Adani Power Shareholding: अदाणी पावर लिमिटेड को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी के प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप ने अदाणी पावर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 74.96% कर ली है। इसके साथ ही प्रमोटर्स अब लिस्टेड कंपनियों में लागू 75% की अधिकतम प्रमोटर हिस्सेदारी सीमा के बेहद करीब पहुंच गए हैं। कंपनी में प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए सीधे बाजार से शेयर खरीदने के साथ-साथ ग्रुप की कई निवेश कंपनियों का भी इस्तेमाल किया गया है।
Highlights
- अदाणी पावर में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी बढ़कर 74.96% हुई।
- प्रमोटर्स अब SEBI की 75% अधिकतम हिस्सेदारी सीमा के बेहद करीब हैं।
- हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए बाजार से सीधे शेयर खरीदे गए।
- अदाणी ग्रुप की कई निवेश कंपनियों ने भी शेयरों का अधिग्रहण किया।
- अदाणी परिवार के कुछ युवा सदस्यों ने भी व्यक्तिगत रूप से शेयर खरीदे हैं।
JP Power से जुड़ी डील के बीच अदाणी पावर की हिस्सेदारी बढ़ी
नई दिल्ली। अदाणी ग्रुप की पावर सेक्टर की प्रमुख कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (Adani Power) से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है। कंपनी के प्रमोटर्स ने अपनी हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की है। यह खबर ऐसे समय सामने आई है जब अदाणी पावर का नाम JP Associates और JP Power से जुड़ी बड़ी कॉरपोरेट गतिविधियों के कारण भी चर्चा में है।
दिवालिया प्रक्रिया के बाद अदाणी ग्रुप ने Jaiprakash Associates (JP Associates) का अधिग्रहण किया है। इसके अलावा अदाणी पावर ने Jaiprakash Power Ventures (JP Power) में भी हिस्सेदारी हासिल की है। ऐसे में अदाणी पावर में प्रमोटर हिस्सेदारी का करीब 75% तक पहुंचना निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पहले प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप के पास अदाणी पावर की करीब 73.19% हिस्सेदारी थी। अब इसमें लगभग 1.77 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है और कुल प्रमोटर हिस्सेदारी 74.96% तक पहुंच गई है।
75% की सीमा के बेहद करीब पहुंची हिस्सेदारी
अदाणी पावर में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी अब SEBI द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा के बिल्कुल करीब है। भारतीय शेयर बाजार के मौजूदा नियमों के तहत किसी लिस्टेड कंपनी में प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी सामान्य तौर पर 75% से अधिक नहीं हो सकती।
इस लिहाज से 74.96% हिस्सेदारी का आंकड़ा खास महत्व रखता है। इसका मतलब है कि प्रमोटर ग्रुप के पास इस सीमा तक पहुंचने के बाद हिस्सेदारी बढ़ाने की गुंजाइश बेहद सीमित रह जाती है।
वहीं, किसी कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी का इतना ऊंचा स्तर कंपनी पर प्रमोटर ग्रुप के मजबूत नियंत्रण को भी दिखाता है। हालांकि, सिर्फ प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ने को शेयर की कीमत या भविष्य के रिटर्न का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
बाजार से सीधे खरीदे गए शेयर
अदाणी पावर में प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने की प्रक्रिया में सीधे बाजार से शेयरों की खरीद भी शामिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार, अदाणी परिवार के कुछ युवा सदस्यों ने भी अदाणी पावर के शेयरों की खरीदारी की।
इनमें प्रणव विनोद अदाणी, करण गौतम अदाणी, जीत गौतम अदाणी और सागर राजेश अदाणी के नाम शामिल हैं। प्रत्येक ने व्यक्तिगत तौर पर 10-10 शेयर खरीदे हैं।
हालांकि व्यक्तिगत खरीद की मात्रा बहुत छोटी है, लेकिन प्रमोटर ग्रुप की कुल हिस्सेदारी में इन लेनदेन का उल्लेख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे परिवार के अलग-अलग सदस्यों की कंपनी में हिस्सेदारी और भागीदारी दिखाई देती है।
इन निवेश कंपनियों ने भी बढ़ाई हिस्सेदारी
