14 अप्रैल 2026 को पूरे देश में Ambedkar Jayanti बड़े सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi और राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने भारतीय संविधान के निर्माता B. R. Ambedkar को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा साहेब के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके राष्ट्र निर्माण के प्रयास आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं और एक न्यायपूर्ण व प्रगतिशील समाज बनाने की दिशा दिखाते हैं।
PM Modi का संदेश: “राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा”
Tributes to Dr. Babasaheb Ambedkar on his birth anniversary. His efforts towards nation building are deeply motivating. His life and work continue to inspire generations to build a just and progressive society. pic.twitter.com/MWHUTlpf9Y
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026 Narendra Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर अपने संदेश में लिखा:
“डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। उनके राष्ट्र निर्माण के प्रयास बेहद प्रेरणादायक हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहेब का जीवन और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को एक न्यायसंगत और समावेशी भारत बनाने की दिशा में प्रेरित करते रहेंगे।
यह संदेश न केवल श्रद्धांजलि है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आज के भारत में आंबेडकर के विचार कितने प्रासंगिक हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का श्रद्धा संदेश
Droupadi Murmu ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए बाबा साहेब को याद किया।
उन्होंने कहा कि:
- आंबेडकर एक महान विधिवेत्ता और अर्थशास्त्री थे
- उन्होंने सामाजिक समानता के लिए जीवनभर संघर्ष किया
- उन्होंने वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए ऐतिहासिक कार्य किए
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि आंबेडकर ने महिलाओं की शिक्षा और अधिकारों को प्राथमिकता दी, जो आज भी भारतीय समाज के विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
कौन थे बाबा साहेब आंबेडकर?
B. R. Ambedkar भारतीय इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रहे हैं।
उनकी प्रमुख पहचान:
- भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार
- स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री
- सामाजिक न्याय के अग्रदूत
- दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के प्रतीक
उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश में एक गरीब दलित परिवार में हुआ था, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा के जरिए अपने जीवन को बदल दिया।
संविधान निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका
भारत का संविधान दुनिया के सबसे विस्तृत और मजबूत संविधानों में से एक है, और इसका श्रेय काफी हद तक B. R. Ambedkar को जाता है।
उन्होंने संविधान में:
- समानता का अधिकार
- मौलिक अधिकार
- सामाजिक न्याय
- लोकतांत्रिक मूल्यों
को मजबूत आधार दिया।
इसी वजह से उन्हें “भारतीय संविधान का जनक” कहा जाता है।
सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष
आंबेडकर का जीवन केवल राजनीति तक सीमित नहीं था। उन्होंने समाज में फैली असमानता के खिलाफ खुलकर आवाज उठाई।
उनके संघर्ष के प्रमुख क्षेत्र:
- जातिगत भेदभाव के खिलाफ आंदोलन
- शिक्षा के अधिकार को बढ़ावा
- महिलाओं के अधिकारों की रक्षा
- दलित समुदाय को सम्मान दिलाना
उनकी सोच थी कि शिक्षा, संगठन और संघर्ष के जरिए समाज में बदलाव लाया जा सकता है।
क्यों आज भी प्रासंगिक हैं आंबेडकर?
आज के दौर में भी आंबेडकर के विचार बेहद महत्वपूर्ण हैं।
1. सामाजिक समानता
आज भी समाज में कई तरह की असमानताएं मौजूद हैं, जिनसे निपटने के लिए उनके विचार जरूरी हैं।
2. लोकतंत्र की मजबूती
भारत का लोकतंत्र उनके बनाए संविधान पर आधारित है।
3. महिलाओं का सशक्तिकरण
उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को प्राथमिकता दी, जो आज भी एक बड़ा मुद्दा है।
Ambedkar Jayanti का महत्व
Ambedkar Jayanti सिर्फ एक जयंती नहीं है, बल्कि यह:
- सामाजिक न्याय का प्रतीक
- समानता का संदेश
- संविधान के मूल्यों को याद करने का दिन
इस दिन देशभर में:
- कार्यक्रम आयोजित होते हैं
- रैलियां और श्रद्धांजलि सभाएं होती हैं
- उनके विचारों पर चर्चा की जाती है
भारत रत्न से सम्मानित
B. R. Ambedkar को 1990 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
यह उनके योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति का प्रतीक है।
आज के भारत के लिए क्या सीख?
आंबेडकर का जीवन हमें कई महत्वपूर्ण बातें सिखाता है:
- शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है
- समानता के बिना विकास संभव नहीं
- संविधान का सम्मान जरूरी है
- समाज में बदलाव के लिए जागरूकता जरूरी है
निष्कर्ष
Ambedkar Jayanti 2026 के अवसर पर Narendra Modi और Droupadi Murmu द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह दर्शाती है कि बाबा साहेब का योगदान आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना स्वतंत्रता के समय था।
उनका जीवन और विचार हमें एक ऐसे भारत की ओर ले जाते हैं जहां:
- समानता हो
- न्याय हो
- हर व्यक्ति को अवसर मिले
Also Read:


