Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 31 अगस्त को उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार हुआ। शुरुआती कमजोरी के बाद निचले स्तरों से कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन सेंसेक्स और निफ्टी दिन के अंत में गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 95 अंक फिसलकर 24,080.40 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 307 अंकों की गिरावट रही और यह 76,957.27 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर टिकने में कामयाब रहा। ऐसे में अब निवेशकों की नजर 1 सितंबर के कारोबार पर है। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए फिलहाल बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बना हुआ है।
बाजार में गिरावट की क्या रही वजह?
सोमवार के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार पर कई वैश्विक और घरेलू फैक्टर्स का असर देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई, जिससे बाजार की चिंता बढ़ी।
इसके अलावा MSCI इंडेक्स में बदलाव और क्लोजिंग ऑक्शन के बाद होने वाले CAS (Closing Auction Session) से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर भी निवेशक सतर्क रहे। इसका असर खास तौर पर कुछ बड़े शेयरों और सेक्टर्स में देखने को मिला।
कारोबार के दौरान मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी रही। टेक्नोलॉजी, रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर भी गिरावट से नहीं बच सके।
दूसरी ओर, प्राइवेट बैंकिंग शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की।
अदाणी शेयरों में जोरदार बिकवाली
MSCI में बदलाव का असर अदाणी ग्रुप के शेयरों पर भी देखने को मिला। अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी के सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में शामिल रहे।
अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में करीब 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली, जबकि अदाणी एंटरप्राइजेज में भी भारी बिकवाली रही।
हालांकि, कारोबार के आखिरी घंटे में रिलायंस इंडस्ट्रीज में अच्छी तेजी आई। कंपनी का शेयर करीब 1 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ, जिससे बेंचमार्क इंडेक्स की गिरावट कुछ हद तक सीमित हुई।
CAS के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव
क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में भी तेज हलचल देखने को मिली। दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS स्तर से बैंक निफ्टी में 600 अंकों से अधिक का बदलाव दर्ज किया गया।
दोपहर 3:15 बजे के आसपास बैंक निफ्टी करीब 57,397 के स्तर पर था, जो CAS के बाद बढ़कर लगभग 58,025 तक पहुंच गया। इससे बाजार में आखिरी चरण में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
24,000 पर निफ्टी को मजबूत सपोर्ट
आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स के इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल के मुताबिक, 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।
उनके अनुसार इस स्तर को डेली गैप एरिया, बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8 फीसदी Fibonacci Retracement का भी सपोर्ट मिल रहा है। इसलिए बाजार में कमजोरी आने पर 24,100-24,000 का जोन महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
पटेल के मुताबिक, मौजूदा स्तरों पर ‘Buy on Dips’ यानी गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है।
23,600 के ऊपर बाजार का स्ट्रक्चर पॉजिटिव
तकनीकी नजरिए से 23,600 का स्तर भी बेहद महत्वपूर्ण है। जिगर एस पटेल के मुताबिक, जब तक निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव माना जा सकता है।
इसका मतलब है कि बीच-बीच में आने वाली गिरावट को फिलहाल ट्रेंड में बड़े बदलाव के बजाय करेक्शन के तौर पर देखा जा सकता है।
24,400 के ऊपर ब्रेकआउट से आएगी तेजी
निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 24,400 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट देने में सफल रहता है, तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
ऐसी स्थिति में निफ्टी के लिए अगले टारगेट 24,600-24,750 के जोन में हो सकते हैं। इसके बाद 25,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर अगला बड़ा लक्ष्य बन सकता है।
इसलिए 1 सितंबर के कारोबार में 24,000-24,400 का दायरा काफी अहम रहने वाला है। इस रेंज के किसी भी तरफ निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैंक निफ्टी के लिए 57,000 अहम सपोर्ट
बैंक निफ्टी को लेकर भी जिगर एस पटेल का नजरिया सकारात्मक है। उनके मुताबिक, 57,000 का स्तर बैंक निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट है।
वहीं, ऊपर की तरफ 58,200 के स्तर पर निर्णायक ब्रेकआउट आने पर बैंकिंग इंडेक्स में नई तेजी देखने को मिल सकती है।
पटेल के मुताबिक, जब तक बैंक निफ्टी 57,000 के ऊपर टिकता है, तब तक गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है।
1 सितंबर को किन स्तरों पर रहेगी नजर?
| इंडेक्स | सपोर्ट | रेजिस्टेंस |
|---|---|---|
| निफ्टी | 24,100-24,000 | 24,400 |
| निफ्टी | 23,600 (बड़ा सपोर्ट) | 24,600-24,750 |
| बैंक निफ्टी | 57,000 | 58,200 |
कुल मिलाकर, 1 सितंबर के कारोबार में 24,000 निफ्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट बना रहेगा। इसके ऊपर टिकाव बाजार में मजबूती बनाए रख सकता है, जबकि 24,400 के ऊपर ब्रेकआउट होने पर तेजी की रफ्तार बढ़ सकती है। दूसरी तरफ 23,600 के नीचे क्लोजिंग बाजार के मौजूदा पॉजिटिव स्ट्रक्चर के लिए चिंता का संकेत हो सकती है।
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