Dhoot Transmission Listing: धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड के शेयरों ने शेयर बाजार में शानदार एंट्री की है। कंपनी का IPO 34% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुआ, जिससे IPO अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही मजबूत मुनाफा मिला। हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद शेयर में मुनाफावसूली देखने को मिली और यह अपने ऊपरी स्तर से नीचे आ गया।
Highlights
- धूत ट्रांसमिशन के शेयर 34% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट हुए।
- IPO निवेशकों को लिस्टिंग के दिन ही करीब 30-34% का मुनाफा मिला।
- शुरुआती तेजी के बाद शेयर में Profit Booking देखने को मिली।
- BSE और NSE दोनों पर शेयर ने मजबूत शुरुआत की।
- आगे शेयर की चाल में लिस्टिंग के बाद की मुनाफावसूली अहम रहेगी।
नई दिल्ली: शेयर बाजार में आज Dhoot Transmission Ltd ने धमाकेदार शुरुआत की। कंपनी के IPO का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए लिस्टिंग डे शानदार रहा। शेयर ने इश्यू प्राइस के मुकाबले 34% से अधिक के प्रीमियम के साथ बाजार में दस्तक दी।
IPO में शेयर हासिल करने वाले निवेशकों को बाजार में एंट्री के साथ ही अच्छा मुनाफा मिल गया। हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू किया, जिसके चलते शेयर अपने ऊपरी स्तरों से फिसल गया।
कैसी रही Dhoot Transmission की लिस्टिंग?
BSE पर धूत ट्रांसमिशन की लिस्टिंग निवेशकों के लिए काफी शानदार रही। शेयर इश्यू प्राइस से 34% से ज्यादा प्रीमियम पर बाजार में लिस्ट हुआ।
लिस्टिंग के बाद शेयर में शुरुआती तेजी देखने को मिली, लेकिन ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बाद कुछ मुनाफावसूली हुई। उपलब्ध कारोबार के मुताबिक BSE पर शेयर ₹1,167.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
शेयर अपने ऊपरी स्तर से करीब ₹26.30 यानी 2.20% नीचे आ गया। हालांकि, IPO निवेशकों के नजरिए से तस्वीर अभी भी काफी मजबूत रही। इश्यू प्राइस की तुलना में शेयर करीब ₹296.50 यानी 34.04% के मुनाफे में बना हुआ था।
यानी जिन निवेशकों को IPO में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें लिस्टिंग के दिन ही काफी अच्छा रिटर्न मिल गया।
NSE पर भी निवेशकों की हुई कमाई
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर भी धूत ट्रांसमिशन ने निवेशकों को निराश नहीं किया। शेयर ने मजबूत प्रीमियम के साथ शुरुआत की और लिस्टिंग के बाद इसमें अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
हालांकि, शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते शेयर ₹1,132.10 के आसपास कारोबार करता नजर आया। यह अपने ओपनिंग प्राइस से करीब ₹67.90 यानी 5.66% नीचे था।
लेकिन इश्यू प्राइस के मुकाबले निवेशकों की कमाई अभी भी शानदार रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार NSE पर शेयर इश्यू प्राइस से करीब ₹261.10 यानी 29.98% ऊपर था।
इसका मतलब है कि लिस्टिंग के बाद शेयर में कुछ गिरावट आने के बावजूद IPO अलॉटमेंट पाने वाले निवेशक मुनाफे में बने हुए थे।
लिस्टिंग के बाद शेयर में क्यों आई गिरावट?
धूत ट्रांसमिशन के शेयर में लिस्टिंग के बाद ऊपरी स्तरों से आई गिरावट को मुख्य रूप से Profit Booking से जोड़कर देखा जा सकता है।
जब कोई IPO बाजार में उम्मीद से काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट होता है, तो कई शॉर्ट-टर्म निवेशक लिस्टिंग गेन को तुरंत कैश करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में शेयर में शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली बढ़ सकती है।
धूत ट्रांसमिशन में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। शेयर ने मजबूत प्रीमियम के साथ बाजार में शुरुआत की, जिसके बाद ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली शुरू हुई और शेयर अपने दिन के ऊपरी स्तरों से नीचे आ गया।
हालांकि, केवल लिस्टिंग के बाद की शुरुआती गिरावट को देखकर शेयर की आगे की दिशा का अनुमान लगाना सही नहीं होगा। आने वाले कारोबारी सत्रों में ट्रेडिंग वॉल्यूम, बाजार का रुख और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन जैसे कई फैक्टर शेयर की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।
IPO निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है यह लिस्टिंग?
Dhoot Transmission IPO की लिस्टिंग ने IPO निवेशकों को अच्छी शुरुआत दी है। 34% से अधिक के प्रीमियम के साथ लिस्टिंग का मतलब है कि IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों को शुरुआत में ही मजबूत लिस्टिंग गेन मिला।
हालांकि, लिस्टिंग गेन मिलने के बाद अगला सवाल यह है कि शेयर आगे भी इसी तेजी को बनाए रख पाएगा या नहीं। यहां निवेशकों को केवल शुरुआती रिटर्न देखकर फैसला लेने के बजाय कंपनी के कारोबार, वित्तीय नतीजों, वैल्यूएशन और बाजार की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के निवेश का नजरिया अलग-अलग होता है। जिस निवेशक का उद्देश्य सिर्फ लिस्टिंग गेन कमाना है, उसके लिए शुरुआती प्रीमियम महत्वपूर्ण हो सकता है। वहीं लंबी अवधि के निवेशक को कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की ग्रोथ पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी?
लिस्टिंग के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव रहना स्वाभाविक है। मजबूत प्रीमियम पर लिस्ट होने के बाद शुरुआती निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, जबकि नए निवेशक ऊंचे भाव पर खरीदारी से पहले कंपनी के वैल्यूएशन का आकलन कर सकते हैं।
इसलिए आने वाले दिनों में शेयर की दिशा के लिए लिस्टिंग के बाद स्थिरता, ट्रेडिंग वॉल्यूम और कंपनी के कारोबारी प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
अगर शेयर ऊंचे स्तरों पर टिकने में सफल रहता है तो बाजार में सकारात्मक धारणा मजबूत हो सकती है। वहीं लगातार बिकवाली होने पर शुरुआती लिस्टिंग गेन का कुछ हिस्सा कम भी हो सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Dhoot Transmission के IPO ने लिस्टिंग के दिन शानदार रिटर्न जरूर दिया है, लेकिन निवेशकों को केवल 30-34% के शुरुआती मुनाफे को देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं करना चाहिए।
IPO में शेयर अलॉट हुए निवेशकों के लिए लिस्टिंग गेन पहले ही आकर्षक रहा है। वहीं लिस्टिंग के बाद बाजार से नए सिरे से शेयर खरीदने वाले निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन और जोखिम को समझकर ही निर्णय लेना चाहिए।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और सामान्य जानकारी पर आधारित है। इसे निवेश सलाह न समझें। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


