Delhi-Meerut Expressway Route Advisory: कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। शुक्रवार शाम से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सामान्य वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। अब इस एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल केवल डाक कांवड़ियों के लिए किया जाएगा। आम वाहन चालकों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना होगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आम वाहनों की एंट्री रोकने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
DME पर सिर्फ डाक कांवड़ियों को मिलेगी अनुमति
डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुन बिसेन ने बताया कि मेरठ पुलिस के साथ समन्वय कर शुक्रवार शाम से नई ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस समय कांवड़ यात्रा अपने चरम चरण में है, इसलिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर केवल डाक कांवड़ियों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार:
- DME के सभी प्रमुख प्रवेश प्वाइंट बंद किए जाएंगे।
- सामान्य वाहनों को एक्सप्रेसवे पर प्रवेश नहीं मिलेगा।
- पैदल और बाइक से आने वाले कांवड़ियों को भी DME पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- कांवड़ियों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
हालांकि, गाजियाबाद की तरफ उतरने वाले वाहनों के लिए एग्जिट रूट खुले रहेंगे, जिससे जरूरी आवाजाही प्रभावित न हो।
NH-9 से गुजरेंगे दिल्ली से मेरठ जाने वाले वाहन
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे बंद होने के बाद सामान्य यातायात के लिए NH-9 का इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली से मेरठ जाने वाले वाहन डासना कट होते हुए हापुड़ मार्ग से मेरठ पहुंच सकेंगे।
ट्रैफिक पुलिस ने प्रमुख चौराहों, कट और डायवर्जन प्वाइंट पर जवानों की तैनाती की है, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो और जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
पैदल और बाइक कांवड़ियों के लिए अलग व्यवस्था
प्रशासन ने साफ किया है कि DME पर पैदल और बाइक से यात्रा करने वाले कांवड़ियों को प्रवेश नहीं मिलेगा। कांवड़ियों की सुरक्षा और एक्सप्रेसवे पर तेज गति से चलने वाली डाक कांवड़ को देखते हुए यह व्यवस्था लागू की गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे कांवड़ियों की संख्या बढ़ेगी, उसी के अनुसार ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया जा सकता है।
बंद कट खुलने से लोगों को मिली राहत
इससे पहले शहर में बढ़ते जाम को देखते हुए पुलिस ने जीटी रोड और कनावनी मार्ग पर बंद किए गए कुछ कट खोल दिए थे। इससे वाहन चालकों को राहत मिली है।
हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार कई रास्तों को पहले ही बंद कर दिया गया था। इसके कारण लोगों को छोटे सफर में भी ज्यादा समय लग रहा था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जहां सामान्य दिनों में 15 मिनट में सफर पूरा हो जाता था, वहीं प्रतिबंधों के कारण कई जगहों पर 45 मिनट तक लग रहे थे।
दूधेश्वरनाथ मंदिर जाने वाले रास्तों पर भी रोक
गाजियाबाद स्थित दूधेश्वरनाथ मंदिर में कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है।
इन रास्तों पर रोक लगाई गई है:
- चौधरी मोड़ से मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग
- गोशाला फाटक क्षेत्र
- हापुड़ तिराहा
- कैला भट्ठा मार्ग
- पटेलनगर फ्लाईओवर से मंदिर की ओर जाने वाला रास्ता
- संजय गीता चौक
- घूकना मोड़
- डीपीएस कट
- सिहानी चुंगी से NH-34 जाने वाला मार्ग
इन क्षेत्रों में केवल जरूरी सेवाओं और प्रशासन द्वारा अनुमति प्राप्त वाहनों को ही छूट दी जाएगी।
कांवड़ियों की संख्या बढ़ी तो और सख्ती संभव
फिलहाल मेरठ रोड की एक लेन पर यातायात जारी रखने का फैसला लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अगर कांवड़ियों की संख्या और बढ़ती है तो ट्रैफिक व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
जरूरत पड़ने पर कार और अन्य चार पहिया वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगाई जा सकती है। वर्तमान व्यवस्था में कुछ मार्गों पर दोपहिया वाहनों को सीमित अनुमति दी गई है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सलाह
अगर आप दिल्ली, गाजियाबाद या मेरठ की तरफ यात्रा करने वाले हैं तो निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें।
- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से बचें।
- NH-9 और प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें।
- मंदिर और कांवड़ मार्गों के आसपास जाने से बचें।
- लंबी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।
कांवड़ यात्रा समाप्त होने तक प्रशासन स्थिति के अनुसार ट्रैफिक नियमों में बदलाव कर सकता है। इसलिए वाहन चालकों को अपडेटेड रूट प्लान के अनुसार ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।


