Atomberg IPO: बिजली की कम खपत वाले पंखे और दूसरे इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बनाने वाली एटमबर्ग टेक्नोलॉजीज जल्द ही अपना आईपीओ ला सकती है। कंपनी ने आईपीओ के जरिए नए शेयर जारी कर करीब ₹450 करोड़ जुटाने की योजना बनाई है। इसके अलावा आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा, जिसके तहत कंपनी के मौजूदा निवेशक अपने करीब 7.65 करोड़ शेयर बेच सकते हैं।
आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार को आगे बढ़ाने, ब्रांड को मजबूत करने, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और कर्ज कम करने के लिए करेगी। हालांकि, कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले तीन वित्त वर्षों से उसे लगातार घाटा हो रहा है। ऐसे में निवेशकों के लिए कंपनी की ग्रोथ संभावनाओं के साथ उसके जोखिमों को समझना भी जरूरी होगा।
2012 में शुरू हुई थी Atomberg Technologies
Atomberg Technologies की शुरुआत साल 2012 में हुई थी। कंपनी का मुख्यालय मुंबई में है। एटमबर्ग मुख्य रूप से ऊर्जा की कम खपत करने वाले इलेक्ट्रिकल और घरेलू उपकरण बनाती है। कंपनी को खासतौर पर उसके स्मार्ट और एनर्जी-एफिशिएंट सीलिंग फैंस के लिए जाना जाता है।
पारंपरिक पंखों की तुलना में कम बिजली खपत वाले प्रोडक्ट्स के दम पर कंपनी ने घरेलू इलेक्ट्रिकल अप्लायंस मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाई है। समय के साथ कंपनी ने पंखों के अलावा दूसरे इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स की कैटेगरी में भी विस्तार किया है।
कंपनी ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए ICICI Securities, Avendus Capital और IIFL Capital Services को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स नियुक्त किया है।
IPO में OFS के जरिए पुराने निवेशक बेचेंगे शेयर
Atomberg IPO में फ्रेश इश्यू के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल यानी OFS भी होगा। OFS के जरिए कंपनी के शुरुआती और मौजूदा निवेशकों को अपने शेयर बेचकर निवेश से बाहर निकलने या आंशिक मुनाफा कमाने का मौका मिलेगा।
प्रस्तावित OFS में कई बड़े निवेशक शामिल हैं। इनमें A91 Partners भी है, जिसने अपने Emerging Fund I के जरिए कंपनी में निवेश किया था। A91 Partners करीब 3.77 करोड़ शेयर बेच सकती है।
इसके अलावा Temasek की V-Sciences Investments करीब 1.22 करोड़ शेयर बेचने की योजना में है। वहीं Jungle Ventures अपने JV4 फंड के जरिए करीब 99.5 लाख शेयर बेच सकती है।
इस तरह आईपीओ में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल होंगे। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम कंपनी को मिलेगी, जबकि OFS से जुटाई गई रकम संबंधित मौजूदा शेयरधारकों के पास जाएगी।
शुरुआती निवेशकों को मिल सकता है बड़ा रिटर्न
Atomberg IPO का एक दिलचस्प पहलू यह है कि कंपनी में शुरुआती दौर में निवेश करने वाले कुछ निवेशकों ने काफी कम कीमत पर शेयर खरीदे थे। अगर आईपीओ में कंपनी का वैल्यूएशन इन निवेशकों के खरीद मूल्य से काफी ऊपर रहता है, तो उन्हें बड़ा रिटर्न मिल सकता है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Survam ने कंपनी के शेयर करीब ₹6.64 प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे थे। वहीं Steadview का निवेश मूल्य करीब ₹60.60 प्रति शेयर था।
V-Sciences Investments ने करीब ₹59.68 प्रति शेयर की कीमत पर निवेश किया था, जबकि A91 Partners का निवेश मूल्य करीब ₹9.02 प्रति शेयर बताया गया है।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी के शुरुआती दौर में कम वैल्यूएशन पर निवेश करने वाले निवेशकों के लिए आईपीओ एक बड़ा एग्जिट अवसर बन सकता है।
₹450 करोड़ का इस्तेमाल कहां करेगी कंपनी?
