आईपीएल में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने अहम सलाह दी है। रहाणे का मानना है कि वैभव में असाधारण प्रतिभा जरूर है, लेकिन उन्हें अभी टेस्ट टीम में शामिल करने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज को पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर खुद को साबित करना होगा, उसके बाद ही टेस्ट टीम पर विचार किया जाना चाहिए।
Highlights
- अजिंक्य रहाणे ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर दी बड़ी सलाह।
- कहा- अभी टेस्ट टीम में शामिल करने की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए।
- आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट के दबाव में बताया बड़ा अंतर।
- वैभव ने टी20 इंटरनेशनल में दिखाए अच्छे संकेत, लेकिन निरंतरता अभी बाकी।
- जिम्बाब्वे दौरे पर अर्धशतक और 81 रन की पारी खेली।
आईपीएल के बाद चर्चा में आए वैभव सूर्यवंशी
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गए। इसके बाद उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में जगह मिली और वह सबसे कम उम्र में भारत की टी20 टीम का हिस्सा बनने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शुरुआत उनके लिए आसान नहीं रही। शुरुआती मुकाबलों में उन्होंने 14, 13, 15, 50, 20 और 81 रन की पारियां खेलीं। इन पारियों से उनकी प्रतिभा जरूर दिखाई दी, लेकिन लगातार प्रभाव छोड़ने में वह अभी सफल नहीं हो सके।
अजिंक्य रहाणे ने क्या कहा?
हाल ही में ‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान अजिंक्य रहाणे ने कहा कि वैभव को लेकर अभी किसी भी तरह की जल्दबाजी ठीक नहीं होगी।
रहाणे ने कहा,
“अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मैं उस युवा खिलाड़ी पर बेवजह दबाव नहीं डालना चाहता, क्योंकि उसके बारे में पहले से ही काफी चर्चा हो रही है। उसने अभी सिर्फ दो आईपीएल सीजन खेले हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करना और देश के लिए लगातार अच्छा खेलना दोनों अलग-अलग चुनौतियां हैं।
‘इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव बिल्कुल अलग होता है’
रहाणे ने स्पष्ट किया कि आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना करना सही नहीं है।
उन्होंने कहा,
“आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा अंतर होता है। जब आप देश के लिए खेलते हैं तो दबाव कहीं ज्यादा होता है। आईपीएल में लक्ष्य का पीछा करना अलग बात है, जबकि इंटरनेशनल क्रिकेट में वही चुनौती कहीं कठिन हो जाती है। इसलिए उसे अपना खेल खेलने दीजिए, समय दीजिए और धीरे-धीरे आगे बढ़ने दीजिए।”
रहाणे के मुताबिक, यदि वैभव लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो भविष्य में टेस्ट क्रिकेट के दरवाजे उनके लिए खुद खुल जाएंगे।
जिम्बाब्वे दौरे पर मिला मिला-जुला प्रदर्शन
जिम्बाब्वे दौरे पर वैभव सूर्यवंशी ने कुछ यादगार पारियां खेलीं। उन्होंने पहले टी20 मुकाबले में अर्धशतक लगाया, दूसरे मैच में 20 रन बनाए और आखिरी मुकाबले में 81 रन की शानदार पारी खेली।
हालांकि, 81 रन की इस पारी के लिए उन्होंने 49 गेंदों का सामना किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली को देखते हुए कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों ने इसे अपेक्षाकृत धीमी पारी माना। यही कारण है कि उनके प्रदर्शन को लेकर अभी भी चर्चा जारी है और उनसे भविष्य में अधिक निरंतरता की उम्मीद की जा रही है।
क्या टेस्ट टीम के लिए अभी तैयार हैं वैभव?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के पास लंबी पारी खेलने की क्षमता और बेहतरीन शॉट्स का संग्रह है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में तकनीक, धैर्य और निरंतर प्रदर्शन सबसे अहम माना जाता है। ऐसे में यदि वह घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो भविष्य में भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने के मजबूत दावेदार बन सकते हैं।


