आंध्र प्रदेश के अविनाश माडा ने परिवार पर 40 लाख रुपये का कर्ज होने के बाद B.Tech छोड़ दी। डिजिटल मार्केटिंग और SEO सीखकर अपना बिजनेस शुरू किया और आज 80 लाख रुपये सालाना कमाने का दावा करते हैं।
40 लाख के कर्ज ने छुड़वाई B.Tech की पढ़ाई, आज 80 लाख सालाना कमाते हैं अविनाश माडा; संघर्ष से सफलता तक का सफर
कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर खड़ी कर देती है, जहां तय रास्ता छोड़कर नया रास्ता चुनना मजबूरी भी बन जाता है और वही आगे चलकर सफलता की वजह भी बन जाता है। आंध्र प्रदेश के रहने वाले अविनाश माडा की कहानी कुछ ऐसी ही है। परिवार पर करीब 40 लाख रुपये का कर्ज होने के कारण उन्हें अपनी B.Tech की पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। नौकरी की तलाश करने के बजाय उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और SEO सीखकर अपना बिजनेस शुरू किया। आज वह दावा करते हैं कि उनके कारोबार से हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की कमाई हो रही है।
सोशल मीडिया पर शेयर की गई उनकी कहानी तेजी से वायरल हो रही है और हजारों लोग इसे प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देख रहे हैं।
जब परिवार पर चढ़ गया 40 लाख रुपये का कर्ज
Meet Avinash Mada, a https://t.co/Ws1j7hoGgc first-year dropout who now earns more than ₹80 lakh per year without any investment. He is the founder of IG Accelerators and Freedom with AI.
He comes from Andhra Pradesh. His father is a farmer, and his mother is a homemaker. When… pic.twitter.com/t4lAvaSHCE
— Vikas Alwys (@VikasAlwys) July 30, 2026 अविनाश माडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि जब वह 18 साल के थे, तब उनके परिवार पर बड़ा आर्थिक संकट आ गया। उनके पिता किसान हैं और खेती से जुड़े कारोबार में भारी नुकसान होने के कारण परिवार पर लगभग 40 लाख रुपये का कर्ज हो गया।
इस कठिन दौर में पूरे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ गया। अविनाश के मुताबिक, उनकी मां ने पूरे परिवार का मनोबल बनाए रखा और सभी ने मिलकर मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया। इसी दौरान वह B.Tech के पहले वर्ष में पढ़ाई कर रहे थे।
नौकरी से जल्दी नहीं उतरता कर्ज
अविनाश ने बताया कि उन्होंने अपनी स्थिति का गंभीरता से आकलन किया। उन्हें महसूस हुआ कि अगर वह पढ़ाई पूरी करके सामान्य नौकरी भी कर लें और 30 से 40 हजार रुपये प्रति महीने की सैलरी मिले, तब भी परिवार का कर्ज चुकाने में कई साल लग जाएंगे।
उन्होंने लिखा कि इसी सोच ने उन्हें पारंपरिक करियर की बजाय कुछ अलग करने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना था कि केवल डिग्री हासिल करना उस समय उनकी सबसे बड़ी समस्या का समाधान नहीं था।
B.Tech छोड़कर सीखी डिजिटल मार्केटिंग और SEO
परिवार की आर्थिक जरूरतों को देखते हुए अविनाश ने कॉलेज छोड़ने का कठिन फैसला लिया। इसके बाद उन्होंने डिजिटल मार्केटिंग और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) सीखना शुरू किया।
हालांकि उन्हें बिजनेस का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी स्किल्स विकसित करने पर पूरा ध्यान दिया। कुछ समय बाद उन्होंने अपनी खुद की डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी शुरू की और छोटे-छोटे प्रोजेक्ट्स पर काम करना शुरू किया।
धीरे-धीरे उनके काम की गुणवत्ता के कारण उन्हें नए क्लाइंट्स मिलने लगे और उनका कारोबार बढ़ने लगा।
विदेशों से मिले प्रोजेक्ट, पहले साल में 30 लाख रुपये कमाने का दावा
अविनाश माडा के मुताबिक, 19 साल की उम्र तक उनकी एजेंसी को अमेरिका और ब्रिटेन के क्लाइंट्स से प्रोजेक्ट मिलने लगे।
उन्होंने दावा किया कि एजेंसी शुरू करने के पहले ही साल में उन्होंने लगभग 30 लाख रुपये की कमाई की। इसके बाद उन्होंने अपने कारोबार का विस्तार किया और नए क्षेत्रों में भी काम शुरू किया।
मां की एक बात बनी सबसे बड़ी प्रेरणा
अविनाश ने बताया कि कॉलेज छोड़ने का फैसला आसान नहीं था। उन्हें भविष्य को लेकर काफी डर और असमंजस था।
ऐसे समय में उनकी मां ने उनका पूरा साथ दिया। उन्होंने कहा,
“पहले अपने बिजनेस में किस्मत आजमाओ। अगर सफलता नहीं मिली तो पढ़ाई दोबारा शुरू करने का मौका हमेशा रहेगा।”
अविनाश के अनुसार, मां के इन शब्दों ने उन्हें आत्मविश्वास दिया और आगे बढ़ने की ताकत भी।
आज 80 लाख रुपये सालाना कमाने का दावा
अविनाश माडा के अनुसार, वह वर्तमान में IG Accelerators और Freedom with AI नामक दो कंपनियों के संस्थापक हैं।
उनका दावा है कि दोनों कारोबार बिना किसी बड़े शुरुआती निवेश के हर साल 80 लाख रुपये से अधिक की आय दे रहे हैं। उनका मानना है कि नई स्किल्स सीखना, समय पर सही निर्णय लेना और जोखिम उठाने का साहस ही उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजह बना।
उन्होंने कहा,
“कई बार जिंदगी के सबसे बड़े मौके तब मिलते हैं, जब आप तयशुदा रास्ते से हटकर कुछ नया करने का साहस दिखाते हैं।”
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ
अविनाश की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हजारों यूजर्स ने उनके संघर्ष और सफलता की सराहना की।
एक यूजर ने लिखा,
“यह बेहद प्रेरणादायक सफर है। जोखिम लेना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी लगातार नई और उपयोगी स्किल्स सीखते रहना है।”
दूसरे यूजर ने लिखा,
“उन्होंने सिर्फ कॉलेज नहीं छोड़ा, बल्कि अपने परिवार की सबसे बड़ी समस्या का समाधान खोजने का साहस दिखाया।”
वहीं एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की,
“एक दिन ऐसा भी आएगा, जब मेरी कहानी भी इसी तरह लोग पढ़ेंगे।”
सफलता की कहानी से क्या सीख मिलती है?
अविनाश माडा की कहानी यह बताती है कि कठिन परिस्थितियां इंसान को बड़े फैसले लेने के लिए मजबूर कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के लिए पढ़ाई छोड़ना सामान्य या अनुशंसित विकल्प नहीं माना जा सकता। हर व्यक्ति की परिस्थितियां अलग होती हैं। लेकिन नई स्किल्स सीखना, लगातार मेहनत करना और अवसरों को पहचानना किसी भी करियर में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभा सकता है।
नोट: इस लेख में दी गई आय, कारोबार और अन्य दावे अविनाश माडा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी पर आधारित हैं। इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन नहीं किया गया है।


