N Chandrasekaran Tenure: करीब 10 साल में टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹8.22 लाख करोड़ से बढ़कर ₹23.35 लाख करोड़ पहुंचा, कई शेयर बने मल्टीबैगर
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप के चेयरमैन पद से एन चंद्रशेखरन के जाने के बाद उनके करीब 10 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों की चर्चा तेज हो गई है। फरवरी 2017 में टाटा संस की कमान संभालने वाले चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया। इस दौरान ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप लगभग तीन गुना बढ़ गया।
एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल की शुरुआत में टाटा ग्रुप की लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार मूल्य करीब ₹8.22 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर लगभग ₹23.35 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। यानी करीब एक दशक में टाटा ग्रुप ने बाजार में करीब ₹15 लाख करोड़ से ज्यादा की वैल्यू क्रिएट की।
ट्रेंट बना सबसे बड़ा मल्टीबैगर, ₹1 लाख बने ₹18 लाख
टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट लिमिटेड ने एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल में सबसे शानदार प्रदर्शन किया। 21 फरवरी 2017 को ट्रेंट के शेयर का भाव करीब ₹166.47 था, जो 12 अगस्त को बढ़कर ₹2,982.10 तक पहुंच गया।
इस दौरान ट्रेंट के शेयर में करीब 1790% की तेजी आई। अगर किसी निवेशक ने फरवरी 2017 में इसमें ₹1 लाख लगाए होते, तो उसकी रकम बढ़कर लगभग ₹18 लाख हो जाती।
ट्रेंट की सफलता के पीछे कंपनी का वेस्टसाइड और जूडियो जैसे ब्रांड्स का तेजी से विस्तार, मजबूत स्टोर नेटवर्क और बढ़ती खपत को बड़ा कारण माना जाता है।
इन टाटा शेयरों ने भी दिया जबरदस्त रिटर्न
एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल में कई अन्य टाटा कंपनियों के शेयरों ने भी निवेशकों को मालामाल किया।
| कंपनी | रिटर्न |
|---|---|
| नेल्को (Nelco) | 1115% |
| टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन | 1050% |
| टाइटन कंपनी | 1015% |
| टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स | 660% |
| बनारस होटल्स | 790% |
| ऑटोमोटिव स्टैम्पिंग्स | 640% |
| इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) | 540% |
ये टाटा शेयर भी बने निवेशकों के लिए फायदे का सौदा
कुछ अन्य टाटा ग्रुप कंपनियों के शेयरों ने भी लंबी अवधि में मजबूत रिटर्न दिया।
| कंपनी | रिटर्न |
|---|---|
| टाटा टेलीसर्विसेज | 480% |
| टाटा Elxsi | 400% |
| टाटा पावर | 350% |
| टाटा स्टील | 300% |
| वोल्टास | 255% |
रैलिस इंडिया का प्रदर्शन रहा कमजोर
हालांकि टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों ने इस दौरान शानदार प्रदर्शन नहीं किया। रैलिस इंडिया (Rallis India) एकमात्र ऐसी कंपनी रही, जिसके शेयर में एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल के दौरान करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई।
टाटा ग्रुप में चंद्रशेखरन की बड़ी उपलब्धियां
एन चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने कई क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत की। उनके कार्यकाल में:
- रिटेल कारोबार का तेजी से विस्तार हुआ।
- टाटा डिजिटल और नई टेक्नोलॉजी पहलों पर फोकस बढ़ा।
- टाटा मोटर्स ने इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाई।
- टाटा पावर ने रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को आगे बढ़ाया।
- टाटा समूह की कई कंपनियों में निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
निवेशकों के लिए क्या है सबक?
टाटा ग्रुप के शेयरों का प्रदर्शन दिखाता है कि लंबी अवधि में मजबूत बिजनेस मॉडल, भरोसेमंद ब्रांड और सही रणनीति वाली कंपनियां बड़ा रिटर्न दे सकती हैं। हालांकि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और बाजार जोखिमों का विश्लेषण जरूरी है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयरों के प्रदर्शन से जुड़ी जानकारी दी गई है। यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।


