Hy-Tech Engineers IPO Listing: प्राइमरी मार्केट में जबरदस्त मांग हासिल करने वाला Hy-Tech Engineers IPO अब शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रहा है। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 1 सितंबर 2026 को होने वाली है। आईपीओ को निवेशकों की ओर से 244 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था, जबकि लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी शेयर को लेकर मजबूत सेंटीमेंट देखने को मिल रहा है।
31 अगस्त को उपलब्ध GMP के मुताबिक, कंपनी के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब ₹42 बताया जा रहा है। कंपनी का इश्यू प्राइस ₹53 प्रति शेयर था। ऐसे में GMP के आधार पर संभावित लिस्टिंग प्राइस करीब ₹95 हो सकता है। यानी इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 79-80% लिस्टिंग गेन का संकेत मिल रहा है।
हालांकि, GMP केवल अनऑफिशियल संकेतक है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकता है। ऐसे में जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं, उनके सामने बड़ा सवाल है—लिस्टिंग पर मुनाफा बुक करें या शेयर को लंबी अवधि के लिए होल्ड करें?
244 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ IPO
Hy-Tech Engineers का ₹135.73 करोड़ का आईपीओ 24 अगस्त से 27 अगस्त 2026 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। आईपीओ को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। कुल 1.84 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले करीब 443.49 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं।
कैटेगरी के हिसाब से देखें तो गैर-संस्थागत निवेशकों यानी NII का हिस्सा 402.29 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी 255.77 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 170.58 गुना सब्सक्राइब हुआ।
इतना मजबूत सब्सक्रिप्शन यह बताता है कि कंपनी के इश्यू को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह था।
कंपनी क्या कारोबार करती है?
Hy-Tech Engineers का हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री में 40 साल से ज्यादा का अनुभव है। कंपनी कंस्ट्रक्शन मशीनरी, ऑटोमोबाइल, कृषि उपकरण और इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों जैसे क्षेत्रों के लिए हाइड्रॉलिक फिटिंग्स का निर्माण करती है।
कंपनी की मौजूदगी ऐसे इंडस्ट्रियल सेगमेंट में है, जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और कृषि उपकरणों में होने वाला निवेश मांग को प्रभावित कर सकता है।
आईपीओ से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी करीब ₹40.72 करोड़ जुटाए थे। इसमें WhiteOak Capital जैसे संस्थागत निवेशकों की भागीदारी शामिल थी।
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
कंपनी के वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू करीब ₹189.40 करोड़ रहा। इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹22.59 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹19.62 करोड़ था।
यानी कंपनी ने मुनाफे में भी बढ़ोतरी दर्ज की है। ब्रोकरेज के मुताबिक पिछले दो वर्षों में कंपनी ने करीब 17.28% की रेवेन्यू CAGR दर्ज की है और EBITDA मार्जिन करीब 22% के आसपास रहा है।
₹42 GMP दे रहा 80% लिस्टिंग गेन का संकेत
ग्रे मार्केट में Hy-Tech Engineers के शेयर को लेकर मजबूत मांग दिखाई दे रही है। InvestorGain के 31 अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक GMP करीब ₹42 था।
अगर इश्यू प्राइस ₹53 में ₹42 का GMP जोड़ें तो संभावित कीमत:
₹53 + ₹42 = ₹95 प्रति शेयर
इस हिसाब से इश्यू प्राइस के मुकाबले संभावित लाभ करीब ₹42 प्रति शेयर, यानी लगभग 79.25% बैठता है।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP आधिकारिक बाजार संकेतक नहीं है। यह बाजार के अनऑफिशियल सेंटीमेंट को दर्शाता है और लिस्टिंग के समय शेयर इससे कम या ज्यादा कीमत पर भी खुल सकता है।
Buy, Sell या Hold? ब्रोकरेज की क्या राय है?
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज की राय
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के मुताबिक कंपनी ने पिछले दो वर्षों में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। ब्रोकरेज ने कंपनी के करीब 22% EBITDA मार्जिन और घरेलू बाजार में उसकी स्थिति को सकारात्मक माना है।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी लंबी अवधि में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। इसलिए जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुआ है, उनके लिए मीडियम से लॉन्ग टर्म होल्ड करने का विकल्प बताया गया है।
आनंद राठी की राय
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स ने भी कंपनी के बिजनेस मॉडल के कुछ मजबूत पहलुओं को रेखांकित किया था। कंपनी के पास 11,000 से ज्यादा SKUs, करीब 170 डायरेक्ट क्लाइंट्स और रेलवे एवं डिफेंस जैसे क्षेत्रों में भी मौजूदगी है।
ब्रोकरेज के अनुसार अपर प्राइस बैंड पर FY26 का P/E मल्टीपल करीब 22.25x था, जिसे उन्होंने उचित वैल्युएशन के तौर पर देखा। ब्रोकरेज ने इश्यू को Subscribe – Long Term की रेटिंग दी थी।
लिस्टिंग वाले दिन निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Hy-Tech Engineers के शेयर अलॉट हो चुके निवेशकों के लिए रणनीति उनके निवेश उद्देश्य पर निर्भर करेगी।
अगर आपका लक्ष्य सिर्फ लिस्टिंग गेन है, तो GMP के आधार पर मजबूत ओपनिंग मिलने की स्थिति में मुनाफा बुक करना एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, सिर्फ GMP देखकर बाजार खुलते ही निर्णय लेना जरूरी नहीं है। लिस्टिंग के बाद शुरुआती उतार-चढ़ाव भी काफी तेज हो सकता है।
अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्युएशन, ऑर्डर बुक, मार्जिन और हाइड्रॉलिक्स इंडस्ट्री की संभावित ग्रोथ को देखते हुए शेयर को होल्ड करने पर विचार किया जा सकता है। ब्रोकरेज की राय भी लंबी अवधि को लेकर सकारात्मक रही है।
यानी आसान भाषा में कहें तो शॉर्ट टर्म निवेशक लिस्टिंग गेन के बाद प्रॉफिट बुक करने पर विचार कर सकते हैं, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशक कंपनी के फंडामेंटल्स पर भरोसा होने की स्थिति में होल्ड करने का विकल्प देख सकते हैं।
जरूरी डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से है। IPO का GMP अनऑफिशियल होता है और वास्तविक लिस्टिंग प्राइस इससे अलग हो सकता है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और जोखिमों का अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर SEBI-रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी शेयर में निवेश करने की सलाह या गारंटी नहीं देता।


