Income Tax Return Filing 2026: आम करदाताओं के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई तेजी से नजदीक आ रही है। ऐसे समय में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि ईमानदार करदाताओं को अधिक से अधिक सुविधा दी जाए, जबकि जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
167वें इनकम टैक्स डे पर अधिकारियों को दिया संदेश
नई दिल्ली में आयोजित 167वें इनकम टैक्स डे समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर अधिकारियों के सामने पांच प्रमुख प्राथमिकताएं रखीं। उन्होंने कहा कि कर प्रशासन का उद्देश्य केवल टैक्स संग्रह बढ़ाना नहीं, बल्कि करदाताओं का भरोसा मजबूत करना भी होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर करदाता की समस्या को गंभीरता और संवेदनशीलता से समझें तथा समयबद्ध तरीके से उसका समाधान करें।
हर शिकायत का समय पर समाधान जरूरी
वित्त मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को यह मानकर काम करना चाहिए कि प्रत्येक शिकायत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिकायतों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और करदाताओं के साथ हर स्तर पर स्पष्ट एवं विनम्र संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
सीतारमण ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैध शिकायतों का निष्पक्ष और तय समय सीमा के भीतर निपटारा किया जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि बार-बार एक जैसी शिकायतें क्यों सामने आ रही हैं, ताकि सिस्टम में स्थायी सुधार किया जा सके।
ईमानदार करदाता और टैक्स चोर में फर्क करें
वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग को यह स्पष्ट अंतर समझना होगा कि कौन करदाता अनजाने में गलती कर रहा है और कौन जानबूझकर टैक्स चोरी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर मिलना चाहिए, लेकिन जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ बिना किसी नरमी के कार्रवाई की जानी चाहिए।
सिस्टम में लगातार सुधार पर दिया जोर
सीतारमण ने अधिकारियों से प्रक्रियाओं और डिजिटल सिस्टम में लगातार सुधार करने को कहा ताकि भविष्य में एक जैसी शिकायतों की संख्या कम हो सके।
उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल समस्या नहीं, बल्कि सिस्टम को बेहतर बनाने का अवसर समझना चाहिए। इससे करदाताओं का अनुभव बेहतर होगा और आयकर विभाग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।
21 जुलाई तक 3.2 करोड़ से अधिक ITR दाखिल
वित्त मंत्री ने बताया कि कर सुधारों का सकारात्मक असर मौजूदा रिटर्न फाइलिंग सीजन में भी देखने को मिला है।
उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि 21 जुलाई 2026 तक:
- 3.2 करोड़ से अधिक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किए जा चुके हैं।
- दाखिल किए गए ITR में 94% से अधिक का वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है।
- करीब 60% रिटर्न की प्रोसेसिंग भी पूरी हो चुकी है।
- 1.3 करोड़ से अधिक रिफंड क्लेम प्राप्त हुए हैं।
- रिफंड क्लेम में 96% का वेरिफिकेशन हो चुका है।
- लगभग 40% रिफंड क्लेम की प्रोसेसिंग पूरी की जा चुकी है।
जल्द रिफंड मिलने से बढ़ता है भरोसा
वित्त मंत्री ने कहा कि समय पर रिफंड जारी होने से करदाताओं का आयकर विभाग पर विश्वास मजबूत होता है। इसके अलावा जल्द रिफंड मिलने से टैक्सपेयर्स के पास नकदी (Liquidity) उपलब्ध रहती है, जिससे उनकी वित्तीय योजना बेहतर तरीके से संचालित हो पाती है।
उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य ऐसा कर प्रशासन विकसित करना है जो पारदर्शी, जवाबदेह, करदाता-अनुकूल और तकनीक आधारित हो।
ITR फाइल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए क्या है संदेश?
ITR की अंतिम तारीख नजदीक होने के बीच वित्त मंत्री का संदेश साफ है कि ईमानदार करदाताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि रिटर्न भरते समय कोई अनजानी गलती हो जाती है तो उसे सुधारने का अवसर मिलेगा, लेकिन जानबूझकर टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ आयकर विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। इसलिए करदाताओं को समय रहते सही जानकारी के साथ अपना ITR दाखिल करना चाहिए।


