Adani Airline News: अडानी ग्रुप की एयरलाइन शुरू करने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। हाल ही में कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में साफ कहा था कि उसकी फिलहाल एयरलाइन शुरू करने की कोई योजना नहीं है। लेकिन अब सामने आए एक पत्र से कहानी कुछ अलग नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को लिखे पत्र में भविष्य में एयरलाइन बिजनेस में उतरने की इच्छा जताई है और इसके लिए नियमों में बदलाव की भी मांग की है।
AAI को लिखे पत्र में क्या कहा गया?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के सीईओ अरुण बंसल ने जून महीने में एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में कहा गया कि अडानी ग्रुप अगली पीढ़ी (Next Generation) की एयरलाइन विकसित करने की क्षमता रखता है और देश के एविएशन सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पत्र में यह भी अनुरोध किया गया कि मुंबई एयरपोर्ट संचालित करने वाली कंपनी पर लागू उस नियम में छूट दी जाए, जिसके तहत वह किसी भी शेड्यूल्ड एयरलाइन में 10% से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकती। इसके अलावा भविष्य के एयरपोर्ट कंसेशन एग्रीमेंट से भी ऐसी शर्तों को हटाने की मांग की गई है।
स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी ने क्या कहा?
दिलचस्प बात यह है कि शुक्रवार को अडानी एंटरप्राइजेज ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई फाइलिंग में स्पष्ट किया कि कंपनी की एयरलाइन शुरू करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। इस बयान के बाद एयरलाइन लॉन्च की खबरों को खारिज कर दिया गया था।
हालांकि AAI को भेजे गए पत्र के सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि यदि समूह एयरलाइन बिजनेस पर विचार कर रहा था, तो स्टॉक एक्सचेंज में इससे इनकार क्यों किया गया। इस संबंध में पूछे गए सवालों पर कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एयरलाइन शुरू करने पर क्यों कर रहा है विचार?
पत्र के अनुसार, अडानी ग्रुप की सहायक कंपनी अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस अपने मौजूदा एविएशन इकोसिस्टम का विस्तार करना चाहती है। समूह पहले से ही एविएशन क्षेत्र में कई सेवाओं से जुड़ा हुआ है, जिनमें शामिल हैं—
- पायलट ट्रेनिंग
- एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल (MRO)
- ग्राउंड हैंडलिंग सेवाएं
- देशभर में आठ एयरपोर्ट का संचालन
कंपनी का मानना है कि इन अनुभवों के आधार पर वह एयरलाइन संचालन में भी सफल भूमिका निभा सकती है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों पर रहेगा फोकस
अरुण बंसल ने पत्र में लिखा कि भारत के एविएशन सेक्टर में कुछ बड़ी एयरलाइन कंपनियों का अत्यधिक दबदबा है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो रही है। ऐसे में अडानी ग्रुप टियर-2 और टियर-3 शहरों की हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के उद्देश्य से एयरलाइन बिजनेस में प्रवेश करने पर विचार कर रहा है।
उनका कहना था कि छोटे शहरों के लिए बेहतर एयर कनेक्टिविटी से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे और क्षेत्रीय हवाई नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
इंडिगो संकट का दिया उदाहरण
पत्र में दिसंबर के दौरान इंडिगो के ऑपरेशनल संकट का भी उल्लेख किया गया है। उस समय तकनीकी और परिचालन समस्याओं के कारण एयरलाइन को 3,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
अडानी एयरपोर्ट्स का तर्क है कि यदि बाजार में अधिक मजबूत एयरलाइन कंपनियां होंगी तो किसी एक कंपनी में समस्या आने पर पूरे एविएशन सेक्टर पर उसका असर कम पड़ेगा।
घरेलू बाजार में दो कंपनियों का दबदबा
वर्तमान में भारत के घरेलू विमानन बाजार में इंडिगो और एयर इंडिया समूह का संयुक्त बाजार हिस्सा लगभग 90% के आसपास है। इनमें अकेले इंडिगो की हिस्सेदारी करीब 66% बताई जाती है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, सरकार ऐसे प्रस्तावों पर विचार कर रही है जिनसे अच्छी वित्तीय क्षमता वाली नई एयरलाइन कंपनियां बाजार में प्रवेश कर सकें और प्रतिस्पर्धा बढ़े।
क्या अडानी जल्द लॉन्च करेगी एयरलाइन?
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अडानी ग्रुप जल्द अपनी एयरलाइन शुरू करेगा। सार्वजनिक रूप से कंपनी ने ऐसी किसी योजना से इनकार किया है, लेकिन AAI को भेजे गए पत्र से यह संकेत जरूर मिलता है कि समूह ने एयरलाइन बिजनेस में संभावनाओं का आकलन किया है और नियामकीय बदलावों की मांग भी रखी है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन प्रस्तावों पर क्या फैसला लेती है और भविष्य में अडानी ग्रुप अपनी रणनीति में कोई बदलाव करता है या नहीं।
निष्कर्ष
अडानी ग्रुप की संभावित एयरलाइन को लेकर सामने आए दस्तावेजों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर कंपनी ने शेयर बाजार को एयरलाइन शुरू करने की योजना से इनकार किया है, वहीं दूसरी ओर AAI को लिखे पत्र में एयरलाइन बिजनेस में प्रवेश की इच्छा और नियमों में बदलाव की मांग दर्ज है। यदि भविष्य में नियामकीय मंजूरी और रणनीतिक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो भारत के एविएशन सेक्टर में एक नया बड़ा खिलाड़ी देखने को मिल सकता है।


