NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    adobe-employee-25-years-tech-job-100-applications-school-bus-driver
    25 साल का टेक अनुभव, 100+ आवेदन फिर भी नौकरी नहीं! अब स्कूल बस चलाने की तैयारी कर रहा Adobe कर्मचारी
    17 अगस्त 2026
    cea-v-anantha-nageswaran-e10-petrol-e20-controversy
    CEA Nageswaran: ‘फिर शुरू करो E10 पेट्रोल की बिक्री…’ CEA अनंत नागेश्वरन ने क्यों कहा ऐसा? जानिए पूरा सच
    17 अगस्त 2026
    skoda-slavia-facelift-5-big-changes-before-launch
    नई Skoda Slavia Facelift में क्या होगा खास? 18 अगस्त से पहले सामने आए 5 बड़े बदलाव
    17 अगस्त 2026
    amit-malviya-bjp-it-cell-chief-out-deepak-mhaske-social-media-incharge
    अमित मालवीय की BJP IT सेल से छुट्टी, अब दीपक म्हस्के संभालेंगे सोशल मीडिया की कमान
    17 अगस्त 2026
    dadi-nani-ki-kahaniyan-bachchon-ke-liye-kyun-zaroori-hain
    परिवार के राज से जिंदगी के सबक तक, बच्चों के लिए क्यों जरूरी हैं दादी-नानी की कहानियां?
    17 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-global-signals-interest-rates-dollar-bond-yield
    Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी कायम, जानिए ग्लोबल संकेत क्यों हैं अहम?
    17 अगस्त 2026
    gold-price-today-16-august-2026-weekly-gold-price-rise
    Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी
    16 अगस्त 2026
    purani-jewellery-bechne-par-tax-50000-profit-tax-calculation
    स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट गोल्ड के भाव में गिरावट; चांदी भी फिसली
    15 अगस्त 2026
    gold-price-today-14-august-2026-delhi-jaipur-lucknow-22-carat-gold-rate
    Gold Price Today: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोना फिसला; दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में ₹1,40,940 पर आया 22 कैरेट
    14 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली
    13 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    nippon-india-nfo-income-plus-arbitrage-omni-fund-17-august-2026
    Nippon India NFO: कम उतार-चढ़ाव और बेहतर टैक्स बेनिफिट वाला नया फंड लॉन्च, 17 अगस्त से कर सकेंगे निवेश
    17 अगस्त 2026
    tempsens-instruments-ipo-price-band-285-300-20-august-2026
    Tempsens Instruments IPO: ₹650 करोड़ के इश्यू के लिए ₹285-₹300 रहेगा प्राइस बैंड, 20 अगस्त से लगा सकेंगे पैसे
    17 अगस्त 2026
    market-outlook-18-august-nifty-sensex-support-resistance
    Market Outlook: बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, 18 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
    17 अगस्त 2026
    buzzing-stocks-hindustan-copper-bse-jagprepaid-share-news
    Buzzing Stocks: हिंदुस्तान कॉपर 7% उछाल के साथ बना आज का हीरो, जेफरीज के डाउनग्रेड से BSE में कमजोरी; जैगल प्रीपेड लोअर सर्किट पर
    17 अगस्त 2026
    /sensex-nifty-closes-red-investors-wealth-falls-87000-crore-nifty-24288/
    ₹87 हजार करोड़ घटी निवेशकों की दौलत, Sensex 281 प्वाइंट्स कमजोर, Nifty 24,288 पर बंद
    17 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: China+1 Strategy: चीन 1 लगाए तो भारत 3 लगाए! चीन को टक्कर देने के लिए अर्थशास्त्री ने बताया पूरा गेम प्लान
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

China+1 Strategy: चीन 1 लगाए तो भारत 3 लगाए! चीन को टक्कर देने के लिए अर्थशास्त्री ने बताया पूरा गेम प्लान

Namam Sharma
Last updated: 2026/06/27 at 10:50 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
china-plus-one-strategy-india-vs-china-arvind-virmani-manufacturing-plan
SHARE

दुनिया की फैक्ट्रियां बदल रही हैं। अमेरिका-चीन तनाव, सप्लाई चेन संकट और बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच अब वैश्विक कंपनियां “China+1 Strategy” पर तेजी से काम कर रही हैं। यानी कंपनियां चीन पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय दूसरे देशों में भी मैन्युफैक्चरिंग बेस तैयार करना चाहती हैं। इस रेस में भारत को सबसे बड़े दावेदारों में माना जा रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत सच में चीन को चुनौती दे सकता है?

