NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    share-market-opening-nifty-24300-crude-oil-price-stock-market-today
    कच्चे तेल ने फिर बढ़ाई चिंता, खुलते ही Nifty 24,300 से नीचे फिसला; शेयर बाजार में अब आगे क्या होगा?
    17 अगस्त 2026
    80th-independence-day-vantara-blackbucks-banni-grassland
    80वें स्वतंत्रता दिवस पर अनंत अंबानी के ‘वंतारा’ का बड़ा कदम, बन्नी के जंगल में छोड़े गए 20 काले हिरण
    17 अगस्त 2026
    stephen-schwarzman-success-quote-big-money-investment
    Stephen Schwarzman Success Quote: ‘मुझे वे चीजें पसंद हैं जिनमें आगे बढ़ने और बड़े मुनाफे की संभावना हो, क्योंकि बड़ा पैसा ऐसे ही बनता है’
    17 अगस्त 2026
    independence-day-sale-tv-out-of-stock-smartphone-laptop-sales-reliance-retail-record
    Independence Day Sale: टीवी आउट ऑफ स्टॉक, स्मार्टफोन-लैपटॉप की बिक्री में उछाल, रिलायंस रिटेल ने बनाया रिकॉर्ड
    17 अगस्त 2026
    maharashtra-hostel-600-students-left-school-ghost-fear
    महाराष्ट्र के हॉस्टल में भूत का खौफ! 600 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल, लड़कियों के ‘आत्मा के साए’ में होने का दावा
    17 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-silver-price-global-signals-interest-rates-dollar-bond-yield
    Gold Silver Price: सोने-चांदी में तेजी कायम, जानिए ग्लोबल संकेत क्यों हैं अहम?
    17 अगस्त 2026
    gold-price-today-16-august-2026-weekly-gold-price-rise
    Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी
    16 अगस्त 2026
    purani-jewellery-bechne-par-tax-50000-profit-tax-calculation
    स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट गोल्ड के भाव में गिरावट; चांदी भी फिसली
    15 अगस्त 2026
    gold-price-today-14-august-2026-delhi-jaipur-lucknow-22-carat-gold-rate
    Gold Price Today: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोना फिसला; दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में ₹1,40,940 पर आया 22 कैरेट
    14 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली
    13 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    dhoot-transmission-listing-34-percent-premium-bumper-return
    Dhoot Transmission Listing: निवेशकों की हुई चांदी! बाजार में एंट्री करते ही मिला 34% का बंपर रिटर्न
    17 अगस्त 2026
    schneider-electric-infrastructure-share-price-q1-results-stock-fall
    Schneider Electric Infrastructure Share Price: कमजोर तिमाही नतीजों से 12% से ज्यादा टूटा शेयर, आगे क्या है तस्वीर?
    17 अगस्त 2026
    voltas-share-price-q1-fy27-profit-214-crore-share-price-1300
    Voltas Share Price: देश का पहला AC बनाने वाली कंपनी को 3 महीनों में ₹214 करोड़ का मुनाफा, कभी ₹9 से भी सस्ता था शेयर
    17 अगस्त 2026
    physicswallah-share-price-q1fy27-results-target-125
    PhysicsWallah Share Price: तिमाही नतीजों के बाद 8% उछले शेयर, 125 के पार पहुंचे; अगला टारगेट क्या?
    17 अगस्त 2026
    molbio-diagnostics-ipo-listing-21-percent-premium-share-market
    Molbio Diagnostics IPO Listing: मोल्बियो डायग्नोस्टिक्स की दमदार लिस्टिंग, 21% प्रीमियम के साथ शेयर बाजार में एंट्री; निवेशकों को कितना फायदा?
    17 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Tata Group News: नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने दिल्ली दरबार में लगाई थी हाजिरी, किसकी तरफ है सरकार का झुकाव?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Tata Group News: नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने दिल्ली दरबार में लगाई थी हाजिरी, किसकी तरफ है सरकार का झुकाव?

