NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    epfo-fraud-alert-uan-otp-bank-details-share-na-kare
    EPFO Fraud Alert: UAN, OTP और बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें, EPFO ने सदस्यों को किया सावधान
    19 अगस्त 2026
    delhi-lakshmi-yojana-2500-rupees-spending-rules
    दिल्ली लक्ष्मी योजना: ₹2500 की राशि इन जगहों पर नहीं कर पाएंगी खर्च, सरकार ने जारी किए नियम
    19 अगस्त 2026
    ladli-behna-yojana-39-kist-1750-rupaye-rakshabandhan-shagun
    Ladli Behna Yojana 39 Kist: आज बहनों के खाते में आएंगे ₹1750, ₹250 रक्षाबंधन का शगुन भी शामिल
    19 अगस्त 2026
    up-rera-ifms-rules-noida-lucknow-homebuyers-new-rules
    UP RERA IFMS Rules: नोएडा-लखनऊ में घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, जानें नए नियम
    19 अगस्त 2026
    aiapget-admit-card-2026-download-exam-date
    AIAPGET Admit Card 2026: एडमिट कार्ड जारी, 22 अगस्त को होगी परीक्षा, ऐसे करें डाउनलोड
    19 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-19-august-2026-10-cities-gold-rate
    Gold Price Today: महंगा होता जा रहा गोल्ड, लगातार तीसरे दिन बढ़ी चमक, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट का भाव
    19 अगस्त 2026
    gold-price-today-delhi-patna-10-cities-gold-rate-silver-rate
    Gold Price Today: लगातार दूसरे दिन चमका गोल्ड, दिल्ली से पटना तक 10 शहरों में सबसे सस्ता बिक रहा यहां
    18 अगस्त 2026
    gold-silver-price-fed-interest-rate-expectations-dollar-weakness
    Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी कायम, जानिए ग्लोबल संकेत क्यों हैं अहम?
    17 अगस्त 2026
    gold-price-today-gold-silver-price-dollar-fed-rate-update
    Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी
    16 अगस्त 2026
    purani-jewellery-bechne-par-tax-50000-profit-tax-calculation
    स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट गोल्ड के भाव में गिरावट; चांदी भी फिसली
    15 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    shankesh-jewellers-ipo-gmp-subscription-anand-rathi-rating
    Shankesh Jewellers IPO: GMP में बढ़त, सब्सक्रिप्शन रहा फीका, जानें आनंद राठी की राय
    19 अगस्त 2026
    sugar-stocks-share-market-fall-sugar-stocks-rally-51-percent-august
    Sugar Stocks: शेयर बाजार की गिरावट के बीच शुगर स्टॉक्स में तेजी, इस महीने 51% तक उछले शेयर
    19 अगस्त 2026
    symbiotec-pharmalab-ipo-price-band-lot-size-date-details
    Symbiotec Pharmalab IPO: 24 अगस्त से खुलेगा आईपीओ, जानें प्राइस बैंड, लॉट साइज और जरूरी जानकारी
    19 अगस्त 2026
    milky-mist-dairy-share-price-upper-circuit-10-percent-rise
    Milky Mist Dairy Share Price: लगातार दूसरे दिन शेयर बना रॉकेट, 10% तेजी पर लगा अपर सर्किट
    19 अगस्त 2026
    qnt-foods-ipo-listing-american-bakers-share-price-flat-listing
    Q&T Foods IPO Listing: American Bakers की ब्रेड कंपनी के ₹115 के शेयर फ्लैट लिस्ट, निवेशकों को नहीं मिला कोई लिस्टिंग गेन
    19 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Crude Price: रूसी डिस्काउंट खत्म, वेनेजुएला के बढ़े भाव, खाड़ी और अफ्रीका वसूल रहे प्रीमियम, कैसे चलेगी अपनी गाड़ी?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Crude Price: रूसी डिस्काउंट खत्म, वेनेजुएला के बढ़े भाव, खाड़ी और अफ्रीका वसूल रहे प्रीमियम, कैसे चलेगी अपनी गाड़ी?

