दिल्ली मेट्रो के कर्मचारी प्रफुल्ल सिंह ने अपनी शानदार प्लानिंग और मेट्रो नेटवर्क की गहरी जानकारी के दम पर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने महज 14 घंटे 54 मिनट 36 सेकंड में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों का सफर पूरा कर नया रिकॉर्ड कायम किया। खास बात यह है कि 2022 में भी उन्होंने यही चुनौती ली थी, लेकिन उस दौरान हुई गलतियों से सीख लेकर इस बार उन्होंने अपना प्रदर्शन काफी बेहतर किया।
दिल्ली मेट्रो में हर दिन लाखों यात्री सफर करते हैं। लेकिन पूरे मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशनों को एक तय समय में कवर करना अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण काम है। इसी चुनौती को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के कर्मचारी प्रफुल्ल सिंह ने स्वीकार किया और अपनी बेहतरीन रणनीति के जरिए इतिहास रच दिया।
सिंह ने अलग-अलग मेट्रो लाइनों, इंटरचेंज और कनेक्टिविटी का इस्तेमाल करते हुए 14 घंटे 54 मिनट 36 सेकंड में अपनी पूरी यात्रा पूरी की। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
15 घंटे से भी कम समय में पूरा किया सफर

प्रफुल्ल सिंह ने अपनी रिकॉर्ड यात्रा की शुरुआत 23 मई की सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली मेट्रो की अलग-अलग लाइनों पर सफर करते हुए कई इंटरचेंज पार किए।
लगातार यात्रा करते हुए वह रात करीब 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पहुंचे। यहीं उनकी रिकॉर्ड यात्रा पूरी हुई।
पूरे मेट्रो नेटवर्क में इतने कम समय में सफर पूरा करना आसान नहीं था। इसमें सिर्फ लगातार ट्रेन में बैठे रहना ही काफी नहीं था, बल्कि सही समय पर ट्रेन बदलना, इंटरचेंज चुनना और ऐसा रूट तय करना जरूरी था जिससे अतिरिक्त समय बर्बाद न हो।
2022 में भी कर चुके थे ऐसी कोशिश
प्रफुल्ल सिंह ने पहली बार इस तरह का रिकॉर्ड बनाने की कोशिश 2022 में की थी। उस समय उन्होंने दिल्ली मेट्रो के 254 स्टेशनों को कवर किया था और पूरी यात्रा पूरी करने में 16 घंटे 2 मिनट 17 सेकंड का समय लगा था।
हालांकि, पहली कोशिश में उन्हें रूट से जुड़ी एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ा। गलत रूट चुनने की वजह से उनका काफी समय बर्बाद हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस गलती के कारण उन्हें करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई थी।
यही अनुभव उनकी दूसरी कोशिश में सबसे बड़ा सबक बना। इस बार सिंह ने पहले से रूट की बेहतर तैयारी की और उन गलतियों को दोहराने से बचने की रणनीति बनाई।
मेट्रो नेटवर्क की जानकारी बनी सबसे बड़ी ताकत
प्रफुल्ल सिंह के लिए उनका पेशेवर अनुभव इस चुनौती में काफी काम आया। वह DMRC के ऑपरेशन्स सेक्टर में काम करते हैं और उन्हें दिल्ली मेट्रो के रूट, इंटरचेंज स्टेशन, ट्रेन संचालन और अलग-अलग लाइनों की कनेक्टिविटी की अच्छी जानकारी है।
रिकॉर्ड बनाने के दौरान यही जानकारी उनके लिए सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। उन्हें पता था कि किस स्टेशन पर इंटरचेंज करना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा और किस रूट से समय बचाया जा सकता है।
ऐसी चुनौती में कुछ मिनटों की देरी भी पूरे रिकॉर्ड को प्रभावित कर सकती है। इसलिए ट्रेन का समय, इंटरचेंज और रूट प्लानिंग बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
पिछली गलती से मिली सीख ने बदला नतीजा
2022 की कोशिश के दौरान हुई गलती के बाद सिंह ने इस बार अपनी रणनीति पर ज्यादा ध्यान दिया। उनका लक्ष्य सिर्फ सभी स्टेशनों को कवर करना नहीं था, बल्कि यात्रा को पहले के मुकाबले ज्यादा कुशल तरीके से पूरा करना था।
पहली कोशिश में जहां उन्हें 16 घंटे से ज्यादा समय लगा था, वहीं इस बार उन्होंने इसे घटाकर 14 घंटे 54 मिनट 36 सेकंड कर दिया। यानी अपने पुराने प्रदर्शन में उन्होंने करीब 1 घंटे 7 मिनट 41 सेकंड का सुधार किया।
यह उपलब्धि बताती है कि किसी चुनौती में सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि पिछली गलतियों से सीखना और बेहतर रणनीति बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
प्रफुल्ल सिंह की उपलब्धि से क्या सीख मिलती है?
प्रफुल्ल सिंह का यह रिकॉर्ड सिर्फ एक मेट्रो यात्रा की कहानी नहीं है। यह बेहतर तैयारी, अनुभव और लगातार सुधार की मिसाल भी है।
उन्होंने पहले प्रयास में सामने आई समस्या को समझा, अपनी रणनीति बदली और दूसरी कोशिश में बेहतर परिणाम हासिल किया। साथ ही, मेट्रो नेटवर्क के बारे में उनकी पेशेवर जानकारी ने उन्हें सही फैसले लेने में मदद की।
दिल्ली मेट्रो के विशाल नेटवर्क को इतने कम समय में कवर करके उन्होंने यह साबित किया कि सही प्लानिंग, अनुभव और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।


