New Delhi [India], April 12 : दिल्ली के चर्चित AI Summit Protest केस में Manish Sharma को बड़ी राहत मिली है। Patiala House Court ने शनिवार को उन्हें अग्रिम जमानत (anticipatory bail) दे दी।
अदालत ने साफ कहा कि इस मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ (custodial interrogation) की जरूरत नहीं है। इससे पहले भी उन्हें अंतरिम सुरक्षा मिल चुकी थी।
कोर्ट का फैसला क्या रहा?
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Amit Bansal ने मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि:
- आरोपी के फरार होने की कोई आशंका नहीं है
- उन्होंने पहले मिली अंतरिम राहत का दुरुपयोग नहीं किया
- जांच में सहयोग करने का निर्देश जारी रहेगा
कोर्ट ने आदेश दिया कि गिरफ्तारी की स्थिति में उन्हें ₹1 लाख के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 20 फरवरी को AI Impact Summit के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार:
- मनीष शर्मा इस विरोध के “मुख्य साजिशकर्ता” बताए गए
- विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में प्रदर्शन किया गया
- यह प्रदर्शन प्रतिबंधित क्षेत्र में हुआ
पुलिस ने 2 अप्रैल को उन्हें 7 दिन का नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उन्होंने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया।
पुलिस का क्या आरोप है?
अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल D P Singh ने कोर्ट में कहा कि:
- मनीष शर्मा ने सह-आरोपियों के साथ बैठक की थी
- 16 फरवरी से 18 फरवरी के बीच रेकी (recce) की गई
- 20 फरवरी को सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन किया गया
पुलिस ने यह भी दावा किया कि:
- कुल 16 लोग मौके पर मौजूद थे
- 12 लोग प्रदर्शन कर रहे थे
- 4 लोग फोटो और वीडियो बना रहे थे
- 4 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया
बचाव पक्ष की दलील
मनीष शर्मा की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि:
- वह जांच में सहयोग कर रहे हैं
- उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है
- गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है
कोर्ट ने इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत दी।
कोर्ट ने किन शर्तों पर दी जमानत?
अदालत ने कुछ शर्तों के साथ अग्रिम जमानत मंजूर की:
- जांच अधिकारी के बुलाने पर पेश होना होगा
- जांच में पूरा सहयोग करना होगा
- बिना अनुमति कहीं बाहर नहीं जाना होगा (यदि निर्देश दिया जाए)
क्यों अहम है यह फैसला?
यह मामला इसलिए संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि:
- कार्यक्रम में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल थे
- अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि जुड़ी थी
- सुरक्षा और प्रोटोकॉल का मुद्दा था
कोर्ट का यह फैसला दिखाता है कि फिलहाल जांच के लिए हिरासत जरूरी नहीं मानी गई, लेकिन केस अभी खत्म नहीं हुआ है।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में आगे की जांच जारी रहेगी। पुलिस सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर चार्जशीट दाखिल कर सकती है।
मनीष शर्मा को फिलहाल राहत मिल गई है, लेकिन उन्हें जांच में लगातार सहयोग करना होगा।
निष्कर्ष
AI Summit Protest केस में पटियाला हाउस कोर्ट का यह फैसला मनीष शर्मा के लिए बड़ी राहत है। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ कर दिया है कि जांच जारी रहेगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।
यह मामला आने वाले समय में और राजनीतिक व कानूनी बहस का विषय बन सकता है।
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