नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) को खुदरा और संस्थागत निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। दो दिन तक चले इस OFS को निवेशकों ने हाथोंहाथ लिया और यह पूरी तरह ओवर-सब्सक्राइब रहा। मजबूत मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने अपना ग्रीन शू विकल्प (Green Shoe Option) भी पूरी तरह इस्तेमाल किया। इस सफल पेशकश के बाद सरकार ने कुल 82,23,33,558 (822,333,558) शेयर बेचकर 31,552 करोड़ रुपये जुटाए, जो राशि के लिहाज से भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक शेयर ऑफर (Public Offering) में शामिल हो गया है।
Highlights
- LIC का OFS दोनों दिनों में ओवर-सब्सक्राइब रहा।
- सरकार ने 82.23 करोड़ शेयर बेचकर ₹31,552 करोड़ जुटाए।
- ग्रीन शू विकल्प का भी पूरा इस्तेमाल किया गया।
- LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10% हो गई।
- कंपनी ने समय से पहले न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग का लक्ष्य हासिल किया।
निवेशकों का जबरदस्त भरोसा, OFS रहा सुपरहिट
Offer for Sale in the Life Insurance Corporation of India (LIC) closed with an overwhelming response from both retail and institutional investors. The issue was over-subscribed on both days and the Government exercised its entire green shoe option. With this the public ownership… pic.twitter.com/TQZNQhfi3X
— Secretary, DIPAM (@SecyDIPAM) August 5, 2026 LIC के OFS को रिटेल निवेशकों के साथ-साथ घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों से भी शानदार प्रतिक्रिया मिली। पहले दिन से ही इश्यू को अच्छी मांग मिली और दूसरे दिन तक यह पूरी तरह ओवर-सब्सक्राइब हो गया। बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने अतिरिक्त शेयर बेचने के लिए उपलब्ध ग्रीन शू विकल्प का भी उपयोग किया।
इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC में निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।
सरकार ने जुटाए ₹31,552 करोड़
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सरकार ने इस OFS के जरिए कुल 82,23,33,558 शेयर आवंटित किए। इन शेयरों की बिक्री से सरकार को 31,552 करोड़ रुपये की आय हुई।
राशि के लिहाज से यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक शेयर ऑफर में से एक माना जा रहा है। सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस सफल OFS की जानकारी साझा करते हुए सभी निवेशकों का आभार व्यक्त किया।
LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10%
इस OFS की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि LIC में पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 10% हो गई है। इसके साथ ही कंपनी ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए निर्धारित न्यूनतम सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग (Minimum Public Shareholding – MPS) के नियमों का समय से पहले पालन कर लिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे LIC के शेयर में तरलता (Liquidity) बढ़ेगी और भविष्य में संस्थागत निवेशकों की भागीदारी भी मजबूत हो सकती है।
निवेशकों का जताया आभार
सरकार ने कहा कि खुदरा और संस्थागत निवेशकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस OFS को ऐतिहासिक सफलता दिलाई है। निवेशकों द्वारा LIC पर जताया गया भरोसा भारतीय पूंजी बाजार की मजबूती और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, LIC के OFS को मिली मजबूत प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि बड़े सरकारी उपक्रमों में निवेशकों का भरोसा कायम है। सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ने से कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग गतिविधि बढ़ेगी, जिससे बाजार में पारदर्शिता और निवेशकों की भागीदारी दोनों मजबूत होंगी।


