PM Modi Pakistan VIDEO: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 10 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस दौरान खिलाड़ियों ने पीएम मोदी के साथ अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में भारतीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स से जुड़ी एक मजेदार कहानी सुनाई, जिसे सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। बेरवाल की कहानी में एक पाकिस्तानी बॉक्सर का जिक्र था, जिसने भारतीय बॉक्सर, उनके कोच और प्रधानमंत्री—तीनों के नाम नरेंद्र होने पर ऐसी बात कही कि पूरा माहौल हंसी से गूंज उठा।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ खिलाड़ियों की इस बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है। वीडियो में नरेंद्र बेरवाल को अपने पुराने मुकाबले का किस्सा सुनाते हुए देखा जा सकता है। कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, पीएम मोदी भी मुस्कुराते नजर आते हैं और पाकिस्तानी बॉक्सर की टिप्पणी सुनने के बाद जोर से हंस पड़ते हैं।
नरेंद्र बेरवाल ने सुनाया पाकिस्तान से मुकाबले का किस्सा
#WATCH | "Pakistani boxer said to me 'Aapka naam Narender hai, aapke coach ka naam Narender hai, aapke Pradhan Mantri ka naam Narendra hai. Mujhe Narendra naam se nafrat ho gayi hai'…" says Heavyweight boxer and silver medallist Narender Berwal narrating his conversation with a… pic.twitter.com/qvmwO5D2sz
— ANI (@ANI) August 10, 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान भारतीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि पाकिस्तान का जिक्र होने पर उन्हें 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स की एक घटना याद आ गई। उस प्रतियोगिता में उनका पहला मुकाबला पाकिस्तान के एक बॉक्सर से होना था।
बेरवाल के मुताबिक, चूंकि यह मिलिट्री गेम्स थे और उस समय भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव का माहौल था, इसलिए भारतीय अधिकारियों ने उन्हें विशेष तौर पर कहा था कि पाकिस्तान के खिलाड़ी से मुकाबला हारना नहीं है।
नरेंद्र बेरवाल ने पीएम मोदी को बताया कि उन्होंने मुकाबले में पाकिस्तानी बॉक्सर को हरा दिया। लेकिन मुकाबला इतना कड़ा था कि दोनों खिलाड़ियों को चोट लग गई। इसके बाद दोनों को इलाज और टांके लगवाने के लिए अस्पताल जाना पड़ा।
बेरवाल ने बताया कि उन्होंने पहला राउंड 4-1 से और दूसरा राउंड 3-2 से अपने नाम किया था। मुकाबला जीतने के बाद दोनों खिलाड़ी एक साथ अस्पताल पहुंचे। यहीं से इस कहानी का सबसे मजेदार हिस्सा शुरू हुआ।
जब पाकिस्तानी बॉक्सर ने कहा- ‘मुझे नरेंद्र नाम से नफरत हो गई है’
नरेंद्र बेरवाल ने आगे बताया कि 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने थे। उस समय उनके साथ मौजूद आर्मी कोच का नाम भी नरेंद्र राणा था।
अस्पताल में इलाज के दौरान पाकिस्तानी बॉक्सर ने बेरवाल से कुछ कहने की अनुमति मांगी। जब बेरवाल ने उसे बोलने के लिए कहा तो उसने तीन ‘नरेंद्र’ का जिक्र करते हुए मजेदार टिप्पणी की।
उसने कहा कि आपका नाम नरेंद्र है, आपके कोच का नाम नरेंद्र है और आपके प्रधानमंत्री का नाम भी नरेंद्र है। इसके बाद उसने मजाकिया अंदाज में कहा कि उसे अब ‘नरेंद्र’ नाम से ही नफरत हो गई है।
यह सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जोर-जोर से हंसने लगे। वहां मौजूद खिलाड़ियों के बीच भी हंसी का माहौल बन गया। नरेंद्र बेरवाल की यह कहानी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का प्रमुख हिस्सा बन गई है।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के साथ की खुलकर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान सिर्फ खेल प्रदर्शन पर ही चर्चा नहीं की, बल्कि खिलाड़ियों के अनुभव भी सुने।
इस दौरान बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग समेत अलग-अलग खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान सामने आई चुनौतियों और यादगार पलों के बारे में प्रधानमंत्री को बताया।
पीएम मोदी ने खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि देश के खिलाड़ी सिर्फ पदक नहीं जीतते, बल्कि करोड़ों भारतीयों को प्रेरणा भी देते हैं।
लवलीना बोरगोहेन की पीएम मोदी ने की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन से भी बातचीत की। पीएम मोदी ने ग्लास्गो में एक रेस्तरां से जुड़ी उस घटना का जिक्र किया, जिसमें भारत का गलत नक्शा प्रदर्शित किए जाने पर लवलीना ने आपत्ति जताई थी।
पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में लवलीना से पूछा कि क्या हुआ था, वह रेस्टोरेंट वाले से क्यों उलझ रही थीं।
लवलीना ने बताया कि यह खेलों का आखिरी दिन था और खिलाड़ी जश्न मना रहे थे। इसी दौरान उन्हें रेस्तरां में भारत का गलत नक्शा दिखाई दिया। उन्हें यह ठीक नहीं लगा, इसलिए उन्होंने वहां मौजूद लोगों को विनम्रतापूर्वक इसकी जानकारी दी। इसके बाद नक्शे में बदलाव भी किया गया।
