जयपुर। राजस्थान के नागौर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ बनाने वाली कथित अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए एक पूर्व नौसैनिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी महावीर एक मकान में ड्रग निर्माण का काम कर रहा था। इस फैक्ट्री से तैयार मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
HighLights
- नागौर में पूर्व नौसैनिक पर 100 करोड़ रुपये की ड्रग फैक्ट्री चलाने का आरोप।
- पुलिस ने छापेमारी में 210 लीटर विभिन्न प्रकार के केमिकल बरामद किए।
- मौके से 5 किलो 418 ग्राम एमडीएमए और 2 किलो 744 ग्राम कैफीन भी मिला।
- आरोपी ने कथित तौर पर इंटरनेट से जानकारी लेकर जनवरी में फैक्ट्री शुरू की थी।
- पुलिस अब आरोपी के साथियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
जोधपुर राजमार्ग के पास चल रही थी फैक्ट्री
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के मुताबिक, आरोपी महावीर नागौर जिले का रहने वाला है। वह जोधपुर राजमार्ग पर स्थित एक घर में कथित तौर पर अवैध मादक पदार्थ निर्माण की फैक्ट्री चला रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार रात मौके पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में संदिग्ध रसायन और तैयार मादक पदार्थ बरामद किए गए।
210 लीटर केमिकल और एमडीएमए बरामद
पुलिस के अनुसार, मौके से 24 प्रकार के करीब 210 लीटर केमिकल बरामद हुए हैं। इसके अलावा 2 किलो 744 ग्राम कैफीन और 5 किलो 418 ग्राम एमडीएमए भी जब्त किया गया है।
पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आकलन के आधार पर तैयार मादक पदार्थ की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई है।
जनवरी से चला रहा था कथित फैक्ट्री
जांच में सामने आया है कि महावीर ने इसी वर्ष जनवरी में कथित तौर पर मादक पदार्थ बनाने का काम शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी देखकर ड्रग तैयार करने की प्रक्रिया सीखता था।
हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को रसायन और अन्य जरूरी सामग्री कहां से मिलती थी तथा तैयार मादक पदार्थों की सप्लाई किन लोगों तक की जाती थी।
10 से ज्यादा मोबाइल का इस्तेमाल
पुलिस को जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली है कि महावीर और उसके कथित साथियों ने ड्रग कारोबार के लिए 10 से अधिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया। इससे पुलिस को आशंका है कि इस मामले में एक बड़ा नेटवर्क भी जुड़ा हो सकता है।
पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके साथियों और ड्रग सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पूर्व नौसैनिक होने से भी जांच में अहम पहलू
आरोपी के पूर्व नौसैनिक होने की जानकारी सामने आने के बाद जांच एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी पड़ताल कर सकती हैं। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस कथित ड्रग फैक्ट्री, बरामद सामग्री के स्रोत और मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े लोगों का पता लगाने पर है।
नागौर में हुई इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, क्योंकि छापेमारी में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और रसायन बरामद होने का दावा किया गया है।


