Sensex-Nifty Close: रक्षाबंधन के बाद सोमवार को शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हफ्ते के पहले और अगस्त महीने के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बनाया। हालांकि, प्राइवेट बैंक और फार्मा शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने की कोशिश की।
सोमवार, 31 अगस्त 2026 को कारोबार खत्म होने पर Sensex 307.24 अंक यानी 0.40 फीसदी गिरकर 76,957.27 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 95.25 अंक यानी 0.39 फीसदी की गिरावट रही और यह 24,080.40 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स 513.19 अंक तक टूट गया था, जबकि निफ्टी भी 182.05 अंक फिसलकर 23,993.60 के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया।
क्यों टूटा शेयर बाजार?

सोमवार को घरेलू शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव वैश्विक बाजारों से आया। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इससे एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली और इसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसी बड़ी क्रूड ऑयल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ाती है। इससे कंपनियों की लागत, महंगाई और आने वाले समय में बाजार की कमाई के अनुमान पर दबाव पड़ सकता है। यही वजह रही कि निवेशकों ने कई सेक्टरों में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
बैंकिंग और फार्मा ने संभाला बाजार

बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ सेक्टरों ने मजबूती दिखाई। प्राइवेट बैंक और फार्मा शेयरों में खरीदारी ने इंडेक्स को और बड़ी गिरावट से बचाने में मदद की।
निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की तेजी रही, जबकि निफ्टी फार्मा भी आधे फीसदी से अधिक मजबूत हुआ। आईटी शेयरों में शुरुआती दबाव के बाद कुछ रिकवरी देखने को मिली और इसकी गिरावट आधे फीसदी से कम रह गई।
इसके विपरीत मेटल और एफएमसीजी सेक्टर पर बिकवाली का दबाव काफी ज्यादा रहा। निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से ज्यादा गिरकर बंद हुआ।
निवेशकों की दौलत ₹3.79 लाख करोड़ कम हुई
शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर निवेशकों की कुल संपत्ति पर भी पड़ा। 28 अगस्त 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4,94,12,415.27 करोड़ था।
31 अगस्त को कारोबार खत्म होने के बाद यह घटकर ₹4,90,33,359.29 करोड़ रह गया। यानी एक कारोबारी दिन में निवेशकों की संपत्ति में लगभग ₹3,79,055.98 करोड़, यानी करीब ₹3.79 लाख करोड़ की कमी आई।
यह गिरावट बताती है कि सोमवार के कारोबार में व्यापक स्तर पर बिकवाली कितनी मजबूत रही।
Sensex के सिर्फ 10 शेयरों में तेजी
सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में सोमवार को सिर्फ 10 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में कमजोरी रही।
कारोबार के अंत में सन फार्मा, ICICI Bank और Axis Bank सबसे ज्यादा बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में रहे। दूसरी तरफ अदाणी पोर्ट्स, ITC और भारती एयरटेल पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
इससे साफ है कि बाजार में खरीदारी कुछ चुनिंदा सेक्टरों और शेयरों तक सीमित रही।
मिडकैप में भी दबाव, स्मॉलकैप ने की रिकवरी
बड़े शेयरों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कारोबार के दौरान काफी उतार-चढ़ाव रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में आधे फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही।
वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने शुरुआती कमजोरी से रिकवरी की। कारोबार की शुरुआत में इसमें करीब आधे फीसदी की गिरावट थी, लेकिन बाद में खरीदारी लौटने से यह बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा।
इससे संकेत मिलता है कि बाजार में चुनिंदा छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी अभी बनी हुई है, हालांकि व्यापक बाजार का मूड कमजोर रहा।
BSE पर 2,500 से ज्यादा शेयर गिरे
सोमवार को बीएसई पर कुल 4,680 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 1,858 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,572 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। करीब 250 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
इसके अलावा:
- 205 शेयर अपने 52-वीक हाई पर पहुंचे।
- 147 शेयर 52-वीक लो पर पहुंच गए।
- 8 शेयर अपर सर्किट पर बंद हुए।
- 45 शेयर लोअर सर्किट पर पहुंचे।
यानी इंडेक्स में गिरावट के बावजूद बाजार में पूरी तरह एकतरफा बिकवाली नहीं रही। कुछ शेयरों में खरीदारी और नए 52-वीक हाई भी देखने को मिले।
आगे बाजार के लिए क्या अहम रहेगा?
31 अगस्त की गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर सितंबर के पहले कारोबारी सत्र पर रहेगी। खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का रुख, अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
तकनीकी स्तर पर निफ्टी के लिए 24,000 के आसपास का स्तर अहम नजर आ रहा है। अगर इंडेक्स इस स्तर के नीचे टिकता है तो बाजार में और दबाव बन सकता है। वहीं 24,100 के ऊपर वापसी होने पर शॉर्ट टर्म में सेंटीमेंट में सुधार देखने को मिल सकता है।
फिलहाल निवेशकों के लिए अस्थिरता के बीच जल्दबाजी में ट्रेडिंग करने के बजाय बाजार की दिशा और प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख शेयर बाजार में हुई गतिविधियों और उपलब्ध आंकड़ों की जानकारी देने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


