Trump Tariffs: अमेरिका और कनाडा के बीच नए टैरिफ को टालने को लेकर चल रही बातचीत आखिरी समय में टूट गई। दोनों देशों के अधिकारी कई हफ्तों से इस मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे और एक ड्राफ्ट समझौते पर सहमति भी बनी थी, लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका। अब अमेरिका कनाडा से आने वाले कई सामान पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क लागू करेगा।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार रात 12:01 बजे से कनाडा से अमेरिका आने वाली सैकड़ों वस्तुओं पर नए टैरिफ लागू हो जाएंगे। इनमें प्लाईवुड, शराब, बिजली के उपकरण और हॉकी से जुड़े सामान समेत कई उत्पाद शामिल हैं।
900 अरब डॉलर का है दोनों देशों के बीच व्यापार
अमेरिका और कनाडा लंबे समय से करीबी व्यापारिक साझेदार और सहयोगी रहे हैं। पिछले साल दोनों देशों के बीच सामान और सेवाओं का कुल व्यापार करीब 900 अरब डॉलर रहा था। ऐसे में नए टैरिफ का असर दोनों देशों के कारोबार और उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
टैरिफ विवाद के बीच दोनों देशों के राजनीतिक संबंधों में भी तनाव बढ़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। वह कनाडा के प्रधानमंत्रियों को ‘गवर्नर’ तक कह चुके हैं।
कई हफ्तों से चल रही थी टैरिफ पर बातचीत
अमेरिका और कनाडा के अधिकारी पिछले कई हफ्तों से टैरिफ को लेकर बातचीत कर रहे थे। इस दौरान दोनों पक्ष एक ड्राफ्ट डील पर सहमत हुए थे। प्रस्तावित समझौते में कनाडा के कुछ स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ को घटाकर 25 प्रतिशत करने की बात थी।
इसके अलावा कनाडा से आने वाली कारों पर ड्यूटी को घटाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव भी शामिल था। इसके बदले कनाडा को उन जवाबी टैरिफ और अन्य कदमों को हटाना था, जो ट्रंप प्रशासन की ट्रेड वॉर नीति के बाद लागू किए गए थे।
अमेरिका ने मांगी थीं कई रियायतें
व्हाइट हाउस की ओर से कनाडा से कई रियायतों की मांग की गई थी। इनमें अमेरिकी कारों पर लगाए गए कनाडाई जवाबी टैरिफ को हटाना और कनाडा के ज्यादातर प्रांतों में अमेरिकी शराब की खुदरा बिक्री पर लगी पाबंदियों को खत्म करना शामिल था।
हालांकि, बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष अंतिम समझौते तक नहीं पहुंच सके।
आगे बातचीत की तारीख भी तय नहीं
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने आरोप लगाया है कि कनाडा ने समझौते को अंतिम रूप देने से इनकार कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, फिलहाल दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत के लिए कोई नई तारीख तय नहीं हुई है।
इस घटनाक्रम के बाद अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ने की आशंका है। अगर टैरिफ लंबे समय तक जारी रहते हैं, तो इससे दोनों देशों के कारोबार, सप्लाई चेन और कुछ उत्पादों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।


