Allcargo Logistics Share Price: अलकार्गो लॉजिस्टिक्स के शेयरों में 6 अगस्त को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। केंद्र सरकार द्वारा कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर्स (CTO) के लाइसेंसिंग नियमों को आसान बनाने के फैसले से लॉजिस्टिक्स सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा अलकार्गो लॉजिस्टिक्स जैसी कंपनियों को मिलने की उम्मीद है।
शेयर बाजार खुलते ही Allcargo Logistics Ltd के शेयरों में तेजी का माहौल बन गया। कंपनी का शेयर 6 अगस्त को सुबह 10:50 बजे करीब 15.23 फीसदी की बढ़त के साथ 9.37 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, पिछले एक साल में इस शेयर ने निवेशकों को निराश किया है और इसमें करीब 73 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
सरकार के फैसले से लॉजिस्टिक्स कंपनियों को फायदा
केंद्र सरकार ने कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर्स के लिए लाइसेंसिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत अब कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर्स को देशभर में ट्रेन चलाने के लिए अलग-अलग रूट के लिए अलग लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी।
अब कंपनियां सिर्फ एक सिंगल लाइसेंस के जरिए पूरे देश में कंटेनर ट्रेन ऑपरेट कर सकेंगी। सरकार के इस कदम का उद्देश्य रेलवे माल ढुलाई क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाना और कारोबार को आसान बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। रेलवे नेटवर्क तक आसान पहुंच मिलने से कंटेनर ट्रांसपोर्ट कंपनियों की क्षमता और कारोबार दोनों बढ़ सकते हैं।
MCA संशोधन को मिली मंजूरी
रेल मंत्रालय ने मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट (MCA) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके बाद कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर्स को अलग-अलग रूट के लिए अलग-अलग परमिशन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद:
- कंपनियां एक लाइसेंस से देशभर में कंटेनर ट्रेन चला सकेंगी।
- रेलवे नेटवर्क के किसी भी रूट पर ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
- माल ढुलाई व्यवस्था ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकती है।
सरकार द्वारा गजट नोटिफिकेशन जारी किए जाने के बाद यह नया नियम प्रभावी हो जाएगा।
25 करोड़ रुपये होगी रजिस्ट्रेशन फीस
नई पॉलिसी के तहत कंटेनर ट्रेन ऑपरेटर्स को एक समान नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी। यह फीस 25 करोड़ रुपये तय की गई है।
फीस जमा करने के बाद ऑपरेटर देशभर के रेलवे नेटवर्क पर कंटेनर ट्रेन सेवाएं शुरू कर सकेंगे। इससे कंपनियों को अपने कारोबार का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
हालांकि, इस खबर का असर अन्य बड़ी कंपनियों जैसे गेटवे डिस्ट्रिपार्क्स और कॉनकोर के शेयरों पर सीमित रहा। दोनों कंपनियों के शेयरों में मामूली तेजी देखने को मिली।
Allcargo Logistics के जून तिमाही नतीजे रहे मजबूत
सरकारी फैसले के अलावा कंपनी के तिमाही नतीजों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। Allcargo Logistics ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है।
कंपनी का:
- टैक्स से पहले मुनाफा (PBT) सालाना आधार पर 258 फीसदी बढ़कर 31 करोड़ रुपये हो गया।
- कंसॉलिडेटेड EBITDA करीब 39 फीसदी बढ़कर 71 करोड़ रुपये पहुंच गया।
- स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये रहा।
एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। ऐसे में कंपनी का घाटे से मुनाफे में आना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
शेयर बाजार में भी दिखी तेजी
6 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार में भी मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 129 अंक यानी 0.18 फीसदी की तेजी के साथ 78,726 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
वहीं बैंक निफ्टी में करीब 0.30 फीसदी की बढ़त रही। बाजार में HAL, Shriram Finance, Eternal और Cipla जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिली।
दूसरी तरफ Power Grid, Bosch, NTPC और Trent जैसे दिग्गज शेयर दबाव में नजर आए।
Allcargo Logistics Share Price Outlook
सरकार के कंटेनर ट्रेन लाइसेंस नियमों में बदलाव और कंपनी के बेहतर तिमाही प्रदर्शन से अलकार्गो लॉजिस्टिक्स के शेयरों में शॉर्ट टर्म में सेंटीमेंट मजबूत हुआ है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के लंबे समय के प्रदर्शन, कर्ज की स्थिति और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर ही निवेश का फैसला करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


