सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तीसरे दिन मजबूती देखने को मिल रही है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों की सुरक्षित निवेश (safe haven) की ओर बढ़ती मांग ने एक बार फिर बुलियन मार्केट को सपोर्ट दिया है। इसका असर साफ तौर पर भारतीय वायदा बाजार MCX और घरेलू सर्राफा बाजार दोनों में देखा जा रहा है, जहां कीमती धातुएं लगातार ऊंचे स्तर पर ट्रेड कर रही हैं।
आज सुबह के सत्र में सोने की कीमतों में ₹300 से अधिक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि चांदी में ₹1100 प्रति किलो से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ दिनों से वैश्विक बाजार में भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सोने की कीमतों में लगातार मजबूती
सुबह 10:30 बजे के आसपास मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,52,607 के स्तर पर ट्रेड कर रही थी, जिसमें करीब ₹346 प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी लगातार तीसरे दिन जारी रही है, जिससे निवेशकों में खरीदारी का रुझान और मजबूत हुआ है।
इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान सोने ने ₹1,52,103 का हाई और ₹1,52,454 का लो बनाया। यह दिखाता है कि बाजार में वोलैटिलिटी के बावजूद सोने में मजबूत सपोर्ट बना हुआ है और निवेशक इसे सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सोने की कीमतें निकट भविष्य में और ऊंचे स्तर को टेस्ट कर सकती हैं, खासकर अगर डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव जारी रहता है।
चांदी में भी तेज उछाल, इंडस्ट्रियल डिमांड का असर
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी निवेशकों को आकर्षित किया है। सुबह 10:30 बजे MCX पर 1 किलो चांदी की कीमत ₹2,59,700 के आसपास ट्रेड कर रही थी, जिसमें ₹1160 प्रति किलो की मजबूती दर्ज की गई।
दिन के कारोबार में चांदी ने ₹2,58,426 का लो और ₹2,61,811 का हाई बनाया। यह तेजी केवल निवेश मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि इंडस्ट्रियल सेक्टर से आ रही मजबूत डिमांड भी इसमें अहम भूमिका निभा रही है।
सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है, जिससे इसकी कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट मिल रहा है।
लगातार तीसरे दिन क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस तेजी के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर जिम्मेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेड की नीति, और मिडिल ईस्ट में तनाव जैसी स्थितियों ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट्स की ओर मोड़ा है।
इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी सोने-चांदी को मजबूती दे रहा है। भारत जैसे आयात-निर्भर बाजार में इन वैश्विक संकेतों का सीधा असर दिखाई देता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत मिल रहे हैं?
लगातार तीसरे दिन की यह तेजी यह संकेत देती है कि बाजार में अभी भी बुलिश सेंटिमेंट मजबूत है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इतनी तेज चाल के बाद कुछ समय के लिए प्रॉफिट बुकिंग भी देखने को मिल सकती है।
फिलहाल निवेशकों के लिए स्थिति यह है कि सोना और चांदी दोनों ही मजबूत ट्रेंड में हैं, लेकिन एंट्री और एग्जिट टाइमिंग बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
निष्कर्ष
8 मई 2026 के कारोबारी सत्र में सोना और चांदी दोनों ने लगातार तीसरे दिन मजबूती दिखाकर बाजार का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जहां सोना ₹1.52 लाख के ऊपर मजबूती बनाए हुए है, वहीं चांदी ₹2.59 लाख के करीब ट्रेड कर रही है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच यह साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में भी कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, और निवेशकों की नजर अब अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर टिकी रहेगी।
Also Read:


