Mock Trading on Saturday: आमतौर पर भारतीय शेयर बाजार शनिवार और रविवार को बंद रहता है। ऐसे में अगर आज यानी शनिवार, 8 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर बाजार से जुड़ी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आज सामान्य कारोबारी सत्र चल रहा है। दरअसल, आज दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित कर रहे हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की ओर से शनिवार को अलग-अलग मार्केट सेगमेंट में यह विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य एक्सचेंज के ट्रेडिंग सिस्टम, तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और आपात स्थिति में बाजार को सुचारु रूप से संचालित करने की तैयारियों की जांच करना है।
इसलिए आम निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि 8 अगस्त को होने वाली मॉक ट्रेडिंग को सामान्य लाइव शेयर बाजार की ट्रेडिंग न समझें। यह मुख्य रूप से एक्सचेंज, ट्रेडिंग मेंबर्स और ब्रोकर्स के तकनीकी सिस्टम की जांच के लिए आयोजित किया गया है।
HighLights
- 8 अगस्त 2026, शनिवार को NSE और BSE पर मॉक ट्रेडिंग सेशन हो रहा है।
- एक्सचेंज अपने ट्रेडिंग सिस्टम और तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच कर रहे हैं।
- मॉक ट्रेडिंग में इक्विटी, डेरिवेटिव्स और अन्य सेगमेंट शामिल हैं।
- यह सामान्य कारोबारी दिन नहीं है और इसे लाइव मार्केट ट्रेडिंग नहीं माना जाना चाहिए।
- मॉक सेशन में होने वाले ट्रेड के लिए सामान्य फंड पे-इन या पे-आउट नहीं होगा।
- इसका एक उद्देश्य सोमवार, 10 अगस्त को सामान्य ट्रेडिंग के दौरान कनेक्टिविटी और सिस्टम को सुचारु रखना भी है।
शनिवार को क्यों हो रही है Mock Trading?
शनिवार को सामान्य तौर पर शेयर बाजार बंद रहता है। इसके बावजूद 8 अगस्त को NSE और BSE ने मॉक ट्रेडिंग का कार्यक्रम रखा है। एक्सचेंज की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस विशेष सत्र का उद्देश्य अलग-अलग बाजार सेगमेंट में ट्रेडिंग सिस्टम और तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण करना है।
मॉक ट्रेडिंग के दौरान एक्सचेंज यह जांचते हैं कि उनके सिस्टम सामान्य परिस्थितियों के साथ-साथ असामान्य या आपात स्थिति में भी सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। इसके अलावा कनेक्टिविटी, ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर, ऑर्डर प्रोसेसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को भी परखा जाता है।
NSE की ओर से 8 अगस्त 2026 को कैपिटल मार्केट सेगमेंट, इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स और कमोडिटी डेरिवेटिव्स समेत विभिन्न सेगमेंट में मॉक ट्रेडिंग सेशन आयोजित किया जा रहा है।
इस तरह के टेस्ट का फायदा यह होता है कि किसी तकनीकी समस्या, सिस्टम फेलियर या आपात स्थिति के दौरान एक्सचेंज और उसके सदस्य बाजार की सेवाओं को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए तैयार रहते हैं।
NSE-BSE Mock Trading की टाइमिंग क्या है?
NSE ने 8 अगस्त के मॉक ट्रेडिंग सेशन के लिए अलग-अलग चरणों की टाइमिंग निर्धारित की है। यह प्रक्रिया Primary Site और इसके बाद Disaster Recovery (DR) Site से संबंधित टेस्टिंग के तहत की जा रही है।
Primary Site पर मॉक ट्रेडिंग की प्रमुख टाइमिंग
| गतिविधि | समय |
|---|---|
| Morning Block Deal Window | सुबह 10:45 से 11:00 बजे तक |
| Pre-Open Session | सुबह 11:00 बजे से |
| Normal Market Open | सुबह 11:15 बजे |
| T+0 Market Open | सुबह 11:15 बजे |
| Auction Market | दोपहर 12:30 बजे से |
| T+0 Market Close | दोपहर 1:00 बजे |
| T+0 Trade Modification | दोपहर 1:10 बजे तक |
| Normal Market Close | दोपहर 1:30 बजे |
| Block Deal Window-2 | दोपहर 1:00 से 1:15 बजे तक |
NSE के कार्यक्रम के अनुसार Primary Site पर सामान्य मॉक मार्केट सेशन दोपहर 1:30 बजे समाप्त होगा। इसके बाद मॉक ट्रेडिंग की अगली प्रक्रिया Disaster Recovery यानी DR Site से संबंधित होगी।
यह व्यवस्था एक्सचेंज की आपदा या तकनीकी समस्या की स्थिति में वैकल्पिक सिस्टम की क्षमता को परखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
क्या आम निवेशक आज शेयर खरीद-बेच सकते हैं?

