Gold Silver ETFs Rally Today: गुरुवार, 20 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में सोने और चांदी से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में जोरदार तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में आई तेज बढ़त का असर घरेलू ETF पर भी दिखाई दिया। खासतौर पर सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया और कई सिल्वर ETF में 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
इस तेजी के पीछे अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और अमेरिकी डॉलर की कमजोरी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। आमतौर पर जब बॉन्ड यील्ड नीचे आती है और डॉलर कमजोर होता है, तो निवेशकों के बीच सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं की मांग बढ़ सकती है।
सिल्वर ETF में 4% से ज्यादा की तेजी
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे तक कई सिल्वर ETF में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। टाटा सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 4.23 फीसदी की तेजी के साथ 22.89 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
इसी तरह निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF 4.05 फीसदी बढ़कर 225.20 रुपये पर पहुंच गया। SBI सिल्वर ETF में भी 4.05 फीसदी की तेजी आई और यह 230.75 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF करीब 3.87 फीसदी की बढ़त के साथ 234.95 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
इससे साफ है कि गुरुवार के शुरुआती कारोबार में चांदी से जुड़े ETF में निवेशकों की दिलचस्पी सोने के मुकाबले ज्यादा रही।
प्रमुख सिल्वर ETF का प्रदर्शन
| सिल्वर ETF | तेजी | कीमत |
|---|---|---|
| Tata Silver ETF | 4.23% | ₹22.89 |
| Nippon India Silver ETF | 4.05% | ₹225.20 |
| SBI Silver ETF | 4.05% | ₹230.75 |
| ICICI Prudential Silver ETF | 3.87% | ₹234.95 |
गोल्ड ETF भी मजबूत, 2% से ज्यादा चढ़े
सिर्फ सिल्वर ETF ही नहीं, बल्कि गोल्ड ETF में भी गुरुवार को अच्छी तेजी रही। ICICI प्रूडेंशियल गोल्ड ETF 2.40 फीसदी बढ़कर 133.31 रुपये पर पहुंच गया।
इसके अलावा निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES में 2.35 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई और इसकी कीमत 128.68 रुपये के आसपास पहुंच गई। SBI गोल्ड ETF भी 2.35 फीसदी बढ़कर 132.79 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
वहीं टाटा गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड 2.23 फीसदी की तेजी के साथ 15.10 रुपये पर पहुंच गया।
प्रमुख गोल्ड ETF का प्रदर्शन
| गोल्ड ETF | तेजी | कीमत |
|---|---|---|
| ICICI Prudential Gold ETF | 2.40% | ₹133.31 |
| Nippon India ETF Gold BeES | 2.35% | ₹128.68 |
| SBI Gold ETF | 2.35% | ₹132.79 |
| Tata Gold ETF | 2.23% | ₹15.10 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी में जोरदार उछाल
भारतीय ETF में आई तेजी का कनेक्शन अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट से भी है। बुधवार को वैश्विक बाजार में सोने की कीमत में 4 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। इसके पीछे अमेरिकी ट्रेजरी से जुड़ी एक अहम घोषणा को माना गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी ने लंबी अवधि के सरकारी कर्ज की बायबैक यानी पुराने सरकारी बॉन्ड की दोबारा खरीद बढ़ाने की घोषणा की। इसका उद्देश्य ट्रेजरी मार्केट में लिक्विडिटी को समर्थन देना और उधारी की लागत को नियंत्रित करने में मदद करना था।
इस घोषणा के बाद लंबी अवधि की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। साथ ही अमेरिकी डॉलर पर भी दबाव देखने को मिला। इन दोनों परिस्थितियों को सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए सकारात्मक माना जाता है।
बॉन्ड यील्ड गिरने से सोने को क्यों फायदा होता है?
