Colgate Palmolive Share Price: मैनेजमेंट की हालिया कमेंट्री और ब्रोकरेज फर्मों के सतर्क रुख का असर मंगलवार को Colgate-Palmolive India के शेयर पर साफ नजर आया। कारोबार के दौरान शेयर करीब 3 फीसदी तक टूट गया और वायदा बाजार के टॉप लूजर्स में शामिल हो गया। बाजार की चिंता खास तौर पर कंपनी के बढ़ते ब्रांड और विज्ञापन खर्च को लेकर है।
एनएसई पर शेयर करीब ₹48.60 यानी 2.47 फीसदी की गिरावट के साथ ₹1,915 के आसपास कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान शेयर ने करीब ₹1,901.70 का इंट्राडे लो भी बनाया।
शेयर पर क्यों बढ़ा दबाव?
Colgate-Palmolive के मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि कंपनी फिलहाल शॉर्ट टर्म मुनाफे के बजाय ग्रोथ को प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए कंपनी A&P यानी Advertising & Promotion पर खर्च बढ़ाने की तैयारी में है।
मैनेजमेंट के मुताबिक बढ़ा हुआ खर्च खास तौर पर प्रीमियम प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने पर किया जाएगा। कंपनी का फोकस Colgate Total, Visible White Purple और Periogard जैसे प्रोडक्ट्स पर रहेगा।
मैनेजमेंट ने यह भी माना कि Palmolive का प्रदर्शन कमजोर रहा है। इस ब्रांड को मजबूत करने के लिए कंपनी ने Bombay Shaving Company के साथ साझेदारी की है। यह पार्टनरशिप मुख्य रूप से ई-कॉमर्स और D2C चैनल के लिए है।
इसके अलावा BPC यानी Beauty and Personal Care कैटेगरी में ग्लोबल पोर्टफोलियो बढ़ाने की रणनीति भी जारी रखने की बात कही गई है।
ज्यादा विज्ञापन खर्च बना चिंता की वजह
ब्रोकरेज एनालिस्ट्स का मानना है कि वॉल्यूम, कीमतों और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर कंपनी का बढ़ता फोकस आने वाले समय में रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट कर सकता है। हालांकि, सवाल यह है कि इस ग्रोथ के लिए कंपनी को कितनी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अगर विज्ञापन और ब्रांडिंग पर खर्च तेजी से बढ़ता है, तो कमाई की ग्रोथ रेवेन्यू ग्रोथ से पीछे रह सकती है। इसका सीधा असर मार्जिन पर पड़ सकता है।
यही वजह है कि Citi, CLSA और HSBC जैसे ब्रोकरेज स्टॉक को लेकर सतर्क हैं। दूसरी तरफ Jefferies कंपनी की ग्रोथ रणनीति को लेकर ज्यादा सकारात्मक नजर आ रही है।
HSBC ने दी Hold रेटिंग
HSBC ने Colgate-Palmolive India पर Hold रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,140 प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है।
ब्रोकरेज के मुताबिक प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर कंपनी का फोकस सकारात्मक है, लेकिन ग्रोथ आउटलुक में अभी कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। ज्यादा मार्केटिंग खर्च से रेवेन्यू ग्रोथ को गति मिल सकती है, लेकिन इसका असर मुनाफे की ग्रोथ पर दबाव के रूप में दिखाई दे सकता है।
CLSA भी स्टॉक को लेकर सतर्क
CLSA ने भी स्टॉक पर अपनी सतर्क राय बरकरार रखते हुए ₹2,024 का टारगेट प्राइस दिया है।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अपना हाई ग्रॉस मार्जिन बनाए रखने में सक्षम रह सकती है। हालांकि, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन खर्च काफी ज्यादा रहने के कारण FY27-28 के EPS अनुमान में कटौती की गई है।
वहीं, ग्रोथ और ग्रॉस मार्जिन के अनुमान में सुधार किया गया है।
Citi ने दी Sell रेटिंग
Citi का रुख बाकी ब्रोकरेज की तुलना में ज्यादा नकारात्मक है। ब्रोकरेज ने Colgate-Palmolive पर Sell रेटिंग के साथ ₹2,000 का टारगेट प्राइस दिया है।
Citi के मुताबिक प्रीमियम सेगमेंट की ग्रोथ कंपनी के दूसरे सेगमेंट्स की तुलना में करीब 6 गुना ज्यादा है। हालांकि, इस ग्रोथ को बनाए रखने के लिए ज्यादा ब्रांड निवेश की जरूरत पड़ सकती है।
इससे कंपनी की अर्निंग्स ग्रोथ, रेवेन्यू ग्रोथ से पीछे रह सकती है। ऐसे में ग्रोथ बढ़ाने और मार्जिन को सुरक्षित रखने के बीच संतुलन कंपनी के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
Jefferies को दिख रहा 30% से ज्यादा का अपसाइड
जहां अन्य ब्रोकरेज सतर्क हैं, वहीं Jefferies का नजरिया काफी सकारात्मक है। ब्रोकरेज ने Colgate-Palmolive पर Buy रेटिंग और ₹2,650 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है।
Jefferies के अनुसार कंपनी अपने पोर्टफोलियो और डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों में प्रीमियमाइजेशन पर लगातार फोकस कर रही है। इसके लिए निवेश बढ़ाया जा रहा है।
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वॉल्यूम ग्रोथ, प्रीमियमाइजेशन और कीमतों में बढ़ोतरी के संयोजन से कंपनी के रेवेन्यू में अच्छी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
हालांकि, Jefferies भी मानता है कि ग्रोथ को प्राथमिकता देने की वजह से कंपनी के मार्जिन पर कुछ समय तक दबाव रह सकता है और यह एक सीमित दायरे में रह सकते हैं।
निवेशकों को क्या समझना चाहिए?
Colgate-Palmolive के शेयर में मौजूदा कमजोरी के पीछे केवल एक वजह नहीं है। बाजार फिलहाल यह आंकने की कोशिश कर रहा है कि कंपनी की ग्रोथ के लिए किया जा रहा अतिरिक्त निवेश भविष्य में कितनी कमाई पैदा करेगा।
एक तरफ प्रीमियम प्रोडक्ट्स, बेहतर वॉल्यूम और कीमतों में बढ़ोतरी से रेवेन्यू बढ़ने की उम्मीद है। दूसरी तरफ बढ़ता A&P खर्च मार्जिन और EPS पर दबाव डाल सकता है।
इसलिए फिलहाल ब्रोकरेज की राय भी बंटी हुई है। Citi की Sell रेटिंग और ₹2,000 के टारगेट से लेकर Jefferies की Buy रेटिंग और ₹2,650 के टारगेट तक, दोनों के बीच काफी बड़ा अंतर है। इससे साफ है कि बाजार में कंपनी की आगामी ग्रोथ और मार्जिन को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाए जा रहे हैं।
डिस्क्लेमर: NewsJagran.in पर प्रकाशित यह लेख उपलब्ध बाजार जानकारी और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स पर आधारित है। इसमें दी गई राय निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का कोई भी फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


