Heavy Rain Alert: मानसून की सक्रियता के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 30 अगस्त को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तरी पंजाब के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण बनने की स्थिति है, जबकि ओडिशा के आसपास कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने से पूर्वी और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इन सिस्टम के प्रभाव से कई जगहों पर बादल छाए रहने, तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।
16 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 30 अगस्त को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों तक कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ आंधी आ सकती है।
वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम समेत कई राज्यों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में भी कुछ स्थानों पर जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है और कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। तेज बारिश और हवाओं के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बिगड़ेगा मौसम
उत्तर प्रदेश में 30 अगस्त को कई जिलों में बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में बिजली गिरने, पेड़ या होर्डिंग गिरने और स्थानीय जलभराव जैसी समस्याओं से सावधान रहने की जरूरत है।
बिहार में भी मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश के साथ आंधी आने की संभावना है। निचले इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश के कारण मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लगातार या तेज बारिश होने पर पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है।
जम्मू-कश्मीर में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले और यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जोरदार बारिश के आसार
पूर्वी भारत में मौसम की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ हवाएं चलने की संभावना है। ओडिशा के आसपास बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से बारिश की गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है।
ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी भारी बारिश
असम समेत पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। भारी बारिश के दौरान जलभराव, नदियों के जलस्तर में वृद्धि और स्थानीय स्तर पर भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
इन राज्यों में भी बारिश की संभावना
मानसून की सक्रियता का असर देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में भी देखने को मिल सकता है। गुजरात, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
बारिश के दौरान लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने, अनावश्यक यात्रा टालने और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग की चेतावनी को न करें नजरअंदाज
मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। खासकर भारी बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग और कमजोर निर्माण गिरने का खतरा रहता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट लेते रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सावधानी से वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी जाती है।
डिस्क्लेमर: यह मौसम संबंधी जानकारी दिए गए इनपुट पर आधारित है। स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। किसी भी यात्रा या सुरक्षा संबंधी निर्णय से पहले भारतीय मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ताजा चेतावनी जरूर देखें।


