Hero Motors IPO: ₹1,200 करोड़ से घटकर ₹1,000 करोड़ हुआ इश्यू
Hero Motors IPO: पावरट्रेन सॉल्यूशंस उपलब्ध कराने वाली Hero Motors ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के आकार में बदलाव किया है। कंपनी अब पहले तय किए गए ₹1,200 करोड़ के बजाय ₹1,000 करोड़ का आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। आईपीओ के आकार में यह कमी मुख्य रूप से फ्रेश इश्यू के हिस्से में की गई है।
कंपनी को बाजार नियामक सेबी (SEBI) से इस बदलाव की मंजूरी मिल चुकी है। नए प्रस्ताव के अनुसार, आईपीओ में ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹400 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा।
इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी करके ₹600 करोड़ जुटाने की योजना बनाएगी, जबकि प्रमोटर शेयरधारकों की ओर से ₹400 करोड़ के शेयर OFS के जरिए बेचे जाएंगे।
पहले क्या था Hero Motors IPO का प्लान?
Hero Motors ने जून 2025 में सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल किया था। उस समय कंपनी ने आईपीओ के जरिए कुल ₹1,200 करोड़ जुटाने की योजना बनाई थी।
पुराने प्रस्ताव के मुताबिक:
- फ्रेश इश्यू: ₹800 करोड़
- ऑफर फॉर सेल: ₹400 करोड़
- कुल आईपीओ साइज: ₹1,200 करोड़
अब कंपनी ने फ्रेश इश्यू का आकार कम कर दिया है। इसके बाद कुल इश्यू साइज भी ₹1,000 करोड़ रह गया है।
नए नियमों का मिला फायदा
Hero Motors ने आईपीओ के आकार में बदलाव के लिए सेबी के नए नियमों का इस्तेमाल किया है। 13 अप्रैल 2026 से लागू नियमों के तहत कंपनियों को कुछ शर्तों के साथ नया ड्राफ्ट दाखिल किए बिना फ्रेश इश्यू के आकार में बदलाव करने की अनुमति दी गई है।
इसी के तहत Hero Motors ने 30 जुलाई को सेबी के पास आवेदन किया था। कंपनी ने फ्रेश इश्यू के आकार के साथ-साथ कुल ऑफर साइज में संशोधन की मंजूरी मांगी थी।
इसके बाद 27 अगस्त को मिले अप्रूवल लेटर के आधार पर कंपनी ने फ्रेश इश्यू का आकार घटाकर ₹600 करोड़ कर दिया।
OFS में भी हुआ बदलाव
आईपीओ के ऑफर फॉर सेल हिस्से में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। हालांकि OFS का कुल आकार ₹400 करोड़ ही रखा गया है, लेकिन शेयर बेचने वाले प्रमोटर शेयरधारकों के बीच इसका बंटवारा बदल गया है।
भाग्योदय इन्वेस्टमेंट्स ने ₹5 करोड़ तक के शेयर बेचने का अपना प्रस्ताव वापस लेने का फैसला किया है। दूसरी ओर, ओपी मुंजाल होल्डिंग्स ने अपने OFS का आकार ₹390 करोड़ से बढ़ाकर ₹395 करोड़ कर दिया है।
अब OFS में:
- ओपी मुंजाल होल्डिंग्स: ₹395 करोड़
- हीरो साइकिल्स: ₹5 करोड़
- कुल OFS: ₹400 करोड़
इस तरह OFS का कुल आकार पहले की तरह ₹400 करोड़ ही रहेगा, लेकिन शेयर बेचने वाले प्रमोटरों की हिस्सेदारी में बदलाव हुआ है।
IPO से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कैसे होगा?
Hero Motors ने फ्रेश इश्यू से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल की योजना में भी बदलाव किया है। कंपनी के मुताबिक, आईपीओ से प्राप्त राशि का एक हिस्सा कर्ज कम करने में इस्तेमाल किया जाएगा।
कंपनी अब लगभग ₹190 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज को हल्का करने के लिए करेगी। इसके अलावा करीब ₹200 करोड़ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर स्थित प्लांट की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद पर खर्च किए जाएंगे।
बाकी राशि का इस्तेमाल कंपनी अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए कर सकती है।
यहां यह समझना जरूरी है कि OFS के तहत शेयर बेचकर मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाएगी। OFS से प्राप्त पैसा संबंधित शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को मिलता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Hero Motors के आईपीओ का आकार कम होने से कंपनी फ्रेश इश्यू के जरिए पहले की तुलना में कम पूंजी जुटाएगी। हालांकि कंपनी ने कर्ज कम करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने जैसे उद्देश्यों को बरकरार रखा है।
आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी के DRHP/RHP, वित्तीय प्रदर्शन, वैल्यूएशन, कर्ज, प्रमोटर होल्डिंग और आईपीओ की अंतिम कीमत जैसी जानकारियों का विश्लेषण करना चाहिए। केवल इश्यू साइज या कंपनी के ब्रांड नाम के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है।
Hero Motors IPO: एक नजर में
| जानकारी | पुराना प्रस्ताव | नया प्रस्ताव |
|---|---|---|
| कुल IPO साइज | ₹1,200 करोड़ | ₹1,000 करोड़ |
| फ्रेश इश्यू | ₹800 करोड़ | ₹600 करोड़ |
| OFS | ₹400 करोड़ | ₹400 करोड़ |
| कर्ज घटाने के लिए | — | ₹190 करोड़ |
| प्लांट क्षमता विस्तार | — | ₹200 करोड़ |
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों और वित्तीय स्थिति का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