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/19 at 10:11 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
10 Min Read
crude-oil-price-russian-oil-discount-gulf-premium-india-import-cost
SHARE

Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों में बढ़ते जोखिम के बीच कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। पिछले दो हफ्तों में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ चुकी है और यह 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है। हालांकि, भारतीय रिफाइनर्स के लिए कच्चे तेल की वास्तविक लागत इससे भी ज्यादा हो सकती है।

Contents
भारतीय रिफाइनर्स के लिए तेल क्यों महंगा हो रहा है?भारत पर कितना पड़ेगा असर?सऊदी अरामको की कीमतों से भी नहीं मिल रही बड़ी राहतभारत अब कहां से खरीद रहा है कच्चा तेल?रूसी तेल का फायदा भी खत्म होता दिख रहावेनेजुएला से भी सस्ता तेल मिलना मुश्किलजुलाई की शुरुआत से बिल्कुल बदल गई तस्वीरअमेरिका का दबाव बढ़ा तो और मुश्किल होगीमहंगा क्रूड तो पेट्रोल-डीजल पर क्या असर?आगे क्या होगा?

दरअसल, ग्लोबल बेंचमार्क कीमत बढ़ने के साथ-साथ फिजिकल मार्केट में उपलब्ध कच्चे तेल की सप्लाई पर भी दबाव बढ़ गया है। खाड़ी और पश्चिमी अफ्रीका से आने वाले कच्चे तेल के लिए सप्लायर्स प्रीमियम मांग रहे हैं। दूसरी ओर, भारतीय रिफाइनर्स को पहले रूस से मिलने वाला सस्ता तेल अब उतनी बड़ी छूट पर उपलब्ध नहीं हो रहा है। वेनेजुएला के तेल पर भी डिस्काउंट काफी कम हो गया है।

भारतीय रिफाइनर्स के लिए तेल क्यों महंगा हो रहा है?

पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने का सबसे बड़ा असर समुद्री सप्लाई पर पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर जोखिम बढ़ने से तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे फिजिकल मार्केट में उपलब्ध बैरल पर दबाव बढ़ा है।

इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सप्लायर्स अब जोखिम के हिसाब से अतिरिक्त प्रीमियम मांग रहे हैं। एक रिफाइनरी एग्जीक्यूटिव ने बताया कि लगभग हर ट्रेडर प्रीमियम मांग रहा है।

खाड़ी के सप्लायर्स क्षेत्रीय दुबई-ओमान बेंचमार्क से करीब 3-4 डॉलर प्रति बैरल अतिरिक्त कीमत मांग रहे हैं। वहीं, दुबई-ओमान बेंचमार्क खुद ब्रेंट की तुलना में करीब 6-7 डॉलर प्रति बैरल प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। इस तरह भारतीय रिफाइनर्स के लिए खाड़ी से मिलने वाले कच्चे तेल की प्रभावी लागत ब्रेंट से करीब 10 डॉलर प्रति बैरल अधिक हो सकती है।

भारत पर कितना पड़ेगा असर?

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 90 फीसदी हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश के आयात बिल पर पड़ता है।

अनुमान के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत में 1 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी से भारत का सालाना आयात बिल करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग 18,000 करोड़ रुपये बढ़ सकता है।

इसका असर सिर्फ सरकारी आयात बिल तक सीमित नहीं रहता। लंबे समय तक कच्चा तेल महंगा रहने पर पेट्रोल-डीजल, परिवहन लागत, माल ढुलाई और कई दूसरी वस्तुओं की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।

सऊदी अरामको की कीमतों से भी नहीं मिल रही बड़ी राहत

भारतीय रिफाइनर्स के लिए सऊदी अरब से मिलने वाला तेल भी फिलहाल आसान विकल्प नहीं है। सऊदी अरामको अलग-अलग ग्रेड के लिए आधिकारिक बिक्री कीमतें तय करता है, लेकिन समुद्री मार्गों में बढ़ते व्यवधान के कारण टर्म-कॉन्ट्रैक्ट के जरिए मिलने वाली सप्लाई पर दबाव है।

ऐसे में भारतीय कंपनियां स्पॉट मार्केट का सहारा ले रही हैं। लेकिन यहां उन्हें ट्रेडर्स से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। समुद्री मार्ग में जोखिम बढ़ने के कारण कारोबारी अपने अतिरिक्त जोखिम की भरपाई प्रीमियम के जरिए करना चाहते हैं।

भारत अब कहां से खरीद रहा है कच्चा तेल?