Contents
China+1 Strategy आखिर है क्या?“चीन जैसी फैक्ट्री नहीं चाहिए” — विरमानीभारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या है?भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है?PLI Scheme ने कितना बदला खेल?असली समस्या नीति नहीं, उसका लागू होना?वियतनाम क्यों आगे निकल रहा?राज्यों की भूमिका क्यों अहम है?भारत को अब क्या करना होगा?1. टैक्स विवाद तेजी से खत्म करने होंगे2. राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ानी होगी3. Logistics Cost घटानी होगी4. Skilled Workforce तैयार करनी होगी5. Export Ecosystem मजबूत करना होगाक्या भारत चीन को पीछे छोड़ सकता है?

इसी मुद्दे पर जाने-माने अर्थशास्त्री और नीति आयोग के पूर्व सदस्य अरविंद विरमानी ने बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि भारत को चीन की हूबहू नकल करने की जरूरत नहीं है। भारत अपनी अलग रणनीति के जरिए भी चीन से मुकाबला कर सकता है।

नई दिल्ली में एनएनआई से बातचीत के दौरान विरमानी ने भारत की मैन्युफैक्चरिंग रणनीति, विदेशी निवेश, टैक्स सिस्टम, पीएलआई स्कीम और राज्यों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने साफ कहा कि अगर भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का बड़ा केंद्र बनना है तो सिर्फ घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर तेज सुधार दिखाने होंगे।

China+1 Strategy आखिर है क्या?

पिछले कुछ वर्षों में दुनिया की बड़ी कंपनियों ने महसूस किया कि चीन पर अत्यधिक निर्भरता जोखिम भरी हो सकती है। कोविड महामारी, लॉकडाउन, अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर और ताइवान तनाव जैसे घटनाक्रमों ने ग्लोबल कंपनियों को झटका दिया।

इसी के बाद “China+1 Strategy” तेजी से लोकप्रिय हुई। इसका मतलब है कि कंपनियां चीन के अलावा कम से कम एक और देश में उत्पादन क्षमता विकसित करें ताकि संकट की स्थिति में सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित न हो।

भारत, वियतनाम, मेक्सिको, इंडोनेशिया और थाईलैंड जैसे देश इस बदलाव का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चीन पहले से ही विशाल मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बना चुका है।

“चीन जैसी फैक्ट्री नहीं चाहिए” — विरमानी

अरविंद विरमानी का सबसे बड़ा तर्क यही है कि भारत को चीन की 10,000 मजदूरों वाली विशाल फैक्ट्रियों की नकल करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर चीन की एक बड़ी फैक्ट्री में 10,000 कर्मचारी काम करते हैं तो भारत दो या तीन फैक्ट्रियों में 5,000-5,000 कर्मचारियों के जरिए भी वही प्रतिस्पर्धा पैदा कर सकता है। यानी भारत का मॉडल अलग हो सकता है, लेकिन प्रभावी होना चाहिए।

यही वजह है कि विरमानी ने “1 के मुकाबले 3” वाली रणनीति समझाई। उनका मानना है कि भारत को छोटे लेकिन अधिक कुशल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने चाहिए। इससे रोजगार भी बढ़ेगा और निवेश का जोखिम भी कम होगा।

भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

हालांकि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में पीएलआई स्कीम, कॉरपोरेट टैक्स कटौती और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश जैसे कदम उठाए हैं, लेकिन विदेशी निवेशकों की कई शिकायतें अब भी बनी हुई हैं।