अदाणी पावर में प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने में अदाणी ग्रुप से जुड़ी विभिन्न निवेश कंपनियों की भी भूमिका रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें आर्डोर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड, अदाणी ट्रेडलाइन प्राइवेट लिमिटेड और हिबिस्कस ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड जैसी कंपनियां शामिल हैं।
आर्डोर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग
आर्डोर इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड ने 13 अगस्त से 21 अगस्त 2024 के बीच बाजार से करीब 20.50 करोड़ शेयर खरीदे। यह कंपनी की लगभग 1.06% हिस्सेदारी के बराबर बताई गई है।
अदाणी ट्रेडलाइन
अदाणी ट्रेडलाइन प्राइवेट लिमिटेड ने 7 अगस्त से 12 अगस्त 2024 के बीच अदाणी पावर के 1.08 करोड़ से अधिक शेयर खरीदे। यह कंपनी की लगभग 0.56% हिस्सेदारी के बराबर है।
हिबिस्कस ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट
हिबिस्कस ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड ने भी अगस्त 2024 के दौरान अदाणी पावर में हिस्सेदारी बढ़ाई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी ने करीब 0.14% हिस्सेदारी हासिल की।
4 अगस्त 2026 को हुआ बड़ा ब्लॉक डील
अदाणी पावर की प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने की प्रक्रिया में 4 अगस्त 2026 को हुआ एक बड़ा ब्लॉक डील भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। इस लेनदेन में अदाणी इंफ्रा (इंडिया) लिमिटेड ने करीब 12.48 करोड़ शेयर खरीदे।
इस तरह सीधे बाजार में प्रमोटर परिवार के सदस्यों की खरीद और ग्रुप से जुड़ी निवेश कंपनियों के जरिए हुए अधिग्रहण को मिलाकर अदाणी पावर में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
JP Power में भी अदाणी पावर की बड़ी हिस्सेदारी
अदाणी पावर की बढ़ी हुई प्रमोटर हिस्सेदारी को ऐसे समय देखा जा रहा है जब कंपनी पावर सेक्टर में अपने कारोबार और अधिग्रहण रणनीति को लगातार मजबूत कर रही है।
अदाणी पावर ने JP Power में करीब 24% हिस्सेदारी हासिल की है। यह सौदा अदाणी ग्रुप के पावर कारोबार के विस्तार की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
JP Power के साथ-साथ JP Associates के अधिग्रहण से अदाणी ग्रुप की पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परिसंपत्तियों में मौजूदगी और मजबूत होने की उम्मीद है। ऐसे में अदाणी पावर में प्रमोटर हिस्सेदारी का 75% के करीब पहुंचना कंपनी के कॉरपोरेट स्ट्रक्चर पर भी नजर रखने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
प्रमोटर हिस्सेदारी में बढ़ोतरी को आमतौर पर बाजार में प्रमोटर के कंपनी पर भरोसे और दीर्घकालिक नियंत्रण के संदर्भ में देखा जाता है। लेकिन किसी भी शेयर में निवेश का फैसला केवल प्रमोटर हिस्सेदारी के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।
अदाणी पावर के मामले में निवेशकों को कंपनी के कर्ज, बिजली उत्पादन क्षमता, मुनाफे, कैश फ्लो, पावर डिमांड, विस्तार योजनाओं और वैल्यूएशन जैसे कई दूसरे पहलुओं पर भी नजर रखनी चाहिए।
इसके अलावा, प्रमोटर हिस्सेदारी 74.96% तक पहुंचने के बाद 75% की नियामकीय सीमा भी एक महत्वपूर्ण फैक्टर बन गई है। इसलिए आगे कंपनी में प्रमोटर हिस्सेदारी से जुड़े किसी भी बदलाव पर बाजार की नजर रह सकती है।
क्या है पूरा मामला?
कुल मिलाकर, अदाणी पावर के प्रमोटर ग्रुप ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 73.19% से बढ़ाकर 74.96% कर ली है। इस बढ़ोतरी में बाजार से सीधे शेयरों की खरीद के साथ-साथ अदाणी ग्रुप से जुड़ी विभिन्न निवेश कंपनियों के लेनदेन भी शामिल हैं।
अब प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी SEBI की 75% सीमा से महज 0.04 प्रतिशत अंक नीचे है। इसलिए अदाणी पावर की शेयरहोल्डिंग में आगे होने वाला कोई भी बदलाव निवेशकों और बाजार के लिए खासा महत्वपूर्ण हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह या शेयर खरीदने-बेचने की सिफारिश न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


