Vodafone Idea Share Price: टैरिफ बढ़ोतरी की उम्मीद और कंपनी की वित्तीय स्थिति में सुधार से वोडाफोन आइडिया के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। बीते एक साल में शेयर करीब 129 फीसदी तक चढ़ चुका है। हालांकि निवेशकों को कंपनी की कर्ज स्थिति, सब्सक्राइबर ग्रोथ और मुनाफे की राह पर नजर रखनी होगी।
Vodafone Idea Limited के शेयरों में पिछले कुछ दिनों से जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। 14 अगस्त को कंपनी का शेयर 4.37 फीसदी उछलकर ₹14.10 के स्तर पर बंद हुआ। इसके साथ ही पिछले तीन कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 11 फीसदी तक चढ़ चुका है।
शेयर में तेजी की सबसे बड़ी वजह टैरिफ बढ़ोतरी की उम्मीद को माना जा रहा है। बाजार में चर्चा है कि भारती एयरटेल द्वारा मोबाइल प्लान महंगे किए जाने के बाद वोडाफोन आइडिया भी अपने टैरिफ बढ़ा सकती है।
टैरिफ बढ़ने से बढ़ सकता है ARPU
अगर वोडाफोन आइडिया मोबाइल टैरिफ बढ़ाती है तो कंपनी का प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) बढ़ सकता है। इससे कंपनी की आय में सुधार की संभावना है।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के एवीपी विष्णु कांत उपाध्याय के मुताबिक, टैरिफ बढ़ोतरी से कंपनी के रेवेन्यू में मजबूती आ सकती है। उन्होंने कहा कि वोडाफोन आइडिया की वित्तीय स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है, जिसका असर शेयर की कीमत पर भी दिखाई दे रहा है।
बीते एक साल में Vodafone Idea के शेयर ने करीब 129 फीसदी का रिटर्न दिया है।
क्या शेयर में आगे भी तेजी जारी रह सकती है?
मार्केट एक्सपर्ट विष्णु कांत उपाध्याय का मानना है कि निवेशक इस शेयर को होल्ड कर सकते हैं। उनके अनुसार कंपनी की स्थिति पहले के मुकाबले बेहतर हो रही है।
उन्होंने अनुमान जताया कि शेयर पहले ₹15 के स्तर तक जा सकता है और इसके बाद ₹15.50 की ओर बढ़ सकता है। हालांकि निवेशकों को कंपनी के प्रदर्शन, ग्राहक संख्या में बढ़ोतरी और मुनाफे की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
IIFL की रिपोर्ट में दो संभावनाएं
IIFL Securities के अनुसार वोडाफोन आइडिया के सामने दो संभावनाएं हैं।
- अगर कंपनी टैरिफ बढ़ाती है तो FY27 में ARPU में करीब ₹4 तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
- अगर कंपनी टैरिफ नहीं बढ़ाती है तो सस्ते प्लान के कारण नए ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
यानी दोनों परिस्थितियों में कंपनी के लिए कुछ सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं।
Vodafone Idea Share Price Target: ₹18.70 तक पहुंचने का अनुमान
ब्रोकरेज फर्म एंबिट कैपिटल के मुताबिक वोडाफोन आइडिया का शेयर ₹18.70 तक पहुंच सकता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के सब्सक्राइबर बेस में करीब 3 लाख की बढ़ोतरी हुई है। लंबे समय बाद कंपनी के ग्राहकों की संख्या में सुधार देखने को मिला है।
एंबिट के अनुसार कंपनी दिसंबर 2026 तक मोबाइल टैरिफ में करीब 15 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती है, जिससे कंपनी की आय को फायदा मिल सकता है।
अगले 3 साल में ₹45,000 करोड़ निवेश की योजना
वोडाफोन आइडिया ने नेटवर्क विस्तार और सुधार के लिए अगले तीन साल में करीब ₹45,000 करोड़ निवेश करने की योजना बनाई है।
कंपनी का लक्ष्य डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ हासिल करना है। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने भी कहा था कि प्रमोटर्स से मिल रहे समर्थन और फंडिंग को लेकर चल रही बातचीत से कंपनी का भरोसा बढ़ा है।
यह निवेश कंपनी के 4G नेटवर्क को मजबूत करने और 5G विस्तार में मदद कर सकता है।
सरकार की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी
वोडाफोन आइडिया भारत की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। बाजार हिस्सेदारी के मामले में Reliance Jio Infocomm Limited पहले स्थान पर है, जबकि Bharti Airtel Limited दूसरे नंबर पर है।
वोडाफोन आइडिया में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 50 फीसदी हो गई है। सरकार की भागीदारी से कंपनी को वित्तीय स्थिरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Vodafone Idea Share में निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
हालांकि शेयर में तेजी आई है, लेकिन निवेशकों को कुछ जोखिमों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
- कंपनी पर अभी भी भारी कर्ज का दबाव है।
- टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो और एयरटेल से कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
- कंपनी की भविष्य की ग्रोथ टैरिफ बढ़ोतरी और नेटवर्क निवेश की सफलता पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष: क्या Vodafone Idea शेयर खरीदना चाहिए?
वोडाफोन आइडिया के शेयरों में हालिया तेजी कंपनी की सुधरती स्थिति, टैरिफ बढ़ोतरी की उम्मीद और नेटवर्क निवेश की योजना के कारण आई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसमें संभावनाएं मौजूद हैं।
हालांकि यह शेयर अभी भी हाई रिस्क कैटेगरी में आता है। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और कर्ज घटाने की क्षमता को देखते हुए ही कोई फैसला लेना चाहिए।