सोना अपने आप में कोई ब्याज नहीं देता। इसलिए जब बॉन्ड या सरकारी सिक्योरिटीज से मिलने वाला रिटर्न ज्यादा होता है, तो निवेशकों के लिए सोने में पैसा लगाने की वैकल्पिक लागत बढ़ जाती है।
इसके उलट, जब बॉन्ड यील्ड नीचे आती है तो सोने को रखने की Opportunity Cost कम हो जाती है। ऐसे माहौल में कुछ निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाना पसंद करते हैं।
इसके अलावा डॉलर की कमजोरी भी सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत आमतौर पर डॉलर में तय होती है। डॉलर कमजोर होने पर दूसरी करेंसी रखने वाले खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो सकता है, जिससे इसकी मांग को समर्थन मिल सकता है।
सोना रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब
गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत बुधवार की तेज बढ़त के बाद ऊंचे स्तर पर बनी रही। हालांकि शुरुआती कारोबार में कुछ मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
सत्र की शुरुआत में स्पॉट गोल्ड 4,525.79 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। यह जून की शुरुआत के बाद का उच्चतम स्तर बताया गया। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण कीमत करीब 4,500 डॉलर के स्तर की ओर आ गई।
इसके बावजूद सोने की कीमत बुधवार की जोरदार तेजी से पहले के मुकाबले काफी ऊंचे स्तर पर बनी रही। इससे बाजार में कीमती धातुओं को लेकर मजबूत धारणा का संकेत मिलता है।
चांदी भी 67 डॉलर के ऊपर
सोने के साथ-साथ चांदी में भी जबरदस्त तेजी रही। बुधवार के कारोबार में चांदी की कीमत में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया था। गुरुवार को भी चांदी 67 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बनी रही।
कम अमेरिकी यील्ड और डॉलर में कमजोरी के कारण बुलियन की मांग बढ़ने से चांदी को भी फायदा मिला। चांदी का इस्तेमाल निवेश के अलावा इंडस्ट्रियल सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए इसकी कीमत पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक मांग का भी असर पड़ सकता है।
MCX पर भी सोना-चांदी मजबूत
अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी का असर घरेलू वायदा बाजार में भी दिखाई दिया। गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे MCX पर सोने के अक्टूबर फ्यूचर्स 0.33 फीसदी की बढ़त के साथ 1,58,521 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहे थे।
वहीं MCX चांदी के सितंबर फ्यूचर्स में 1.29 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और कीमत 2,39,850 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।
यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ घरेलू वायदा बाजार में भी सोने और चांदी के प्रति निवेशकों की धारणा मजबूत बनी हुई थी।
शेयर बाजार में भी तेजी
गुरुवार सुबह सिर्फ कीमती धातुओं से जुड़े ETF ही नहीं, बल्कि भारतीय इक्विटी बाजार में भी खरीदारी देखने को मिली।
सुबह करीब 10:03 बजे सेंसेक्स 550 अंक या 0.72 फीसदी की बढ़त के साथ 77,459.75 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 50 करीब 127.50 अंक या 0.53 फीसदी चढ़कर 24,205.80 पर पहुंच गया था।
इस तरह गुरुवार के शुरुआती कारोबार में इक्विटी के साथ-साथ गोल्ड और सिल्वर ETF में भी निवेशकों की सक्रियता देखने को मिली।
ETF के जरिए सोने-चांदी में निवेश कैसे अलग है?
गोल्ड और सिल्वर ETF ऐसे निवेश साधन हैं जिनके जरिए निवेशक सीधे भौतिक सोना या चांदी खरीदे बिना इन कीमती धातुओं की कीमतों में निवेश की सुविधा पा सकते हैं। ETF शेयर बाजार में ट्रेड होते हैं और इनकी कीमत संबंधित अंतर्निहित एसेट के प्रदर्शन से जुड़ी होती है।
हालांकि ETF में निवेश करते समय केवल एक दिन की तेजी देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर इंडेक्स, बॉन्ड यील्ड, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाओं जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
इसलिए मौजूदा तेजी को निवेश का सीधा संकेत मानने के बजाय निवेशकों को अपने जोखिम, निवेश अवधि और पोर्टफोलियो के हिसाब से फैसला करना चाहिए।
क्या सिल्वर ETF की तेजी आगे भी जारी रहेगी?
गुरुवार को सिल्वर ETF ने गोल्ड ETF से बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन आगे की दिशा कई वैश्विक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर में आगे होने वाला उतार-चढ़ाव कीमती धातुओं के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
इसके अलावा वैश्विक आर्थिक विकास, ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंकों का रुख और औद्योगिक मांग भी चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
इसलिए मौजूदा तेजी के बावजूद निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की परिस्थितियों को समझकर ही कोई निर्णय लें।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी बाजार में उपलब्ध आंकड़ों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। यह किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। सोना, चांदी, ETF या किसी अन्य वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखें तथा जरूरत पड़ने पर SEBI-रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार की सलाह लें।


