Rishabh Singh Sambyal Retirement: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। करीब 12 साल तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया है। राष्ट्रपति भवन की डिजिटल फोटो लाइब्रेरी में उन्हें अब ‘Retired Former ADC’ के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है। इसके बाद उनके रिटायरमेंट की खबर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई।
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल को देशभर में उस समय खास पहचान मिली, जब वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनके साथ नजर आने लगे। उनकी वर्दी में तस्वीरें और आधिकारिक कार्यक्रमों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। उनकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें मजाकिया अंदाज में ‘नेशनल क्रश’ तक कहना शुरू कर दिया।
अब सेना से उनकी विदाई के बाद उनके अगले कदम को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है।
राष्ट्रपति भवन जाकर द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात
सेना से रिटायरमेंट के बाद मेजर ऋषभ सांब्याल 21 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया।
सांब्याल ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और स्नेह के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति से मिले मार्गदर्शन और आशीर्वाद ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने में मदद की।
उन्होंने राष्ट्रपति के परिवार से दोबारा मुलाकात होने पर भी खुशी जाहिर की। उनकी इस पोस्ट के बाद लोगों ने उनके सैन्य करियर और रिटायरमेंट को लेकर कई सवाल पूछने शुरू कर दिए।
जम्मू-कश्मीर के डोगरा परिवार से है संबंध
मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल का संबंध जम्मू-कश्मीर से जुड़े डोगरा राजपूत परिवार से बताया जाता है। सेना में उनका सफर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी NDA से शुरू हुआ।
उन्होंने 2013 में NDA की परीक्षा पास की और 2014 में 133वें NDA कोर्स में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और मामलों से संबंधित स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
सैन्य प्रशिक्षण के अगले चरण में वह 2017 में भारतीय सैन्य अकादमी पहुंचे। यहां उन्होंने सैन्य अध्ययन और रक्षा प्रबंधन से जुड़ी शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना में अपनी पेशेवर यात्रा को आगे बढ़ाया।
गणतंत्र दिवस परेड से मिली बड़ी पहचान
मेजर सांब्याल के सैन्य करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 2021 में आया। उस समय वह कैप्टन के पद पर जाट रेजिमेंट में तैनात थे।
गणतंत्र दिवस परेड में उन्होंने रेजिमेंट के दल का नेतृत्व किया। उनकी अगुवाई वाले दल ने सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल की ट्रॉफी हासिल की। इस उपलब्धि ने सैन्य क्षेत्र में उनकी नेतृत्व क्षमता को पहचान दिलाई।
गणतंत्र दिवस परेड जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलना उनके करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल रहा।
4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी किया काम
मेजर ऋषभ सांब्याल ने भारतीय सेना की एलीट 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी सेवा दी। इस यूनिट को ‘डैगर्स’ के नाम से जाना जाता है।
स्पेशल फोर्सेज में सेवा के दौरान उन्हें बलिदान बैज भी प्राप्त हुआ। पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्सेज से जुड़ा यह सम्मान उनके सैन्य करियर में एक अहम उपलब्धि माना जाता है।
स्पेशल फोर्सेज में सेवा ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में काम करने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व करने का अनुभव दिया।
2023 में बने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC
मेजर सांब्याल के करियर में सबसे बड़ा मोड़ मार्च 2023 में आया, जब उनका चयन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के Aide-de-Camp (ADC) के रूप में हुआ।
ADC के तौर पर वह राष्ट्रपति के साथ कई आधिकारिक समारोहों और महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में दिखाई दिए। राष्ट्रपति के विदेशी दौरों के दौरान भी उनकी जिम्मेदारियां काफी महत्वपूर्ण रहीं।
राष्ट्रपति के साथ लगातार सार्वजनिक रूप से नजर आने के कारण उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। देखते ही देखते वह आम इंटरनेट यूजर्स के बीच भी लोकप्रिय हो गए।
यही वह दौर था जब सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ‘नेशनल क्रश’ जैसे नामों से बुलाने लगे।
PMO और विदेशी प्रतिनिधियों के साथ भी काम का अनुभव
अपने प्रोफेशनल प्रोफाइल में सांब्याल ने करीब 12 वर्षों के सैन्य अनुभव का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, उन्हें रणनीतिक योजना, टीम लीडरशिप और अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय का अनुभव रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय यानी PMO, विदेशी प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े कार्यों में भी जिम्मेदारी निभाई।
राष्ट्रपति के आधिकारिक राजनयिक दौरों के दौरान उन्होंने आठ देशों की यात्राओं में भी भूमिका निभाई। इन जिम्मेदारियों के दौरान उन्हें देश-विदेश के वरिष्ठ अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ काम करने का अवसर मिला।
आखिर क्यों लिया Premature Retirement?
मेजर ऋषभ सांब्याल के समय से पहले रिटायरमेंट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है कि उन्होंने करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद यह फैसला क्यों लिया।
रिपोर्ट्स में उनके इंस्टाग्राम लाइव का हवाला देते हुए कहा गया है कि व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियां उनके फैसले की वजह हो सकती हैं। उन्होंने कथित तौर पर इस दौरान संकेत दिया था कि जिंदगी में कुछ परिस्थितियां और अनुभव इंसान की दिशा बदल देते हैं।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने रिटायरमेंट का कोई एक निश्चित और आधिकारिक कारण सार्वजनिक रूप से बताया है। इसलिए उनके फैसले को लेकर किसी एक वजह को अंतिम कारण मानना उचित नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कथित तौर पर स्पष्ट किया था कि फिलहाल शादी करने की उनकी तत्काल योजना नहीं है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और उनके वास्तविक फैसले के बीच अंतर रखना जरूरी है।
लेफ्टिनेंट से मेजर तक का सफर
मेजर ऋषभ सांब्याल ने सेना में लेफ्टिनेंट के तौर पर शुरुआत की और आगे चलकर कैप्टन तथा मेजर के पद तक पहुंचे। लगभग 12 साल की सैन्य सेवा के दौरान उन्होंने रेजिमेंटल जिम्मेदारियों से लेकर स्पेशल फोर्सेज और राष्ट्रपति के ADC तक अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं।
राष्ट्रपति के ADC के तौर पर उनकी सार्वजनिक पहचान उनके सैन्य करियर का एक अलग अध्याय रही। इस भूमिका ने उन्हें सेना के बाहर भी बड़ी संख्या में लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया।
अब क्या है अगला कदम?
सेना से Premature Retirement के बाद मेजर सांब्याल के अगले कदम को लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, सैन्य सेवा के दौरान हासिल उनका अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सरकारी व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अनुभव उनके आगे के करियर में उपयोगी साबित हो सकता है।
फिलहाल इतना जरूर है कि भारतीय सेना की करीब 12 साल की यात्रा पूरी करने के बाद मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने अपने जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया है। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता पहले की तरह बनी हुई है और अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सेना के बाद वह किस क्षेत्र में अपनी नई पारी शुरू करते हैं।


