबों ने भी खूब कमाया पैसा
डोनाल्ड ट्रंप की किताबें भी लगातार बिकती रहीं।
पिछले साल उनकी पुस्तकों से हुई आय इस प्रकार रही—
- Save America – लगभग 1.89 मिलियन डॉलर
- Letters to Trump – लगभग 5.90 लाख डॉलर
- A MAGA Journey – लगभग 5.52 लाख डॉलर
इन पुस्तकों की बिक्री से उन्हें करोड़ों रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हुई।
ट्रंप बाइबल भी बनी कमाई का जरिया
ट्रंप के नाम से लॉन्च की गई Trump Bible ने भी अच्छी कमाई कराई।
वित्तीय खुलासे के अनुसार इससे उन्हें लगभग 208,486 डॉलर की आय हुई।
इसके अलावा—
- ट्रंप ब्रांड गिटार
- स्नीकर्स
- परफ्यूम
- अन्य लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स
से भी लाखों डॉलर की अतिरिक्त कमाई दर्ज की गई।
मुकदमों से भी मिला करोड़ों डॉलर
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि ट्रंप को विभिन्न कानूनी समझौतों (Settlements) से भी बड़ी रकम मिली।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने ABC, CBS, Meta समेत कई कंपनियों के खिलाफ दायर मामलों में समझौते के तहत 80 मिलियन डॉलर से अधिक प्राप्त किए।
बताया गया कि इस राशि का बड़ा हिस्सा मियामी में प्रस्तावित ट्रंप लाइब्रेरी प्रोजेक्ट के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
जस्टिन सन का मामला भी चर्चा में
रिपोर्ट में क्रिप्टो उद्योग से जुड़े कारोबारी जस्टिन सन का भी उल्लेख किया गया है।
उन पर अमेरिकी नियामकों ने निवेशकों को गुमराह करने के आरोप लगाए थे। बाद में मामला जुर्माना भरकर सुलझाया गया।
ट्रंप के क्रिप्टो कारोबार और इस तरह के हाई-प्रोफाइल निवेशकों की भागीदारी ने भी कई सवाल खड़े किए हैं।
हितों के टकराव पर उठे सवाल
ट्रंप के वित्तीय खुलासे के बाद अमेरिका में एक बार फिर यह बहस शुरू हो गई है कि क्या राष्ट्रपति पद पर रहते हुए निजी कारोबारी गतिविधियां उचित हैं।
आलोचकों का कहना है कि—
- विदेशी सरकारों के साथ कारोबारी संबंध,
- क्रिप्टो सेक्टर के प्रति सरकारी नीतियां,
- और निजी निवेश,
इन तीनों के बीच संभावित हितों का टकराव दिखाई देता है।
हालांकि ट्रंप और उनकी टीम का कहना है कि सभी कारोबारी गतिविधियां कानूनी दायरे में हैं और आवश्यक वित्तीय खुलासे समय पर किए गए हैं।
क्या संकेत देता है यह पूरा मामला?
डोनाल्ड ट्रंप का वित्तीय खुलासा यह दिखाता है कि दुनिया तेजी से डिजिटल एसेट्स की ओर बढ़ रही है। जिस व्यक्ति की पहचान कभी केवल रियल एस्टेट कारोबारी के रूप में होती थी, उसकी सबसे बड़ी कमाई अब क्रिप्टो बिजनेस से हो रही है।
साथ ही यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि जब कोई बड़ा कारोबारी सार्वजनिक पद पर होता है तो पारदर्शिता, हितों के टकराव और नियामकीय निगरानी जैसे मुद्दे पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।