Atomberg Technologies फ्रेश इश्यू से जुटाए जाने वाले करीब ₹450 करोड़ का इस्तेमाल कारोबार को मजबूत करने के लिए करने की योजना बना रही है। कंपनी ने इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में रकम खर्च करने का प्लान तैयार किया है।
ब्रांड मजबूत करने पर ₹150 करोड़
कंपनी करीब ₹150 करोड़ का इस्तेमाल अपने ब्रांड को मजबूत करने के लिए करेगी। एटमबर्ग का फोकस अपने प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक ब्रांड को पहुंचाने पर है।
R&D पर ₹100 करोड़
कंपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) के लिए करीब ₹100 करोड़ खर्च करेगी। एनर्जी-एफिशिएंट और स्मार्ट इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स के बाजार में टेक्नोलॉजी और नए प्रोडक्ट्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में R&D पर निवेश कंपनी की भविष्य की प्रोडक्ट पाइपलाइन के लिए अहम हो सकता है।
कर्ज चुकाने में ₹90 करोड़
कंपनी करीब ₹90 करोड़ का इस्तेमाल अपने कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। कर्ज कम होने से कंपनी के वित्तीय दबाव को घटाने में मदद मिल सकती है और बैलेंसशीट मजबूत हो सकती है।
बाकी रकम का इस्तेमाल कंपनी की सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और कारोबार से जुड़े अन्य खर्चों के लिए किया जा सकता है।
लगातार तीन वित्त वर्षों से घाटे में कंपनी
Atomberg IPO में निवेश करने वाले लोगों के लिए कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन सबसे अहम पहलुओं में से एक रहेगा। कंपनी पिछले तीन वित्त वर्षों से घाटे में चल रही है।
वित्त वर्ष 2024 में कंपनी का घाटा करीब ₹199.1 करोड़ रहा था। इसके बाद FY25 में घाटा घटकर करीब ₹117.4 करोड़ हुआ। हालांकि FY26 में कंपनी का घाटा फिर बढ़कर करीब ₹148.9 करोड़ हो गया।
यानी घाटे में कुछ सुधार के बाद कंपनी की नुकसान की स्थिति दोबारा बढ़ी है। इसके अलावा FY26 में कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी निगेटिव हो गया। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम है, क्योंकि लगातार निगेटिव कैश फ्लो कंपनी की अपनी कमाई से कारोबार चलाने की क्षमता पर दबाव दिखा सकता है।
मैन्युफैक्चरिंग और R&D एक ही क्षेत्र में केंद्रित
कंपनी के कारोबार से जुड़ा एक और जोखिम इसके ऑपरेशनल कॉन्सेंट्रेशन से संबंधित है। Atomberg का मैन्युफैक्चरिंग और R&D ऑपरेशन मुख्य रूप से पुणे के आसपास केंद्रित है।
अगर किसी वजह से इस क्षेत्र में उत्पादन, सप्लाई चेन या अन्य ऑपरेशनल गतिविधियां प्रभावित होती हैं, तो इसका असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। किसी एक प्रमुख भौगोलिक क्षेत्र पर अधिक निर्भरता इसलिए निवेशकों के लिए जोखिम का विषय हो सकती है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Atomberg IPO में निवेशकों को एक तरफ तेजी से बढ़ते एनर्जी-एफिशिएंट इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट्स बाजार और मजबूत ब्रांड की संभावनाएं दिखाई देती हैं। दूसरी तरफ कंपनी का लगातार घाटे में रहना, FY26 में बढ़ा हुआ नुकसान, निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो और पुणे क्षेत्र में ऑपरेशंस का ज्यादा केंद्रित होना जोखिम बढ़ाता है।
इसके अलावा IPO में OFS के जरिए शुरुआती निवेशकों द्वारा बड़ी संख्या में शेयर बेचे जाने से यह सवाल भी महत्वपूर्ण होगा कि मौजूदा निवेशक किस वैल्यूएशन पर अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं और कंपनी का अंतिम IPO वैल्यूएशन क्या तय होता है।
निवेशकों को Atomberg IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी के IPO प्राइस बैंड, वैल्यूएशन, वित्तीय नतीजों, ग्रोथ रेट, कर्ज और IPO दस्तावेजों में बताए गए जोखिमों का सावधानी से विश्लेषण करना चाहिए। केवल शुरुआती निवेशकों के संभावित बड़े मुनाफे को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।


