Asian Market Today: शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। निवेशकों की नजर अमेरिकी जुलाई जॉब्स रिपोर्ट, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों के संकेत और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती भू-राजनीतिक चिंताओं पर बनी हुई है। वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
Asian Market Today: शुक्रवार के कारोबारी सत्र में अधिकांश एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली। निवेशक एक ओर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों (Non-Farm Payrolls) का इंतजार कर रहे हैं तो दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी पर भी नजर बनाए हुए हैं। इन दोनों वजहों से वैश्विक बाजारों में सतर्क माहौल बना हुआ है।
जापान का निक्केई 225 करीब 0.96% की गिरावट के साथ 65,061.00 के आसपास कारोबार करता दिखा। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी लगभग 0.61% फिसल गया। दूसरी ओर सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.34% की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
ताइवान का शेयर बाजार 0.24% की कमजोरी के साथ 44,290.00 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं हैंगसेंग इंडेक्स करीब 0.35% की बढ़त के साथ 25,436.00 के स्तर पर पहुंच गया। चीन का शंघाई कंपोजिट भी 0.24% की बढ़त के साथ 3,909.90 के आसपास कारोबार करता दिखा।
अमेरिकी बाजार में कमजोरी
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट में भी दबाव देखने को मिला। जुलाई की अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट जारी होने से पहले निवेशक सतर्क बने रहे। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन पिछले कारोबारी सत्र में प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
- S&P 500 Futures में 0.04% की मामूली बढ़त रही।
- Nasdaq 100 Futures करीब 0.30% मजबूत रहा।
- Dow Jones Futures 17 अंक यानी 0.03% नीचे कारोबार करता दिखा।
गुरुवार के नियमित कारोबार में Dow Jones 460 अंकों से अधिक यानी करीब 0.9% टूट गया, जिससे लगातार पांच दिनों की तेजी थम गई। वहीं S&P 500 में 0.2% और Nasdaq Composite में 0.1% की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 99 सेंट यानी 1.2% बढ़कर 83.48 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI क्रूड 85 सेंट यानी 1.1% की बढ़त के साथ 78.84 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
तेल की कीमतों में यह उछाल होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाओं के चलते आया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की संसद की एक समिति ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसके तहत अमेरिका, इजराइल और अन्य विरोधी देशों के जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर कार्गो मूल्य का 20% तक जुर्माना लगाने का भी प्रस्ताव है।
ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से 5% से 7% तक ट्रांजिट शुल्क वसूला जा सकता है। वहीं ओमान करीब 3% शुल्क के प्रस्ताव पर बातचीत कर रहा है, जबकि अमेरिका बिना किसी शुल्क के आवाजाही का समर्थन कर रहा है।
यदि इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ा जाता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग लागत पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
सोने की कीमतों में स्थिरता
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया। निवेशक अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति के संकेत मिल सकते हैं।
- स्पॉट गोल्ड लगभग 4,235.57 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा।
- US Gold Futures 0.1% की गिरावट के साथ 4,293.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
हालांकि इस सप्ताह सोने की कीमतों में लगभग 4.8% की बढ़त दर्ज की गई, जो जनवरी के बाद इसकी सबसे मजबूत साप्ताहिक तेजी मानी जा रही है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
वैश्विक बाजार फिलहाल तीन प्रमुख कारकों पर नजर बनाए हुए हैं—अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव। यदि रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर आते हैं तो फेड की नीति को लेकर बाजार की धारणा बदल सकती है। वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी घटनाएं कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक शेयर बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
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