खाड़ी से सप्लाई महंगी और सीमित होने के बीच भारतीय रिफाइनर्स अपने आयात स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रहे हैं।

भारत अमेरिका, ब्राजील और गुयाना जैसे देशों से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य खाड़ी देशों से आने वाली सप्लाई में संभावित कमी को पूरा करना और महंगे पश्चिमी अफ्रीकी ग्रेड पर निर्भरता कम करना है।

हालांकि, दूसरे देशों से तेल खरीदना भी पूरी तरह आसान नहीं है। लंबी दूरी, शिपिंग लागत, बीमा खर्च और समुद्री मार्गों में बढ़ते जोखिम के कारण किसी भी वैकल्पिक स्रोत से मिलने वाला तेल भी महंगा पड़ सकता है।

रूसी तेल का फायदा भी खत्म होता दिख रहा

कुछ समय पहले भारतीय रिफाइनर्स के लिए रूसी कच्चा तेल एक बड़ा फायदा था। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद रूस ने कई खरीदारों को अपने तेल पर आकर्षक डिस्काउंट दिए। भारत ने इसी वजह से रूसी तेल का आयात काफी बढ़ाया।

लेकिन अब रूसी तेल पर मिलने वाली छूट काफी कम हो गई है। इसके पीछे बढ़ते प्रतिबंधात्मक दबाव और रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित कार्रवाई की आशंका अहम है।

अगर रूसी तेल पर डिस्काउंट पूरी तरह खत्म होता है, तो भारतीय रिफाइनर्स के पास सस्ते रूसी बैरल का विकल्प पहले जैसा नहीं रहेगा। इससे उन्हें महंगे मध्य-पूर्वी या अन्य देशों के कच्चे तेल पर ज्यादा निर्भर होना पड़ सकता है।

वेनेजुएला से भी सस्ता तेल मिलना मुश्किल

वेनेजुएला का कच्चा तेल भी भारतीय रिफाइनर्स के लिए एक वैकल्पिक स्रोत रहा है। लेकिन इस तेल पर मिलने वाला डिस्काउंट भी कम हुआ है। ऐसे में रूस और वेनेजुएला दोनों से मिलने वाले सस्ते बैरल का फायदा सीमित होने से भारतीय कंपनियों की औसत क्रूड लागत बढ़ सकती है।

यानी एक तरफ ग्लोबल बेंचमार्क तेजी से ऊपर जा रहा है और दूसरी तरफ उन स्रोतों से मिलने वाला डिस्काउंट भी घट रहा है, जिनसे भारतीय रिफाइनर्स अपनी औसत खरीद लागत को नियंत्रित कर सकते थे।

जुलाई की शुरुआत से बिल्कुल बदल गई तस्वीर

कच्चे तेल के बाजार की मौजूदा स्थिति जुलाई की शुरुआत से काफी अलग है। उस समय अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद ब्रेंट स्पॉट की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई थी। इससे भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों को राहत की उम्मीद जगी थी।

लेकिन इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ने के साथ कीमतों में तेजी आई। पिछले सप्ताह ब्रेंट स्पॉट की कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर भी चली गई।

इस तरह कुछ ही समय में कच्चे तेल के बाजार में करीब 20 डॉलर प्रति बैरल की तेजी देखने को मिली है।

अमेरिका का दबाव बढ़ा तो और मुश्किल होगी

रूसी तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी दबाव भी भारतीय रिफाइनर्स के लिए चिंता का विषय है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सीनेट में एक ऐसा विधेयक पारित किया गया है जिसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान बताया गया है।

यदि इस तरह के कदम आगे बढ़ते हैं और रूसी तेल की खरीद प्रभावित होती है, तो वैश्विक बाजार में उपलब्ध सप्लाई पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।

भारत के लिए चुनौती इसलिए ज्यादा बड़ी है क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक आयातित कच्चे तेल पर निर्भर हैं।

महंगा क्रूड तो पेट्रोल-डीजल पर क्या असर?