प्रधानमंत्री ने लवलीना के इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीत का जश्न मनाने के बीच भी देश के नक्शे के महत्व को पहचानना महत्वपूर्ण है। पीएम मोदी ने इस घटना को लवलीना की जागरूकता और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा।
मीराबाई चानू ने बताया- क्यों छलक पड़े थे आंसू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने मीराबाई से पोडियम पर भावुक होने की वजह पूछी।
मीराबाई ने बताया कि उनके लिए वह पल बेहद खास और भावुक था। उन्होंने कहा कि पिछले चार साल उनके लिए काफी मुश्किल रहे। इस दौरान उन्हें चोटों और पारिवारिक परेशानियों सहित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
मीराबाई ने पेरिस ओलंपिक का भी जिक्र किया, जहां वह महज एक किलोग्राम के अंतर से पदक जीतने से चूक गई थीं। उन्होंने बताया कि इन वर्षों के संघर्ष के बाद जब वह पोडियम पर खड़ी हुईं, भारतीय ध्वज ऊपर उठा और राष्ट्रगान बजा तो वह अपने आंसू नहीं रोक पाईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान मीराबाई को लड्डू भी खिलाया। इस दौरान माहौल काफी भावुक और आत्मीय नजर आया।
पोडियम पर भावुक होने की बताई वजह
मीराबाई चानू ने कहा कि पोडियम पर खड़े होकर उन्हें पिछले चार वर्षों की सारी मेहनत और संघर्ष याद आ गया। पेरिस ओलंपिक में एक किलोग्राम से पदक से चूकने के बाद उनके लिए वापसी आसान नहीं थी।
उन्होंने चोटों और निजी जीवन की चुनौतियों का सामना करने के बावजूद अपना अभ्यास जारी रखा। ऐसे में जब उन्होंने फिर से बड़े मंच पर सफलता हासिल की और तिरंगा लहराया गया, तो उनकी भावनाएं बाहर आ गईं।
मीराबाई की यह कहानी सुनकर प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनके संघर्ष और जज्बे की सराहना की।
जादुमणि सिंह के प्रदर्शन का भी पीएम मोदी ने किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने बॉक्सर जादुमणि सिंह की भी तारीफ की। जादुमणि ने 55 किलोग्राम वर्ग में पाकिस्तान के बॉक्सर को हराकर भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई थी।
इस मुकाबले का एक खास संदर्भ यह भी रहा कि यह मुकाबला 26 जुलाई को हुआ था। 26 जुलाई को भारत में 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर मिली जीत की याद में कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है।
ऐसे में जादुमणि की पाकिस्तान के खिलाफ जीत को प्रधानमंत्री ने खास तौर पर सराहा।
भारत के लिए यादगार रहा कॉमनवेल्थ गेम्स का प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल रहे। मुक्केबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन शानदार रहा और भारत ने इस खेल में सात स्वर्ण पदक हासिल किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों से मुलाकात के दौरान उनकी उपलब्धियों के साथ-साथ उनके संघर्षों और व्यक्तिगत अनुभवों को भी सुना। इस मुलाकात का वीडियो इसलिए भी खास बन गया क्योंकि इसमें खिलाड़ियों के साथ पीएम मोदी का अनौपचारिक और हल्का-फुल्का संवाद देखने को मिला।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ नरेंद्र बेरवाल का किस्सा
नरेंद्र बेरवाल और पाकिस्तानी बॉक्सर से जुड़ी कहानी वाला हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसकी सबसे खास वजह वह मजेदार टिप्पणी है, जिसमें पाकिस्तानी खिलाड़ी ने नरेंद्र बेरवाल, उनके कोच नरेंद्र राणा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम में समानता को लेकर मजाक किया था।
पीएम मोदी का इस टिप्पणी पर खुलकर हंसना भी वीडियो में साफ नजर आता है। यही वजह है कि बातचीत का यह छोटा सा हिस्सा लोगों का ध्यान खींच रहा है।
खेल के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के मुकाबले अक्सर तनाव और प्रतिस्पर्धा से जुड़े होते हैं, लेकिन नरेंद्र बेरवाल की यह कहानी दिखाती है कि कड़े मुकाबले के बीच भी खिलाड़ियों के बीच मानवीय और मजेदार पल बन सकते हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री के साथ हुई यह बातचीत अब चर्चा का विषय बनी हुई है।
पीएम मोदी से खिलाड़ियों की मुलाकात क्यों रही खास?
इस मुलाकात में जहां खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना हुई, वहीं उनके संघर्ष और प्रतियोगिताओं से जुड़े अनुभवों को भी सामने आने का मौका मिला। नरेंद्र बेरवाल की मजेदार कहानी ने माहौल को हल्का किया, लवलीना बोरगोहेन के अनुभव ने देश के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया और मीराबाई चानू की कहानी ने खिलाड़ियों के संघर्ष और जज्बे को सामने रखा।
यानी प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई यह मुलाकात सिर्फ पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई देने तक सीमित नहीं रही। इसमें खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष, देशभक्ति और खेल भावना से जुड़े कई यादगार पल भी सामने आए।


