कॉलेज में 9 CGPA से ज्यादा हासिल करना किसी भी छात्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अच्छे नंबरों को अक्सर शानदार करियर की पहली सीढ़ी माना जाता है। लेकिन क्या सिर्फ CGPA ही किसी छात्र के भविष्य और नौकरी के पैकेज को तय करती है? सोशल मीडिया पर सामने आई आदित्य जामवाल की कहानी इस सोच को एक अलग नजरिया देती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आदित्य जामवाल ने कॉलेज में 6.8 CGPA हासिल की, लेकिन इसके बावजूद वह आज Microsoft में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी सालाना सैलरी ₹32 लाख से ज्यादा बताई जा रही है। वहीं, वायरल पोस्ट में एक 9.2 CGPA वाले छात्र का जिक्र है, जिसे कथित तौर पर करीब ₹6 लाख सालाना के पैकेज पर नौकरी मिली।
9.2 CGPA वाले छात्र से हुई तुलना
Meet Aditya Jamwal, who completed his https://t.co/BC6fLkcQNf CSE from JIIT Noida. This backbencher with just 6.8 CGPA focused on what is important. Now he is a SWE at Microsoft Hyderabad, earning more than 32 LPA.
Whereas his 9.2 CGPA class topper is working at a startup for 6… pic.twitter.com/rMpNKr8c5I
— Vikas Alwys (@VikasAlwys) August 19, 2026 सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट में आदित्य जामवाल की तुलना एक ऐसे छात्र से की गई, जिसने कथित तौर पर 9.2 CGPA हासिल की थी। पोस्ट के अनुसार, वह छात्र फिलहाल एक स्टार्टअप में करीब ₹6 लाख सालाना के पैकेज पर काम कर रहा है।
अगर पोस्ट में बताए गए आंकड़े सही हैं, तो दोनों के शुरुआती पैकेज में करीब ₹26 लाख सालाना का अंतर है। हालांकि, किसी व्यक्ति की सैलरी केवल CGPA से तय नहीं होती। कॉलेज, कंपनी, भूमिका, इंटरव्यू प्रदर्शन, तकनीकी कौशल और अनुभव जैसे कई दूसरे कारक भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।
आदित्य ने नंबरों के बजाय स्किल पर दिया जोर
वायरल पोस्ट के मुताबिक, कॉलेज के दौरान आदित्य ने सिर्फ अपनी अकादमिक पढ़ाई पर निर्भर रहने के बजाय तकनीकी कौशल विकसित करने पर खास ध्यान दिया। उन्होंने डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम की तैयारी की और करीब 50 अलग-अलग पैटर्न पर काम किया।
इसके साथ ही उन्होंने ऐसा प्रोजेक्ट तैयार करने पर ध्यान दिया, जिसे नौकरी के इंटरव्यू में विस्तार से समझाया जा सके। यह तरीका छात्रों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टेक्नोलॉजी कंपनियों के इंटरव्यू में केवल किताबी जानकारी नहीं, बल्कि किसी समस्या को समझने और उसका व्यावहारिक समाधान निकालने की क्षमता भी परखी जाती है।
इंटरव्यू की तैयारी में इन विषयों पर भी किया फोकस
आदित्य की तैयारी सिर्फ कोडिंग तक सीमित नहीं बताई गई। पोस्ट के अनुसार, उन्होंने लो-लेवल सिस्टम डिजाइन के साथ ऑपरेटिंग सिस्टम, डेटाबेस और कंप्यूटर नेटवर्क जैसे विषयों की समझ भी मजबूत की।
इसके अलावा, मौजूदा टेक इंडस्ट्री के माहौल को देखते हुए उन्होंने जनरेटिव एआई की बुनियादी जानकारी हासिल करने पर भी ध्यान दिया। यानी उनकी तैयारी में तीन चीजों का मेल दिखाई देता है—तकनीकी ज्ञान, प्रोजेक्ट्स और इंटरव्यू के दौरान उस ज्ञान को सही तरीके से पेश करने की क्षमता।
क्या कम CGPA होने से करियर प्रभावित नहीं होता?
ऐसा कहना सही नहीं होगा कि CGPA की कोई अहमियत नहीं है। कई कॉलेजों में प्लेसमेंट के लिए न्यूनतम CGPA की शर्त होती है। उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति और कुछ कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया में भी अच्छे अकादमिक रिकॉर्ड का फायदा मिलता है।
लेकिन 6.8 CGPA वाले आदित्य की बताई गई कहानी यह जरूर दिखाती है कि एक छात्र की पूरी क्षमता को केवल मार्कशीट के एक आंकड़े से नहीं आंका जा सकता। खासकर टेक्नोलॉजी क्षेत्र में मजबूत प्रोग्रामिंग स्किल, प्रोजेक्ट्स, समस्या सुलझाने की क्षमता और इंटरव्यू की तैयारी करियर में बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
‘मार्क्स के पीछे नहीं, नॉलेज के पीछे भागो’
इस वायरल पोस्ट का मुख्य संदेश है—“Don’t chase the marks. Chase the knowledge.” यानी छात्रों को केवल ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल करने की दौड़ में रहने के बजाय अपने ज्ञान और कौशल को मजबूत करने पर भी ध्यान देना चाहिए।
CGPA रिज्यूमे पर मौजूद एक आंकड़ा हो सकता है, लेकिन नौकरी के इंटरव्यू में अक्सर यह देखा जाता है कि उम्मीदवार किसी वास्तविक समस्या को कैसे हल करता है, अपने प्रोजेक्ट को कितनी अच्छी तरह समझता है और तकनीकी सवालों का जवाब किस तरह देता है।
छात्रों के लिए क्या है इस कहानी का सबक?
आदित्य जामवाल की कहानी को देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि पढ़ाई या अच्छे नंबर जरूरी नहीं हैं। बेहतर संदेश यह है कि अच्छी CGPA और मजबूत स्किल्स दोनों का संतुलन सबसे बेहतर हो सकता है।
छात्रों को कॉलेज के दौरान पढ़ाई के साथ-साथ डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, सिस्टम डिजाइन, डेटाबेस और अन्य जरूरी तकनीकी विषयों पर भी काम करना चाहिए। साथ ही अपने प्रोजेक्ट्स को समझना और इंटरव्यू में उन्हें प्रभावी तरीके से समझाना भी सीखना चाहिए।
आखिरकार, करियर में सफलता केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि कॉलेज में कितने नंबर आए। कई बार असली अंतर यह तय करता है कि आपने उन वर्षों में क्या सीखा, कितना बनाया और अपनी स्किल्स को वास्तविक समस्याओं पर कैसे लागू किया।
नोट: आदित्य जामवाल की CGPA, Microsoft की नौकरी और ₹32 लाख से अधिक पैकेज से जुड़े आंकड़े वायरल सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों पर आधारित हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।


