देश के करोड़ों गरीब, निम्न आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार अब प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाले बीमा और पेंशन लाभ को बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो बेहद कम प्रीमियम पर लोगों को पहले से ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है।
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने संकेत दिए हैं कि सरकार इन योजनाओं की कवरेज राशि बढ़ाने के विकल्पों का अध्ययन कर रही है। उनका कहना है कि इन योजनाओं ने वित्तीय समावेशन को मजबूत किया है और अब तक करीब 57 करोड़ लोग इनसे जुड़ चुके हैं। यही वजह है कि सरकार अब इनके लाभों को और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
2015 में शुरू हुई थीं तीन बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने मई 2015 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली के नेतृत्व में तीन अहम योजनाएं लॉन्च की थीं। इनका मकसद उन लोगों तक बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं पहुंचाना था, जो नौकरीपेशा नहीं हैं और जिन्हें किसी कॉर्पोरेट या सरकारी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ नहीं मिलता।
इन योजनाओं में शामिल हैं:
- प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)
- प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)
- अटल पेंशन योजना (APY)
इन योजनाओं ने खासतौर पर दिहाड़ी मजदूरों, छोटे कारोबारियों, ग्रामीण परिवारों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को सुरक्षा कवच देने में बड़ी भूमिका निभाई है।
PMJJBY में 2 लाख से बढ़कर 5 लाख हो सकता है बीमा कवर
सरकार सबसे बड़ा बदलाव प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में कर सकती है। फिलहाल इस योजना में 18 से 50 साल तक के लोगों को सिर्फ ₹436 सालाना प्रीमियम देकर ₹2 लाख का जीवन बीमा मिलता है। यानी रोजाना करीब ₹1.20 खर्च करके व्यक्ति अपने परिवार को आर्थिक सुरक्षा दे सकता है।
अब सरकार इस बीमा कवर को बढ़ाकर ₹5 लाख करने पर विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में बीमा कंपनियों से इस संभावित बदलाव पर राय मांगी गई है। सरकार यह समझना चाहती है कि बढ़े हुए कवर के बाद प्रीमियम कितना होगा और योजना कितनी टिकाऊ रहेगी।
सरकार किन पहलुओं पर कर रही है विचार?
बैंकिंग सचिव के मुताबिक फिलहाल कई विकल्पों का विश्लेषण किया जा रहा है। सरकार यह देख रही है कि:
- बढ़ा हुआ प्रीमियम आम लोगों के लिए किफायती रहेगा या नहीं
- बीमा कंपनियों पर लागत कितनी बढ़ेगी
- योजना को लागू करने की प्रशासनिक लागत कितनी होगी
- ज्यादा कवरेज देने पर योजना लंबे समय तक टिकाऊ रहेगी या नहीं
सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि गरीब और निम्न आय वर्ग के लोग बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के बेहतर सुरक्षा पा सकें।
PMSBY में भी बढ़ सकता है दुर्घटना बीमा कवर
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना देश की सबसे सस्ती दुर्घटना बीमा योजनाओं में गिनी जाती है। इसमें केवल ₹20 सालाना प्रीमियम पर ₹2 लाख तक का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल खर्च और महंगाई बढ़ने के बाद यह कवर अब पर्याप्त नहीं माना जा रहा। ऐसे में सरकार इसमें भी बीमा राशि बढ़ाने पर विचार कर सकती है।
PMSBY की मौजूदा खास बातें:
- सालाना प्रीमियम: ₹20
- दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख
- आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख
- आयु सीमा: 18 से 70 वर्ष
अटल पेंशन योजना में भी हो सकता है बड़ा बदलाव
अटल पेंशन योजना (APY) असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए रिटायरमेंट सुरक्षा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसमें निवेश करने पर 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड पेंशन मिलती है।
अब सरकार इस पेंशन सीमा को बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार कर सकती है क्योंकि महंगाई बढ़ने के साथ मौजूदा पेंशन राशि भविष्य में कम पड़ सकती है।
APY की प्रमुख बातें:
- जुड़ने की उम्र: 18 से 40 साल
- 60 साल के बाद गारंटीड पेंशन
- मासिक पेंशन: ₹1,000 से ₹5,000
- पति/पत्नी को भी लाभ की सुविधा
क्यों जरूरी हो गया है कवरेज बढ़ाना?
पिछले 10 वर्षों में स्वास्थ्य खर्च, जीवनयापन लागत और आर्थिक जोखिम तेजी से बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:
- ₹2 लाख का बीमा अब कई परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं
- मेडिकल और जीवन खर्च पहले से काफी बढ़ चुके हैं
- असंगठित क्षेत्र के करोड़ों लोगों के पास अभी भी कोई बड़ी सुरक्षा व्यवस्था नहीं
- महंगाई के कारण पेंशन की वास्तविक वैल्यू घट रही है
इसी वजह से सरकार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को नए दौर के हिसाब से अपडेट करना चाहती है।
वित्तीय समावेशन में बड़ी भूमिका
इन योजनाओं को भारत में वित्तीय समावेशन की सबसे सफल पहलों में गिना जाता है। जनधन खातों, आधार और डिजिटल बैंकिंग के साथ मिलकर इन योजनाओं ने गांवों और छोटे शहरों तक बीमा और पेंशन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सरकार का दावा है कि करोड़ों लोग पहली बार किसी औपचारिक बीमा और पेंशन व्यवस्था से जुड़े हैं। यही वजह है कि अब इन योजनाओं का दायरा और लाभ दोनों बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
आने वाले महीनों में हो सकता है बड़ा ऐलान
सरकार की तरफ से फिलहाल अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि आने वाले समय में इन योजनाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर कवरेज बढ़ता है तो करोड़ों परिवारों को कम प्रीमियम में ज्यादा आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। खासतौर पर निम्न आय वर्ग और असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए यह बड़ा राहत भरा कदम साबित हो सकता है।
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