कच्चे तेल की कीमत में तेजी का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तुरंत और पूरी तरह दिखाई देना जरूरी नहीं है। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के साथ-साथ रिफाइनिंग मार्जिन, रुपये की विनिमय दर, टैक्स और अन्य लागतों को भी ध्यान में रखती हैं।

लेकिन अगर क्रूड लंबे समय तक 90 डॉलर से ऊपर बना रहता है, भारतीय रुपया कमजोर होता है और आयात लागत बढ़ती है, तो घरेलू ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

इसका व्यापक असर परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत पर भी पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने की स्थिति में माल ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका असर रोजमर्रा की कई वस्तुओं की कीमतों पर अप्रत्यक्ष रूप से पड़ता है।

आगे क्या होगा?

भारतीय रिफाइनर्स के सामने फिलहाल तीन बड़ी चुनौतियां हैं—महंगा ग्लोबल क्रूड, सप्लाई के लिए बढ़ता प्रीमियम और रूसी तथा वेनेजुएला के तेल पर घटती छूट।

अगर पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ और होर्मुज स्ट्रेट या लाल सागर से जुड़ी सप्लाई बाधाएं बनी रहीं, तो फिजिकल क्रूड मार्केट में प्रीमियम और बढ़ सकता है।

ऐसे माहौल में भारत को अमेरिका, ब्राजील और गुयाना जैसे वैकल्पिक स्रोतों से खरीद बढ़ाने, सप्लाई रूट में विविधता लाने और रणनीतिक तेल भंडार का बेहतर इस्तेमाल करने की जरूरत होगी।

फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यही है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिर्फ कच्चा तेल महंगा नहीं हुआ है, बल्कि भारतीय रिफाइनर्स के लिए उपलब्ध कई प्रमुख ग्रेड की वास्तविक लागत भी ग्लोबल बेंचमार्क से काफी ऊपर जा रही है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसका असर भारत के आयात बिल से लेकर ईंधन कीमतों और महंगाई तक दिखाई दे सकता है।

You Might Also Like

EPFO Fraud Alert: UAN, OTP और बैंक डिटेल किसी से शेयर न करें, EPFO ने सदस्यों को किया सावधान

दिल्ली लक्ष्मी योजना: ₹2500 की राशि इन जगहों पर नहीं कर पाएंगी खर्च, सरकार ने जारी किए नियम

Ladli Behna Yojana 39 Kist: आज बहनों के खाते में आएंगे ₹1750, ₹250 रक्षाबंधन का शगुन भी शामिल

UP RERA IFMS Rules: नोएडा-लखनऊ में घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, जानें नए नियम

AIAPGET Admit Card 2026: एडमिट कार्ड जारी, 22 अगस्त को होगी परीक्षा, ऐसे करें डाउनलोड

TAGGED: Crude Oil Price, crude oil price today, Gulf Crude Oil, Russian Oil Discount, कच्चा तेल महंगा, कच्चे तेल की कीमत, रूस का कच्चा तेल, रूसी तेल पर डिस्काउंट, वेनेजुएला ऑयल
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article lpg-cylinder-se-mukti-png-gas-new-incentive-scheme-2026 LPG सिलिंडर के झंझट से मिलेगी हमेशा के लिए मुक्ति! मोदी सरकार का बड़ा एलान, अब हर घर पाइप से पहुंचेगी सस्ती गैस
Next Article sugar-import-india-sugar-price-policy-change-duty-free-import Sugar Import: चीनी ने बढ़ाई टेंशन, रिकॉर्ड कीमतों के बाद भारत बदल सकता है इंपोर्ट पॉलिसी

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: 19 अगस्त को इन IPOs के ग्रे मार्केट प्रीमियम में आया जोरदार बदलाव, जानें Mainboard और SME की पूरी लिस्ट
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?