विरमानी के मुताबिक, भारत की टैक्स गवर्नेंस व्यवस्था अभी भी विदेशी कंपनियों के लिए चिंता का विषय है। इसमें इनकम टैक्स विवाद, जीएसटी की जटिलता और लंबे समय तक चलने वाले केस शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि जब एक विदेशी निवेशक दूसरे निवेशक से बात करता है और सुनता है कि उसका टैक्स विवाद 15-20 साल से अटका हुआ है, तो यह भारत की छवि को नुकसान पहुंचाता है। निवेशक स्थिरता और पूर्वानुमान चाहते हैं। अगर नीति स्पष्ट न हो या विवाद जल्दी न सुलझें तो कंपनियां निवेश से बचती हैं।

भारत की सबसे बड़ी ताकत क्या है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसका विशाल घरेलू बाजार और युवा आबादी है। चीन की तुलना में भारत में श्रम लागत कई सेक्टर में कम है। इसके अलावा भारत के पास डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी क्षमता और लोकतांत्रिक व्यवस्था जैसी खूबियां भी हैं।

Apple, Samsung, Foxconn, Dixon Technologies और Tata Electronics जैसी कंपनियां पहले ही भारत में बड़े निवेश कर रही हैं। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में भारत तेजी से उभरा है। सरकार का दावा है कि भारत अब दुनिया के प्रमुख स्मार्टफोन एक्सपोर्टर्स में शामिल हो रहा है।

लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा टेक्सटाइल, सेमीकंडक्टर, ऑटो कंपोनेंट, सोलर इक्विपमेंट और केमिकल सेक्टर में भी बड़े निवेश की जरूरत है।

PLI Scheme ने कितना बदला खेल?

भारत सरकार ने 2020 में Production Linked Incentive (PLI) Scheme शुरू की थी। इसका मकसद था मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना, एक्सपोर्ट बढ़ाना, रोजगार पैदा करना, ग्लोबल कंपनियों को भारत लाना इस योजना के तहत कंपनियों को अतिरिक्त उत्पादन पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है। सरकार का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल फोन सेक्टर में पीएलआई स्कीम का असर साफ दिखा है। भारत का मोबाइल एक्सपोर्ट पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। हालांकि कई सेक्टर में अभी भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं।

असली समस्या नीति नहीं, उसका लागू होना?

विरमानी ने एक बेहद अहम बात कही। उनके मुताबिक भारत की समस्या कई बार नीति में नहीं, बल्कि उसके implementation यानी लागू करने की प्रक्रिया में होती है।

उदाहरण के तौर पर Single Window Clearance का दावा तो किया जाता है लेकिन असल में कंपनियों को कई विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं डिजिटल सिस्टम कई बार समय पर काम नहीं करते Export approvals में देरी होती है यही वजह है कि कई निवेशक भारत की बजाय वियतनाम जैसे देशों को आसान विकल्प मानते हैं।

वियतनाम क्यों आगे निकल रहा?

पिछले कुछ वर्षों में वियतनाम ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में जबरदस्त बढ़त हासिल की है। Samsung जैसी कंपनियों ने वहां बड़े प्लांट लगाए हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि वियतनाम की सफलता के पीछे कुछ प्रमुख कारण हैं:

  • तेज approvals
  • कम bureaucratic delays
  • export-focused policies
  • बेहतर logistics
  • aggressive FTA strategy

भारत के पास बड़ा बाजार जरूर है, लेकिन ease of doing business में अभी काफी सुधार की जरूरत है।

राज्यों की भूमिका क्यों अहम है?

विरमानी ने राज्यों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राज्य सिर्फ कागजों पर “Single Window Clearance” का दावा करते हैं, जबकि वास्तविकता अलग होती है। उन्होंने आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों ने कारोबारी माहौल सुधारने की कोशिश की है। लेकिन निवेशकों के मन में पुराने अनुभवों की छवि अब भी बनी हुई है।

यानी सिर्फ नीति बनाना काफी नहीं, बल्कि निवेशकों का भरोसा जीतना भी जरूरी है।

भारत को अब क्या करना होगा?

