नई दिल्ली: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और इसके असर से कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया है। कई इलाकों में जलभराव, बाढ़ और फ्लैश फ्लड जैसी स्थिति देखने को मिल रही है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 अगस्त (रविवार) के लिए देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
2 अगस्त को इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को निम्न राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
- राजस्थान
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल
- सिक्किम
- नागालैंड
- मणिपुर
- मिजोरम
- त्रिपुरा
- तटीय कर्नाटक
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक
- केरल और माहे
इन क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन जैसी घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
दिल्ली-यूपी, बिहार समेत 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने रविवार को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रभावित राज्यों में शामिल हैं—
उत्तर भारत
- दिल्ली-एनसीआर
- हरियाणा
- चंडीगढ़
- पूर्वी उत्तर प्रदेश
- पंजाब
- हिमाचल प्रदेश
- उत्तराखंड
- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख
पूर्व एवं मध्य भारत
- बिहार
- ओडिशा
- गुजरात
- मध्य महाराष्ट्र
- कोंकण और गोवा
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
पूर्वोत्तर भारत
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
इन राज्यों में कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।
इन राज्यों में चलेगी 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवा
बारिश के साथ कई राज्यों में तेज हवाएं भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल का अलर्ट
- आंतरिक कर्नाटक
40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं
- अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
- तटीय आंध्र प्रदेश और यनम
- तटीय कर्नाटक
- झारखंड
- केरल और माहे
- लक्षद्वीप
- तमिलनाडु
- पुडुचेरी और कराईकल
- पश्चिम मध्य प्रदेश
इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका
आईएमडी के अनुसार निम्न राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
- बिहार
- पूर्वी मध्य प्रदेश
- गांगेय पश्चिम बंगाल
- जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख
- राजस्थान
- तेलंगाना
वहीं निम्न क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
- अरुणाचल प्रदेश
- असम
- मेघालय
- छत्तीसगढ़
- नागालैंड
- मणिपुर
- मिजोरम
- त्रिपुरा
- ओडिशा
- उत्तराखंड
- विदर्भ
अगस्त में कैसा रहेगा मानसून?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार अगस्त 2026 में पूरे देश में औसत से कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि एल नीनो की स्थिति मानसून की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है, जिससे कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
- गरज-चमक के समय खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करें।
- पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतें।


