Sensex-Nifty Closing Today: घरेलू शेयर बाजार में लगातार सातवें कारोबारी दिन बिकवाली का दबाव देखने को मिला। बुधवार, 19 अगस्त 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिकी नक्शे में होर्मुज को लेकर मचे विवाद और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी ने एशियाई बाजारों पर दबाव बनाया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी नजर आया। हालांकि आईटी शेयरों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर में बिकवाली के कारण बाजार बढ़त कायम नहीं रख सका।
सेंसेक्स 326 अंक टूटा, निफ्टी 24,100 के नीचे बंद

कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 24,000 के करीब पहुंच गया।
दिन के अंत में BSE Sensex 325.78 अंक यानी 0.42% गिरकर 76,909.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 76.60 अंक यानी 0.32% की गिरावट के साथ 24,078.30 पर बंद हुआ।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 412.57 अंक तक गिरकर 76,822.89 के निचले स्तर पर पहुंचा। दूसरी तरफ निफ्टी में भी 129.25 अंकों की गिरावट आई और यह 24,025.65 तक फिसल गया।
10 अगस्त 2026 को निफ्टी करीब फ्लैट रहते हुए 24,583.80 पर बंद हुआ था। इसके मुकाबले आज के इंट्रा-डे लो के आधार पर निफ्टी करीब 558 अंक नीचे आ गया। इसी तरह 13 अगस्त को सेंसेक्स 78,079.96 पर बंद हुआ था, जिसके बाद चार कारोबारी दिनों में इसमें 1,257.07 अंकों की गिरावट देखने को मिली है।
निवेशकों की दौलत में ₹3.47 लाख करोड़ की कमी

बाजार में लगातार जारी बिकवाली का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर भी पड़ा। 18 अगस्त 2026 को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4,92,18,400.66 करोड़ था।
19 अगस्त को कारोबार खत्म होने के बाद यह घटकर ₹4,88,71,168.96 करोड़ रह गया। यानी एक ही कारोबारी सत्र में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹3,47,231.69 करोड़, यानी लगभग ₹3.47 लाख करोड़ की कमी आई।
आईटी सेक्टर ने संभाला बाजार
सेक्टर के लिहाज से बुधवार को आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। Nifty IT इंडेक्स आधे फीसदी से ज्यादा मजबूत हुआ और इसने बाजार की गिरावट को सीमित करने में कुछ मदद की।
हालांकि दूसरी तरफ एफएमसीजी और ऑटो सेक्टर पर बिकवाली का दबाव रहा। Nifty FMCG में 0.55% और Nifty Auto में 0.27% की गिरावट दर्ज की गई।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो Nifty Midcap 100 में 0.21% और Nifty Smallcap 100 में 0.51% की गिरावट रही। इससे संकेत मिलता है कि दबाव केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा।
सेंसेक्स के 9 शेयर बढ़त में बंद
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से आज केवल 9 शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि बाकी शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
बढ़त वाले शेयरों में HCL Technologies, Eternal (Zomato) और Kotak Mahindra Bank प्रमुख रहे। वहीं Power Grid, Bajaj Finance और Larsen & Toubro (L&T) में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली।
इस तरह बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना रहा और चुनिंदा आईटी शेयरों की मजबूती भी सेंसेक्स और निफ्टी को लाल निशान से बाहर नहीं निकाल सकी।
4,500 से ज्यादा शेयरों में हुई ट्रेडिंग
BSE पर बुधवार को कुल 4,521 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें से 1,807 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 2,483 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं 231 शेयरों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
बाजार की दूसरी गतिविधियों पर नजर डालें तो 166 शेयर अपने 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंचे, जबकि 111 शेयरों ने 52-हफ्ते का निचला स्तर छुआ। इसके अलावा 11 शेयर अपर सर्किट और 42 शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गए।
कच्चे तेल और Hormuz तनाव पर बाजार की नजर
भारतीय शेयर बाजार में मौजूदा कमजोरी के पीछे वैश्विक संकेतों की भी अहम भूमिका है। होर्मुज क्षेत्र से जुड़ी खबरों और कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता का विषय होती है, क्योंकि इससे आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और तेल की कीमतों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
लगातार सात कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद अब बाजार की अगली दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की चाल और घरेलू निवेशकों की खरीदारी पर निर्भर करेगी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
लगातार सातवें दिन बाजार का लाल निशान में बंद होना बताता है कि फिलहाल बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति मजबूत है। निफ्टी के 24,000 के आसपास पहुंचने से यह स्तर अब बाजार के लिए अहम सपोर्ट जोन बनकर उभर रहा है।
हालांकि, किसी भी स्तर पर केवल एक दिन की तेजी या गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेशकों को बाजार की अस्थिरता, कंपनियों के फंडामेंटल और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या अन्य वित्तीय साधन में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेशक को किसी खास शेयर या निवेश में पैसा लगाने की सलाह नहीं देता है।


