Tata Sons AGM: टाटा संस की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 18 अगस्त को कोरम पूरा नहीं होने के कारण टाल दी गई। टाटा समूह के इतिहास में यह पहली बार है जब टाटा संस की सालाना आम बैठक इस तरह स्थगित हुई है। बैठक के लिए दोपहर 2:30 बजे का समय तय किया गया था और तय समय पर बैठक शुरू भी हुई, लेकिन करीब आधे घंटे बाद इसे टालने का फैसला लिया गया।
टाटा संस टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है और इसमें टाटा ट्रस्ट्स की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। ऐसे में AGM का टलना समूह के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
अगली तारीख पर बाद में होगा फैसला
टाटा संस के एक सूत्र के मुताबिक, कंपनी का बोर्ड बाद में बैठक कर AGM की अगली तारीख पर फैसला कर सकता है। मौजूदा स्थिति में मुख्य समस्या जरूरी कोरम का पूरा नहीं होना है।
दरअसल, महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर की ओर से सर रतन टाटा ट्रस्ट की बैठक बुलाने पर रोक लगी हुई है। इसके चलते सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट टाटा संस में अपना संयुक्त प्रतिनिधि नामित नहीं कर पा रहे हैं।
AGM के लिए क्यों जरूरी है संयुक्त प्रतिनिधि?
टाटा संस में सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 51.5 फीसदी है। AGM में जरूरी कोरम पूरा होने के लिए दोनों ट्रस्टों का संयुक्त प्रतिनिधि मौजूद होना महत्वपूर्ण है।
18 अगस्त को संयुक्त प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी के कारण बैठक आगे नहीं बढ़ सकी। यही वजह रही कि तय समय पर AGM शुरू होने के बावजूद करीब 30 मिनट बाद इसे स्थगित करना पड़ा।
बॉम्बे हाउस में मौजूद थे चंद्रशेखरन
AGM के दौरान टाटा संस के निवर्तमान चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बॉम्बे हाउस में मौजूद थे। उनके अलावा बोर्ड के सदस्य सौरव अग्रवाल और अनीता मरानगोली जॉर्ज भी बैठक में उपस्थित थीं।
वहीं, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, हरीश मानवानी और वेणु श्रीनिवासन ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया।
रतन टाटा की वसीयत के एग्जिक्यूटर मेहली मिस्त्री भी जुड़े
लंबे समय तक टाटा समूह से जुड़े रहे मेहली मिस्त्री भी AGM में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। वह रतन टाटा की वसीयत के एग्जिक्यूटर के तौर पर बैठक से जुड़े थे।
मिस्त्री को टाटा ट्रस्ट्स में शामिल किए जाने को जरूरी समर्थन नहीं मिल पाया था, जिसके कारण वह ट्रस्ट के सदस्य नहीं बन सके थे। रतन टाटा टाटा संस के पूर्व चेयरमैन थे और टाटा समूह के सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल रहे।
चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद AGM पर थी नजर
टाटा संस की AGM इस बार इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त को चेयरमैन पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने कार्यकाल को पूरा करने के बाद 20 फरवरी 2027 तक पद पर बने रहने की बात कही है।
ऐसे समय में AGM के टलने से टाटा संस के नेतृत्व और ट्रस्ट्स से जुड़े आगे के घटनाक्रम पर बाजार की नजर बनी हुई है।
टाटा समूह के शेयरों पर भी दिखा दबाव
18 अगस्त को टाटा समूह की कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में TCS का शेयर 1.26 फीसदी गिरकर 2,284 रुपये पर बंद हुआ। Titan में 0.31 फीसदी की गिरावट रही और यह 5,053 रुपये पर बंद हुआ।
वहीं Tata Motors Passenger Vehicles का शेयर 2.24 फीसदी गिरकर 322.80 रुपये पर आ गया। हालांकि, Tata Motors Commercial Vehicles का शेयर 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ 471.76 रुपये पर बंद हुआ।
टाटा संस की AGM के स्थगित होने के बाद अब अगली बैठक की तारीख और टाटा ट्रस्ट्स से जुड़े घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर रहेगी।


