IndiGo, SpiceJet Share Price: एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने घरेलू एयरलाइंस कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है। 1 सितंबर को IndiGo की पेरेंट कंपनी InterGlobe Aviation और SpiceJet के शेयरों में 3% तक की गिरावट देखने को मिली। ATF की कीमत में लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइन कंपनियों की ऑपरेशनल लागत बढ़ने की चिंता बढ़ गई है।
तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के अनुरूप घरेलू विमान ईंधन यानी ATF के दाम में 5.46% की बढ़ोतरी की है। ATF की कीमत अब 6.28 रुपये प्रति लीटर बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है। एयरलाइन कंपनियों के लिए यह बढ़ोतरी इसलिए अहम है क्योंकि उनके कुल ऑपरेशनल खर्च में ATF की हिस्सेदारी काफी बड़ी होती है।
3% तक टूटे IndiGo और SpiceJet के शेयर
ATF की कीमतों में बढ़ोतरी की खबर के बाद InterGlobe Aviation के शेयर BSE पर करीब 3% तक गिरकर 5,042.15 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गए। गिरावट के बाद कंपनी का मार्केट कैप करीब 1.96 लाख करोड़ रुपये रहा।
वहीं SpiceJet के शेयर भी करीब 2% तक कमजोर होकर 10.10 रुपये के लो पर पहुंच गए। कंपनी का मार्केट कैप गिरावट के बाद लगभग 1,500 करोड़ रुपये रह गया।
एयरलाइन कंपनियों के लिए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर लागत पर असर डालती है। अगर बढ़ी हुई लागत का पूरा भार यात्रियों पर किराए के रूप में नहीं डाला जाता है, तो इससे कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
SpiceJet के शेयर ने एक साल में गंवाए 72% तक
SpiceJet के शेयर का प्रदर्शन लंबे समय से कमजोर रहा है। कंपनी के शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है और यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।
शेयर की चाल पर नजर डालें तो:
- 2 हफ्ते में: करीब 9% गिरावट
- 3 महीने में: करीब 18% गिरावट
- 6 महीने में: करीब 37% गिरावट
- 1 साल में: करीब 72% गिरावट
इससे साफ है कि SpiceJet के निवेशकों के लिए पिछला एक साल काफी चुनौतीपूर्ण रहा है।
IndiGo का प्रदर्शन SpiceJet से बेहतर
दूसरी ओर, IndiGo की पेरेंट कंपनी InterGlobe Aviation के शेयर का लंबी अवधि का प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत रहा है। पिछले 3 महीनों में शेयर करीब 14% चढ़ा है। वहीं 3 साल की अवधि में इस शेयर ने निवेशकों का पैसा करीब दोगुना किया है।
हालांकि, ATF की कीमत में लगातार बढ़ोतरी एयरलाइन सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण लागत जोखिम बनी हुई है। मजबूत यात्री मांग और बेहतर ऑपरेशनल प्रदर्शन के बावजूद ईंधन लागत में तेज बढ़ोतरी कंपनियों की कमाई और मार्जिन को प्रभावित कर सकती है।
लगातार दूसरे महीने महंगा हुआ जेट फ्यूल
ATF की कीमतों में यह लगातार दूसरे महीने बढ़ोतरी है। इससे पहले 1 अगस्त को भी जेट फ्यूल की कीमत में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
अगस्त में अलग-अलग शहरों में ATF की कीमतों में भी इजाफा हुआ था। मुंबई में कीमत करीब 86,077.14 रुपये प्रति किलोलीटर, चेन्नई में 95,512.26 रुपये प्रति किलोलीटर और कोलकाता में करीब 95,164.90 रुपये प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई थी।
एयरलाइंस के लिए क्यों अहम है ATF की कीमत?
एयरलाइन कंपनियों की कुल ऑपरेशनल लागत में ATF की हिस्सेदारी करीब 40% तक हो सकती है। इसलिए ईंधन की कीमत में छोटी बढ़ोतरी भी कंपनियों के खर्च और मुनाफे पर असर डाल सकती है।
ATF की कीमतों की समीक्षा आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को की जाती है। इसमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों और विदेशी मुद्रा दरों जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में वैट और अन्य स्थानीय टैक्स की वजह से ATF की कीमतों में अंतर हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
IndiGo और SpiceJet के शेयरों में आज की गिरावट को सीधे तौर पर ATF लागत में बढ़ोतरी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, किसी एयरलाइन शेयर का प्रदर्शन केवल ईंधन कीमतों पर निर्भर नहीं करता। यात्री संख्या, टिकट किराया, विमान उपयोग, प्रतिस्पर्धा, डॉलर-रुपया विनिमय दर और कंपनी की वित्तीय स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
SpiceJet के मामले में पिछले एक साल की तेज गिरावट निवेशकों के लिए अतिरिक्त जोखिम को दिखाती है, जबकि IndiGo का मजबूत दीर्घकालिक प्रदर्शन अलग तस्वीर पेश करता है। इसलिए निवेशकों को केवल एक दिन की शेयर चाल के बजाय कंपनी के वित्तीय नतीजों, कर्ज, मार्जिन और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को भी देखना चाहिए।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश या शेयर खरीदने-बेचने की सलाह नहीं देता है।