यह सवाल आज निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। हालांकि एक्सचेंज पर ट्रेडिंग से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं, लेकिन इसे सामान्य कारोबारी दिन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
8 अगस्त का सेशन मुख्य रूप से Mock Trading के लिए है। इसका उद्देश्य बाजार में वास्तविक निवेश या सामान्य कारोबार करना नहीं, बल्कि एक्सचेंज और ट्रेडिंग सदस्यों के सिस्टम की टेस्टिंग करना है।
NSE की ओर से सदस्यों को मॉक एनवायरनमेंट में भाग लेने और अपने ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मॉक सेशन के दौरान होने वाले ट्रेड के लिए सामान्य कारोबारी दिन की तरह फंड पे-इन या पे-आउट नहीं होगा।
इसलिए निवेशकों को शनिवार की इस गतिविधि को देखकर यह नहीं मानना चाहिए कि अब हर शनिवार शेयर बाजार सामान्य रूप से खुला रहेगा।
किन लोगों के लिए है यह Mock Trading Session?
मॉक ट्रेडिंग का मुख्य उद्देश्य बाजार के तकनीकी इकोसिस्टम की जांच करना है। इसलिए इसमें प्रमुख रूप से स्टॉक एक्सचेंज के सदस्य, ब्रोकर, ट्रेडिंग मेंबर और उनसे जुड़े तकनीकी सिस्टम शामिल होते हैं।
कैपिटल मार्केट सेगमेंट में लाइव ट्रेडिंग के लिए सक्षम सदस्य इस मॉक ट्रेडिंग सेशन में भाग ले सकते हैं। इसके लिए मौजूदा User IDs, IPs और Box ID mappings का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मॉक सेशन में हिस्सा लेने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेडिंग सदस्य के सभी सिस्टम एक्सचेंज के साथ सही तरीके से कनेक्ट हो रहे हैं और ऑर्डर से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया सामान्य रूप से काम कर रही है।
सोमवार की Live Trading से भी जुड़ा है टेस्ट
8 अगस्त की मॉक ट्रेडिंग का महत्व इसलिए भी है क्योंकि इसके जरिए सोमवार को होने वाले सामान्य कारोबारी सत्र की तैयारियों को बेहतर बनाया जा सकता है।
NSE ने सदस्यों को मॉक सेशन में अपने सभी जरूरी ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के जरिए हिस्सा लेने और टेस्टिंग पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद सदस्यों को लाइव एनवायरनमेंट में दोबारा लॉगिन करने की प्रक्रिया भी पूरी करनी है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सोमवार, 10 अगस्त 2026 को जब शेयर बाजार का सामान्य कारोबारी सत्र शुरू हो, तब ट्रेडिंग सदस्यों की कनेक्टिविटी और तकनीकी व्यवस्थाओं में किसी तरह की परेशानी न आए।
क्या शनिवार की मॉक ट्रेडिंग से शेयर बाजार के भाव पर असर पड़ेगा?
मॉक ट्रेडिंग को सामान्य लाइव मार्केट से अलग समझना जरूरी है। इसका उद्देश्य बाजार में वास्तविक निवेश गतिविधियों को बढ़ाना या शेयरों की कीमतों को प्रभावित करना नहीं है।
मॉक ट्रेडिंग के दौरान एक्सचेंज और उसके सदस्य मुख्य रूप से यह देखते हैं कि अलग-अलग परिस्थितियों में सिस्टम किस तरह प्रतिक्रिया करता है। इसलिए आम निवेशकों को इस सत्र में दिखाई देने वाली गतिविधियों को सामान्य बाजार के संकेत के तौर पर नहीं देखना चाहिए।
इसी वजह से शनिवार को NSE और BSE पर होने वाली यह गतिविधि सामान्य कारोबारी सप्ताह के प्रदर्शन, निवेश रणनीति या शेयरों की कीमतों का आधार नहीं है।
निवेशकों के लिए क्या समझना जरूरी है?
अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो 8 अगस्त की इस गतिविधि को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आज का सेशन सामान्य ट्रेडिंग डे नहीं है। NSE और BSE तकनीकी तैयारियों की जांच के लिए मॉक ट्रेडिंग कर रहे हैं।
इस तरह के टेस्ट से एक्सचेंज को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि ट्रेडिंग सिस्टम, कनेक्टिविटी और वैकल्पिक तकनीकी व्यवस्थाएं आपात स्थिति में कितनी प्रभावी तरीके से काम कर सकती हैं।
इसलिए शनिवार को बाजार से जुड़ी गतिविधियां देखकर घबराने या इसे नियमित शनिवार की ट्रेडिंग समझने की जरूरत नहीं है। सामान्य कारोबारी गतिविधियां निर्धारित ट्रेडिंग कैलेंडर के अनुसार ही चलेंगी।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार और मॉक ट्रेडिंग से जुड़ी सामान्य जानकारी दी गई है। इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह न समझें। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम क्षमता का आकलन करें तथा जरूरत पड़ने पर किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लें।