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/17 at 9:49 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
11 Min Read
tata-group-news-noel-tata-n-chandrasekaran-government-stand
SHARE

Tata Group News: टाटा ग्रुप में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही हलचल अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा चेयरमैन बनने की इच्छा नहीं जताई है। इस फैसले से पहले चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने अलग-अलग वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर ग्रुप के भीतर चल रहे मतभेदों और रणनीतिक मुद्दों की जानकारी दी थी।

Contents
चंद्रशेखरन के जाने से पहले क्या हुआ?नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने सरकार से अलग-अलग क्यों की मुलाकात?क्या सरकार नोएल टाटा के साथ है?असली विवाद क्या है?चंद्रशेखरन के नेतृत्व पर भी उठे सवालनोएल टाटा की भूमिका क्यों बढ़ गई?क्या टाटा संस का IPO सबसे बड़ा मुद्दा है?अब आगे क्या होगा?सरकार का झुकाव किस तरफ?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर टाटा ग्रुप के इस शक्ति-संतुलन में सरकार का झुकाव किस तरफ है? उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सरकार ने फिलहाल किसी गुट का पक्ष लेने से दूरी बनाए रखी है। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और मामले को कॉर्पोरेट गवर्नेंस का आंतरिक विषय मानते हुए तटस्थ रुख अपनाया।

चंद्रशेखरन के जाने से पहले क्या हुआ?

एन. चंद्रशेखरन ने 12 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वह 20 फरवरी 2027 को अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद टाटा संस के चेयरमैन पद पर पुनर्नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है।

हालांकि, यह घटनाक्रम अचानक सामने आया, लेकिन इसके पीछे कई महीनों से चल रही खींचतान की खबरें आती रही हैं। फरवरी 2026 में ही चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर विचार के दौरान टाटा संस बोर्ड में मतभेद सामने आए थे। सूत्रों के मुताबिक उस समय नोएल टाटा ने ग्रुप के कुछ नए कारोबारों में हुए नुकसान, पूंजी के इस्तेमाल और टाटा संस की संभावित लिस्टिंग जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए थे। इसके बाद पुनर्नियुक्ति का फैसला आगे के लिए टाल दिया गया था।

यही विवाद आने वाले महीनों में बढ़ता गया और अंततः चंद्रशेखरन के पद छोड़ने की घोषणा तक पहुंचा।

नोएल टाटा और चंद्रशेखरन ने सरकार से अलग-अलग क्यों की मुलाकात?

रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रशेखरन और नोएल टाटा ने अलग-अलग वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को ग्रुप के भीतर चल रही स्थिति की जानकारी दी थी। इन बातचीत में टाटा ग्रुप की रणनीति, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, नेतृत्व परिवर्तन और नए कारोबारों से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

यह बात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टाटा ग्रुप सिर्फ एक सामान्य कारोबारी समूह नहीं है। एयर इंडिया, सेमीकंडक्टर, डिजिटल कारोबार, ऑटोमोबाइल, आईटी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में इसकी बड़ी मौजूदगी है। ऐसे में ग्रुप के शीर्ष स्तर पर किसी बड़े बदलाव का असर व्यापक कारोबारी माहौल पर पड़ सकता है।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेताओं ने सरकारी अधिकारियों से किन तारीखों पर मुलाकात की और हर बैठक में कौन-कौन से मुद्दे उठाए गए। इसलिए इन बैठकों को सरकार द्वारा किसी एक पक्ष के समर्थन के संकेत के तौर पर देखना जल्दबाजी होगी।

क्या सरकार नोएल टाटा के साथ है?

अभी तक उपलब्ध जानकारी से ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिलता कि सरकार ने नोएल टाटा या एन. चंद्रशेखरन में से किसी एक के पक्ष में फैसला किया है।

सूत्रों के मुताबिक, टाटा नेतृत्व की तरफ से अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी गई और सरकार ने दोनों पक्षों को सुना। यानी सरकार की भूमिका फिलहाल एक ऐसे हितधारक की रही जो बड़े औद्योगिक समूह में चल रहे घटनाक्रम से अवगत रहना चाहता है, न कि टाटा संस के अगले चेयरमैन का फैसला करना।

इसका एक और कारण है। टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है। इसलिए चेयरमैन की नियुक्ति और ग्रुप की रणनीतिक दिशा में ट्रस्ट्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

नोएल टाटा टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन होने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में स्वाभाविक रूप से बेहद प्रभावशाली स्थिति में हैं। दूसरी ओर चंद्रशेखरन पिछले करीब एक दशक से टाटा ग्रुप के शीर्ष नेतृत्व का चेहरा रहे हैं। इसलिए दोनों पक्षों के विचारों को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।

असली विवाद क्या है?

