Awarapan 2: साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘आवारापन’ ने अपनी कहानी, इमरान हाशमी के दमदार किरदार और शानदार संगीत के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। फिल्म के गाने आज भी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। अब करीब दो दशक बाद इसका सीक्वल ‘आवारापन 2’ सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। फिल्म में इमरान हाशमी एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार में नजर आएंगे।
‘आवारापन 2’ को लेकर दर्शकों के बीच सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात की भी है कि फिल्म में पहले पार्ट के लोकप्रिय गानों को नए अंदाज में पेश किया जा रहा है। इनमें ‘तो फिर आओ’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता’ जैसे गाने शामिल हैं। इन दोनों गानों के ओरिजिनल गीतकार सईद कादरी ही हैं और सीक्वल के लिए उन्होंने इन्हें नए शब्दों और नए अंदाज के साथ तैयार किया है।
पुराने गानों को दोबारा तैयार करना आसान नहीं था
इतने लोकप्रिय गानों को दोबारा तैयार करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर होने को लेकर सईद कादरी ने अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार लिखे गए गाने की मूल भावना उनके अंदर हमेशा मौजूद रहेगी। ऐसे में उनके लिए यह किसी दूसरे गीत को रीक्रिएट करने जैसा नहीं था, बल्कि अपनी ही रचना को एक नए रूप में पेश करने का अनुभव था।
कादरी के मुताबिक, पुराने गाने की मूल ‘खुशबू’ को बरकरार रखते हुए उसमें नए रचनात्मक तत्व जोड़ना जरूरी था। उनका मानना है कि जब किसी रचना का सार आपके भीतर मौजूद हो, तो उसमें नया रंग जोड़ने का काम स्वाभाविक तरीके से आगे बढ़ता है।
‘मैंने कभी दूसरों की रचनाओं को दोबारा नहीं बनाया’
सईद कादरी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस काम को लेकर किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं थी। उन्होंने कहा कि अपने लंबे करियर में उन्होंने आमतौर पर दूसरों की रचनाओं को दोबारा बनाने का काम नहीं किया है। लेकिन इस बार मामला अलग था, क्योंकि वह अपने ही लिखे हुए गाने पर दोबारा काम कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि ‘आवारापन’ उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन और भावनाओं से भी गहराई से जुड़ी हुई है। खासकर इमरान हाशमी का किरदार शिवम पंडित उन्हें बेहद करीब लगता है।
शिवम पंडित के किरदार से है खास जुड़ाव
‘आवारापन’ में इमरान हाशमी ने शिवम पंडित नाम के एक ऐसे हिटमैन का किरदार निभाया था, जिसके भीतर अपराध की दुनिया के बावजूद एक मजबूत अंतरात्मा और भावनात्मक संघर्ष दिखाई देता है। कादरी के मुताबिक, इस किरदार के भीतर मौजूद बेचैनी और खालीपन ऐसी भावनाएं हैं, जिन्हें इंसान अपने जीवन के संघर्ष के दौर में महसूस कर सकता है।
यही वजह है कि ‘आवारापन’ की कहानी और इसके संगीत से उनका जुड़ाव सिर्फ पेशेवर नहीं रहा। उनके लिए इस फिल्म के गानों को दोबारा तैयार करना अपने पुराने काम के साथ एक भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ अनुभव भी था।
सबसे बड़ा डर था कि दर्शक निराश न हों
हालांकि कादरी ने यह जरूर माना कि पुराने गानों को दोबारा तैयार करते समय दबाव महसूस हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि ‘तो फिर आओ’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता’ को दर्शकों ने पहले ही बहुत प्यार दिया है।
जब किसी गाने की पुरानी यादें लोगों से जुड़ जाती हैं, तो उसके नए वर्जन को लेकर स्वाभाविक तौर पर उम्मीदें बढ़ जाती हैं। कादरी के लिए भी सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि नए गानों की वजह से पुराने प्रशंसकों को निराशा न हो।
उन्होंने कहा कि जब कोई कलाकार या गीतकार एक ब्रांड बन जाता है, तो लोगों की उम्मीदें भी उससे बढ़ जाती हैं। यही उम्मीद कलाकार को और ज्यादा ईमानदारी से काम करने के लिए प्रेरित करती है।
‘चेहरे पर शिकन नहीं आनी चाहिए’
सईद कादरी ने अपनी सबसे बड़ी इच्छा बताते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि उनके किसी नए काम को सुनकर उनके प्रशंसक निराश हों। उनके लिए सबसे अहम बात यह है कि जो लोग लंबे समय से उनके काम को प्यार करते आए हैं, वे नए गानों को सुनकर संतुष्ट महसूस करें।
यही दबाव शायद ‘आवारापन 2’ के संगीत को लेकर उनकी जिम्मेदारी को भी बढ़ाता है। एक तरफ पुराने गानों की यादें हैं, तो दूसरी तरफ नई पीढ़ी के दर्शकों के लिए उन्हें नए अंदाज में पेश करने की चुनौती है।
14 अगस्त को रिलीज होगी ‘आवारापन 2’
‘आवारापन 2’ का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है, जबकि इसकी कहानी बिलाल सिद्दीकी ने लिखी है। फिल्म को विशेष भट्ट ने प्रोड्यूस किया है और इसे मुकेश भट्ट व विशेष फिल्म्स प्रस्तुत कर रहे हैं।
फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी, शबाना आजमी और सुविंदर विक्की भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इमरान एक बार फिर शिवम पंडित के किरदार को पर्दे पर लेकर लौट रहे हैं।
फिल्म 14 अगस्त 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि ‘आवारापन’ के पुराने गानों से जुड़ी भावनाओं को ‘आवारापन 2’ का नया संगीत किस तरह आगे बढ़ाता है और क्या ‘तेरा मेरा रिश्ता’ का नया अंदाज पुराने प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरा उतर पाता है।


