रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। प्रदर्शनकारी छात्र अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और कांग्रेस से झारखंड सरकार को समर्थन वापस लेने की अपील भी की है।
Highlights
- JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग।
- कांग्रेस और राहुल गांधी से JMM गठबंधन का समर्थन वापस लेने की अपील।
- 16 अगस्त को 24 जिलों में पुतला दहन और 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने का एलान।
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। लंबे समय से आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की है।
छात्रों का कहना है कि यदि राज्य सरकार उनकी मांगों को पूरा करने में सक्षम नहीं है, तो मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। आंदोलनकारी अभ्यर्थी JSSC CGL परीक्षा और JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग दोहराई है।
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग
शनिवार देर शाम आयोजित पत्रकार वार्ता में छात्र नेताओं ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती है, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पद छोड़ देना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, यह पहली बार है जब आंदोलन के मंच से सीधे मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की गई है। छात्रों का आरोप है कि बार-बार ज्ञापन देने और प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है।
कांग्रेस से समर्थन वापस लेने की अपील
आंदोलनकारी छात्रों ने कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से भी अपील की है। उनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुनते हैं, तो कांग्रेस को JMM के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
छात्रों का तर्क है कि कांग्रेस सरकार की सहयोगी पार्टी है और इसलिए उस पर भी अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर दबाव बनाने की जिम्मेदारी है।
16 अगस्त को पुतला दहन
छात्र नेताओं ने आंदोलन की अगली रणनीति का भी एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके तहत 16 अगस्त को झारखंड के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले जलाए जाएंगे।
राहुल गांधी का पुतला जलाने के फैसले पर छात्रों का कहना है कि कांग्रेस उनकी मांगों के बावजूद राज्य सरकार का समर्थन कर रही है, इसलिए वे अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेरने की चेतावनी
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को आगे के बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को किया गया विधानसभा घेराव केवल आंदोलन की शुरुआत थी।
छात्र नेताओं के अनुसार, यदि तब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आश्वासन
छात्रों के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार JPSC और JSSC जैसी भर्ती संस्थाओं की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में आयोजित होने वाली परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
सरकार ने परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से सुझाव भी मांगे हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठने वाले सवालों को कम किया जा सके।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- JSSC CGL परीक्षा को रद्द किया जाए।
- JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षाओं को रद्द किया जाए।
- कथित धांधली और अनियमितताओं की जांच CBI से कराई जाए।
- भर्ती परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आने वाले दिनों में 16 अगस्त का पुतला दहन और 20 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव झारखंड की राजनीति और छात्र आंदोलन दोनों के लिए अहम पड़ाव साबित हो सकता है।