टाटा ग्रुप में मौजूदा मतभेद को सिर्फ चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी के सवाल तक सीमित करना सही नहीं होगा। इसके पीछे ग्रुप की भविष्य की रणनीति और पूंजी आवंटन से जुड़े बड़े सवाल भी हैं।

एक प्रमुख मुद्दा टाटा संस की संभावित लिस्टिंग यानी IPO है। टाटा संस के सार्वजनिक होने का सवाल लंबे समय से चर्चा में है। RBI के NBFC नियमों के कारण भी यह मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है। जून 2026 में नोएल टाटा ने RBI को पत्र लिखकर संभावित लिस्टिंग का विरोध किया था। उनका तर्क था कि लिस्टिंग से टाटा ग्रुप की दीर्घकालिक सोच और टाटा ट्रस्ट्स के परोपकारी उद्देश्यों पर असर पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, कुछ ट्रस्टियों का मानना है कि टाटा संस की लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ सकती है और कंपनी की वैल्यू को बाजार के सामने स्पष्ट तरीके से रखा जा सकता है। यही मुद्दा टाटा ट्रस्ट्स के भीतर भी मतभेद का कारण बना हुआ है।

चंद्रशेखरन के नेतृत्व पर भी उठे सवाल

नोएल टाटा की ओर से उठाए गए सवालों में ग्रुप के कुछ नए और पूंजी-गहन कारोबारों का प्रदर्शन भी शामिल रहा है। एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और सेमीकंडक्टर जैसे कारोबारों में बड़े निवेश और शुरुआती वित्तीय दबाव को लेकर सवाल उठे हैं।

फरवरी में चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर चर्चा के दौरान भी ग्रुप की कुछ कंपनियों के नुकसान और पूंजी खर्च की गति को लेकर चिंताएं सामने आई थीं।

हालांकि, इन कारोबारों को केवल मौजूदा घाटे के आधार पर देखना भी पूरी तस्वीर नहीं होगी। टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का सेमीकंडक्टर कारोबार और एयर इंडिया का विस्तार लंबे समय की रणनीति का हिस्सा है, जिनमें शुरुआती वर्षों में भारी पूंजी निवेश की जरूरत होती है। असली सवाल यह है कि इन निवेशों से भविष्य में कितना रिटर्न मिलेगा और ग्रुप इस जोखिम को कितने समय तक वहन कर सकता है।

नोएल टाटा की भूमिका क्यों बढ़ गई?

रतन टाटा के निधन के बाद नोएल टाटा की भूमिका में काफी बदलाव आया। वह टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन बने और इसके साथ ही टाटा ग्रुप के सबसे प्रभावशाली निर्णयों में उनकी भूमिका बढ़ गई।

अब उनके सामने दो बड़े सवाल हैं—पहला, चंद्रशेखरन के बाद टाटा संस का नया चेयरमैन कौन होगा और दूसरा, टाटा संस की भविष्य की संरचना क्या होगी।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नोएल टाटा अब टाटा ग्रुप के उत्तराधिकार और टाटा संस की संभावित लिस्टिंग जैसे दोनों महत्वपूर्ण मुद्दों में केंद्रीय भूमिका में हैं।

यानी यह सिर्फ एक चेयरमैन बदलने की प्रक्रिया नहीं है। यह टाटा ग्रुप के अगले दशक की रणनीति तय करने का मौका भी हो सकता है।

क्या टाटा संस का IPO सबसे बड़ा मुद्दा है?

काफी हद तक हां। टाटा संस की लिस्टिंग का असर सिर्फ कंपनी के शेयर बाजार में आने तक सीमित नहीं रहेगा। इससे टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के बीच मौजूदा नियंत्रण ढांचे पर भी प्रभाव पड़ सकता है।

टाटा ट्रस्ट्स के पास करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है। अगर टाटा संस सार्वजनिक कंपनी बनती है तो शेयरधारकों, बाजार और नियामकों की भूमिका बढ़ेगी। इससे कंपनी की पारदर्शिता बढ़ सकती है, लेकिन टाटा ट्रस्ट्स के लिए पहले जैसी नियंत्रण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

यही वजह है कि नोएल टाटा इस मुद्दे पर सतर्क दिखाई दे रहे हैं। दूसरी तरफ, लिस्टिंग के समर्थक इसे कॉर्पोरेट गवर्नेंस और वैल्यू अनलॉक करने के नजरिए से देखते हैं।

अब आगे क्या होगा?

चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में पद छोड़ने के बाद टाटा संस को नया चेयरमैन चुनना होगा। यह फैसला टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस बोर्ड और अन्य संबंधित हितधारकों के बीच संतुलन के साथ लेना होगा।

18 अगस्त 2026 को टाटा संस की AGM भी होने वाली है, जिस पर बाजार की नजर है। चंद्रशेखरन के नेतृत्व से जुड़े सवाल और कंपनी के भविष्य की दिशा इस बैठक को पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण बना रहे हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि नया चेयरमैन ऐसा व्यक्ति होगा जो टाटा ट्रस्ट्स की दीर्घकालिक सोच, टाटा संस बोर्ड की कारोबारी प्राथमिकताओं और नए कारोबारों में बड़े निवेश—इन तीनों के बीच संतुलन बना सके।

सरकार का झुकाव किस तरफ?

फिलहाल सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि सरकार किसी एक पक्ष के साथ खड़ी दिखाई नहीं दे रही है। चंद्रशेखरन और नोएल टाटा दोनों ने अलग-अलग सरकारी अधिकारियों के सामने अपनी चिंताएं रखीं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों में सरकार की ओर से किसी पक्ष को समर्थन देने की बात सामने नहीं आई है।

इसलिए असली फैसला दिल्ली में नहीं, बल्कि टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के भीतर होने वाली बातचीत और बोर्ड स्तर के निर्णयों से निकलने की संभावना ज्यादा है।

आने वाले महीनों में तीन चीजें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगी—टाटा संस का नया चेयरमैन कौन बनेगा, कंपनी की लिस्टिंग होगी या नहीं और नए कारोबारों में बड़े निवेश की रणनीति किस दिशा में जाएगी। इन तीनों सवालों के जवाब यह तय करेंगे कि रतन टाटा के बाद टाटा ग्रुप किस तरह के नए दौर में प्रवेश करता है।

You Might Also Like

कच्चे तेल ने फिर बढ़ाई चिंता, खुलते ही Nifty 24,300 से नीचे फिसला; शेयर बाजार में अब आगे क्या होगा?

80वें स्वतंत्रता दिवस पर अनंत अंबानी के ‘वंतारा’ का बड़ा कदम, बन्नी के जंगल में छोड़े गए 20 काले हिरण

Stephen Schwarzman Success Quote: ‘मुझे वे चीजें पसंद हैं जिनमें आगे बढ़ने और बड़े मुनाफे की संभावना हो, क्योंकि बड़ा पैसा ऐसे ही बनता है’

Independence Day Sale: टीवी आउट ऑफ स्टॉक, स्मार्टफोन-लैपटॉप की बिक्री में उछाल, रिलायंस रिटेल ने बनाया रिकॉर्ड

महाराष्ट्र के हॉस्टल में भूत का खौफ! 600 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल, लड़कियों के ‘आत्मा के साए’ में होने का दावा

TAGGED: N Chandrasekaran, Noel Tata, TATA Group, Tata Group Government, Tata Group News, Tata Group Succession, Tata Sons, Tata Sons Chairman, Tata Sons IPO, Tata Sons Listing, Tata Trusts
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article maharashtra-hostel-600-students-left-school-ghost-fear महाराष्ट्र के हॉस्टल में भूत का खौफ! 600 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल, लड़कियों के ‘आत्मा के साए’ में होने का दावा
Next Article independence-day-sale-tv-out-of-stock-smartphone-laptop-sales-reliance-retail-record Independence Day Sale: टीवी आउट ऑफ स्टॉक, स्मार्टफोन-लैपटॉप की बिक्री में उछाल, रिलायंस रिटेल ने बनाया रिकॉर्ड

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: इन IPOs का ग्रे मार्केट में जलवा, Shiprocket समेत इन इश्यू पर नजर
शेयर बाज़ार फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?