Paytm Block Deal: पेटीएम की पैरेंट कंपनी One97 Communications के 1.92 करोड़ शेयरों की 18 अगस्त को बड़ी ब्लॉक डील हुई। यह कंपनी की करीब 2.95 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। इस ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू करीब 2,949 करोड़ रुपये रही। ब्लॉक डील के बाद पेटीएम के शेयरों में दबाव देखने को मिला।
मंगलवार को पेटीएम के शेयर मजबूत शुरुआत के साथ खुले थे, लेकिन कारोबार बढ़ने के साथ इनमें गिरावट आ गई। दोपहर 1:16 बजे तक Paytm Share Price करीब 1.20 फीसदी गिरकर 1,561 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
1.92 करोड़ शेयरों की हुई ब्लॉक डील
18 अगस्त को One97 Communications के करीब 1.92 करोड़ शेयरों का बड़ा सौदा हुआ। करीब 1,535.1 रुपये प्रति शेयर की दर से हुई इस डील की कुल वैल्यू लगभग 2,949 करोड़ रुपये बैठती है।
हालांकि, इस ब्लॉक डील में शेयर खरीदने और बेचने वाले निवेशकों की आधिकारिक पहचान तत्काल सामने नहीं आई थी। ऐसे में बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि क्या पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने अपनी हिस्सेदारी कम की है।
क्या विजय शेखर शर्मा ने पेटीएम के शेयर बेचे?
इस सवाल का जवाब नहीं है। ब्लॉक डील को सीधे विजय शेखर शर्मा की व्यक्तिगत हिस्सेदारी की बिक्री के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
दरअसल, विजय शेखर शर्मा के निवेश व्हीकल Resilient Asset Management B.V. से जुड़े शेयरों का यह ट्रांजेक्शन हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, Resilient की ओर से हुई शेयर बिक्री से मिलने वाली रकम शर्मा को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जाएगी, बल्कि Antfin को मिलेगी।
इसलिए इस डील को विजय शेखर शर्मा द्वारा पेटीएम में अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी बेचने के रूप में देखना सही नहीं होगा।
पेटीएम में शर्मा की करीब 9% हिस्सेदारी पर असर नहीं
ब्लॉक डील के बावजूद पेटीएम में विजय शेखर शर्मा की करीब 9 फीसदी हिस्सेदारी में बदलाव नहीं होगा। यानी इस ट्रांजेक्शन से कंपनी में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी और पेटीएम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर कोई सीधा असर नहीं पड़ता।
पेटीएम की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि कंपनी इस शेयर बिक्री में कोई पक्ष नहीं है। कंपनी के मुताबिक, इस ट्रांजेक्शन से विजय शेखर शर्मा की कंपनी में हिस्सेदारी में कोई बदलाव नहीं आएगा।
आखिर Antfin को क्यों मिलेगी ब्लॉक डील की रकम?
इस पूरी डील को समझने के लिए अगस्त 2023 के समझौते को समझना जरूरी है।
Resilient Asset Management B.V. ने 2023 में Antfin से पेटीएम के करीब 10.2 फीसदी शेयर खरीदे थे। इस सौदे के लिए Resilient ने Antfin को Optionally Convertible Debentures (OCDs) जारी किए थे।
यानी शेयरों का कानूनी स्वामित्व और वोटिंग अधिकार Resilient के पास होने के बावजूद, समझौते के तहत इन शेयरों से जुड़ी आर्थिक हिस्सेदारी Antfin के साथ जुड़ी हुई थी।
इसी वजह से मौजूदा शेयर बिक्री से मिलने वाली रकम Antfin के पास जाएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि विजय शेखर शर्मा ने अपनी व्यक्तिगत हिस्सेदारी बेचकर पैसा निकाला है।
Bernstein ने बढ़ाया Paytm का टारगेट प्राइस
इस बीच पेटीएम को लेकर विदेशी ब्रोकरेज फर्म Bernstein का रुख सकारात्मक बना हुआ है। ब्रोकरेज ने अगस्त की शुरुआत में Paytm के शेयर का टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,200 रुपये कर दिया था।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। कंपनी ने FY26 में टैक्स के बाद करीब 552 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।
शेयर के प्रदर्शन की बात करें तो पेटीएम का स्टॉक पिछले एक साल में करीब 33 फीसदी चढ़ चुका है। हालांकि, ब्लॉक डील जैसी बड़ी गतिविधियों के बाद शेयर में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
नवंबर 2021 में आया था Paytm का IPO
पेटीएम ने नवंबर 2021 में अपना IPO लॉन्च किया था। कंपनी ने IPO के लिए 2,080-2,150 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था और निवेशकों को शेयर 2,150 रुपये के भाव पर अलॉट हुए थे।
हालांकि, शेयर की लिस्टिंग IPO प्राइस से करीब 9.3 फीसदी नीचे हुई थी। इसके बाद पेटीएम के शेयर में भारी बिकवाली देखने को मिली और एक समय स्टॉक गिरकर करीब 419 रुपये के स्तर तक पहुंच गया था।
इसके बाद कंपनी के कारोबार में सुधार और निवेशकों की धारणा बेहतर होने के साथ शेयर ने लंबी अवधि में मजबूत रिकवरी दिखाई।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
पेटीएम की 1.92 करोड़ शेयरों की ब्लॉक डील निश्चित रूप से बड़ी है, लेकिन इसे सीधे विजय शेखर शर्मा द्वारा कंपनी से निकलने के संकेत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस ट्रांजेक्शन में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी प्रभावित नहीं हुई है और डील से मिलने वाली रकम Antfin को जाएगी।
निवेशकों को Paytm Share Price में आगे की चाल पर नजर रखते समय कंपनी के तिमाही नतीजे, मुनाफे में सुधार, कारोबार की ग्रोथ, ब्रोकरेज के अनुमान और प्रमोटर होल्डिंग में वास्तविक बदलाव जैसे संकेतकों को भी देखना चाहिए। केवल एक ब्लॉक डील के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


