Weather Update 10 August: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 10 से 16 अगस्त 2026 के बीच देश के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का भी खतरा जताया गया है। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 10 अगस्त को मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है।
दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी आने वाले दिनों में बारिश का असर देखने को मिलेगा। लगातार बारिश के कारण कुछ पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में जलभराव, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, 10 अगस्त को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इन दोनों राज्यों में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा गुजरात, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश के कई इलाकों में पहले ही जोरदार बारिश दर्ज की जा चुकी है।
बीते 24 घंटे के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के श्यामपुर में 21 सेंटीमीटर, भोपाल के नवीबाग में 20 सेंटीमीटर और राजगढ़ के सारंगपुर में 19 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के मोहगांव में 19 सेंटीमीटर और सिहोरा में 16 सेंटीमीटर बारिश हुई।
लगातार भारी बारिश के कारण नदियों, नालों और जलाशयों के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
11 अगस्त को भी कई राज्यों में भारी बारिश
11 अगस्त को भी बारिश से राहत मिलने की संभावना कम है। पूर्वी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भारी बारिश होने का अनुमान है।
इन क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR में अचानक तेज बारिश होने पर कई इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है।
12 अगस्त से ओडिशा में बढ़ेगा बारिश का असर
12 अगस्त को ओडिशा में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।
13 और 14 अगस्त को भी ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है।
इस अवधि में पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
13-14 अगस्त को दिल्ली और UP पर भी नजर
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 13 अगस्त तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। दिल्ली-NCR में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश होने की स्थिति में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश की बात करें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 से 15 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 अगस्त को भी भारी बारिश की संभावना है।
इसलिए UP के लोगों को अगले कुछ दिनों में मौसम के स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है, खासकर उन इलाकों में जहां पहले से जलभराव या नदियों के बढ़े जलस्तर की समस्या है।
15 और 16 अगस्त को भी जारी रहेगा बारिश का दौर
IMD के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 15 अगस्त को भी कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।
इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश हो सकती है।
16 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
इससे साफ है कि अगले सात दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने वाला है और लोगों को फिलहाल बारिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
फ्लैश फ्लड का भी खतरा, इन जिलों में सावधानी जरूरी
भारी बारिश के बीच कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा भी बना हुआ है। 11 अगस्त की सुबह तक पूर्वी राजस्थान के बारां, बूंदी, झालावाड़ और कोटा जिलों तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड का जोखिम बताया गया है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन तथा उत्तराखंड के कई जिलों में भी फ्लैश फ्लड का खतरा हो सकता है।
ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले या जलभराव वाले रास्तों को पार करने से बचना चाहिए।
बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने का खतरा
कई राज्यों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। 10 अगस्त को कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और थंडरस्क्वॉल की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
बिजली चमकने और तेज आंधी के दौरान लोगों को खुले मैदान, खेत या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी भारी बारिश के दौरान कम दृश्यता और जलभराव वाले रास्तों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
अगले सात दिनों में क्या है मौसम का संकेत?
कुल मिलाकर 10 से 16 अगस्त के बीच देश के 20 से अधिक राज्यों में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में शुरुआत में अत्यंत भारी बारिश का खतरा है, जबकि बाद के दिनों में ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी बीच-बीच में भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए।