अगर भारत सच में China+1 Strategy का सबसे बड़ा लाभ उठाना चाहता है तो उसे अगले 5 वर्षों में कुछ बड़े कदम उठाने होंगे:

1. टैक्स विवाद तेजी से खत्म करने होंगे

विदेशी निवेशकों को policy certainty चाहिए।

2. राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ानी होगी

जिस राज्य में approval और logistics बेहतर होंगे, निवेश वहीं जाएगा।

3. Logistics Cost घटानी होगी

भारत में logistics cost अभी GDP के मुकाबले काफी ज्यादा मानी जाती है।

4. Skilled Workforce तैयार करनी होगी

Manufacturing growth के लिए trained manpower जरूरी है।

5. Export Ecosystem मजबूत करना होगा

Ports, highways, freight corridors और customs efficiency में तेजी लानी होगी।

क्या भारत चीन को पीछे छोड़ सकता है?

विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में भारत पूरी तरह चीन की जगह नहीं ले सकता। चीन का मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क दशकों में बना है। लेकिन भारत कई सेक्टर में मजबूत विकल्प जरूर बन सकता है। विशेषकर Electronics, Pharmaceuticals, Chemicals, Renewable Energy, Defence Manufacturing जैसे क्षेत्रों में भारत के पास बड़ी संभावना है।

दुनिया की कंपनियां अब सिर्फ सस्ता श्रम नहीं, बल्कि स्थिर सप्लाई चेन, भरोसेमंद नीति और तेज execution चाहती हैं। भारत अगर इन तीनों मोर्चों पर सुधार कर लेता है तो आने वाले वर्षों में वह वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बन सकता है।

लेटेस्ट रेट्स और मार्केट अपडेट्स के लिए NewsJagran पर आज का सोने का भाव, आज का चांदी का भाव, आज का पेट्रोल-डीजल भाव, आज का LPG रेट, CNG रेट, PNG रेट, कच्चे तेल का भाव, डॉलर-रुपया रेट और IPO GMP Today देखें।

You Might Also Like

25 साल का टेक अनुभव, 100+ आवेदन फिर भी नौकरी नहीं! अब स्कूल बस चलाने की तैयारी कर रहा Adobe कर्मचारी

CEA Nageswaran: ‘फिर शुरू करो E10 पेट्रोल की बिक्री…’ CEA अनंत नागेश्वरन ने क्यों कहा ऐसा? जानिए पूरा सच

नई Skoda Slavia Facelift में क्या होगा खास? 18 अगस्त से पहले सामने आए 5 बड़े बदलाव

अमित मालवीय की BJP IT सेल से छुट्टी, अब दीपक म्हस्के संभालेंगे सोशल मीडिया की कमान

परिवार के राज से जिंदगी के सबक तक, बच्चों के लिए क्यों जरूरी हैं दादी-नानी की कहानियां?

TAGGED: Arvind Virmani, business news, China vs India, China+1 Strategy, economic growth, export news, foreign investment, Global Manufacturing, India manufacturing, indian economy, Make in India, Manufacturing News, PLI scheme, Supply Chain
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article lpg-crisis-india-lpg-tanker-arrival-hormuz-strait-gas-supply LPG संकट के बीच भारत को बड़ी राहत, दो टैंकरों से 47 लाख परिवारों के लिए गैस का इंतजाम
Next Article oil-price-110-dollar-india-china-japan-energy-corridor-plan $110 तक पहुंच सकता है कच्चा तेल! भारत ने चीन-जापान के साथ बनाई बड़ी रणनीति, ऐसे बचाई जाएगी सप्लाई

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: Tempsens Instruments का GMP 44%, Shiprocket समेत इन IPOs में भी दिख रही तेजी
शेयर बाज़ार फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?