Earthquake: इंडोनेशिया में शनिवार को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, 15 अगस्त को शाम 4:24 बजे इंडोनेशिया में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 165 किलोमीटर की गहराई में था। फिलहाल इस भूकंप के कारण किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।
यह भूकंप ऐसे समय आया है जब शनिवार तड़के इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में 7.7 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप आया था। इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 38 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। दोनों घटनाओं को अलग-अलग भूकंप माना जा रहा है।
6.5 तीव्रता के भूकंप से फिर हिली धरती
NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि 6.5 तीव्रता का भूकंप 15 अगस्त को शाम 4:24 बजे आया। इसकी गहराई करीब 165 किलोमीटर दर्ज की गई। अधिक गहराई में आने के कारण इसके प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।
अभी तक इस भूकंप के बाद किसी बड़ी क्षति, मौत या लोगों के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पहले आए 7.7 तीव्रता के भूकंप में 38 मौतें
इससे पहले शनिवार तड़के इंडोनेशिया के पूर्वी नुसा तेंगारा क्षेत्र में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के मुताबिक, इस भूकंप में कम से कम 38 लोगों की मौत हुई है और 13 लोग घायल हुए हैं।
घायलों में दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 11 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप से प्रभावित इलाकों से करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
कई इमारतें ढहीं, भूस्खलन से सड़कें बंद
7.7 तीव्रता वाले भूकंप के कारण कई इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचा है। कुछ जगहों पर इमारतें ढहने के साथ ही भूस्खलन भी हुआ, जिससे कई सड़कें बंद हो गईं। प्रभावित क्षेत्रों तक राहत और बचाव दलों के पहुंचने में भी मुश्किलें सामने आईं।
भूकंप के बाद संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई। इसके चलते नुकसान का सही आकलन करने और दूरदराज के इलाकों तक राहत पहुंचाने में प्रशासन को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुनामी की चेतावनी बाद में ली गई वापस
शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी को लेकर भी चेतावनी जारी की गई थी। हालांकि, स्थिति का आकलन करने के बाद अधिकारियों ने बड़े सुनामी खतरे की आशंका नहीं होने की बात कही और चेतावनी वापस ले ली।
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। बचाव दल मलबे और प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं, जबकि अधिकारी लगातार नुकसान का जायजा ले रहे हैं।
दोनों भूकंप अलग-अलग घटनाएं
शनिवार को आए 7.7 और 6.5 तीव्रता के दोनों भूकंपों को एक ही घटना का हिस्सा नहीं माना जा रहा है। 7.7 तीव्रता वाला जानलेवा भूकंप पूर्वी इंडोनेशिया में फ्लोरेस के पास आया था, जबकि NCS के अनुसार 6.5 तीव्रता वाला भूकंप अलग स्थान पर और करीब 165 किलोमीटर की गहराई में आया।
मुख्य 7.7 तीव्रता वाले भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
इंडोनेशिया भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यह देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी गतिविधियां देखने को मिलती हैं।


