President Special Train: भारत के राष्ट्रपति की यात्रा के लिए इस्तेमाल होने वाली ‘प्रेसिडेंट स्पेशल’ ट्रेन सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि सुरक्षा, तकनीक और लग्जरी सुविधाओं का चलता-फिरता किला होती है। हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विशेष ट्रेन से यात्रा की, जिसके बाद इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुए। इस ट्रेन की सबसे खास बात है कि इसमें आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन लगाए जाते हैं, ताकि आपात स्थिति में तुरंत दिशा बदली जा सके।
नई प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन कितनी खास है?
VIDEO | President Droupadi Murmu on Tuesday undertook a 170-km-long train journey from Bhubaneswar to Berhampur in Odisha’s Ganjam district on the second day of her visit to the state.
President Murmu will visit Taptapani (Maa Kandhuni Devi) Temple in Berhampur.
(Source: CMO)… pic.twitter.com/edvb8rbmD7
— Press Trust of India (@PTI_News) August 4, 2026 भारत के राष्ट्रपति के लिए तैयार की गई नई अत्याधुनिक ‘प्रेसिडेंट्स स्पेशल’ ट्रेन को पहले वाली राष्ट्रपति ट्रेन के अपग्रेडेड रूप के तौर पर तैयार किया गया है। इसे Integral Coach Factory (ICF), चेन्नई में बनाया गया है।
इस हाईटेक ट्रेन के निर्माण में करीब 22 करोड़ रुपये की लागत आई है। यह ट्रेन साल 2020 में सेवा से हटाई गई पुरानी राष्ट्रपति ट्रेन की जगह लेने के लिए तैयार की गई है।
रेलवे के अनुसार, नई ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा तकनीक, बेहतर संचार व्यवस्था और राष्ट्रपति स्तर की यात्रा के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन, क्या है फायदा?
प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत इसका डुअल इंजन सिस्टम है। इसमें:
- एक इंजन ट्रेन के आगे लगाया जाता है।
- दूसरा इंजन ट्रेन के पीछे लगाया जाता है।
- जरूरत पड़ने पर ट्रेन को दिशा बदलने के लिए इंजन बदलने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
यह व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसी आपात स्थिति में ट्रेन को तेजी से आगे या पीछे ले जाया जा सकता है।
ट्रेन के अंदर मिलती हैं ये लग्जरी सुविधाएं
राष्ट्रपति की यात्रा को आरामदायक और सुविधाजनक बनाने के लिए ट्रेन में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
इसमें शामिल हैं:
- अत्याधुनिक बेडरूम
- आरामदायक लिविंग एरिया
- लिविंग-कम-डाइनिंग रूम
- कॉन्फ्रेंस रूम
- पूरी तरह सुसज्जित किचन
- आधुनिक बाथरूम
- हाईटेक कम्युनिकेशन सिस्टम
- विशेष सुरक्षा उपकरण
यानी यह ट्रेन एक छोटे लग्जरी होटल की तरह तैयार की गई है, जिसमें यात्रा के दौरान कामकाज और आराम दोनों की व्यवस्था रहती है।
राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
राष्ट्रपति देश के सबसे सुरक्षित व्यक्तियों में शामिल होते हैं। इसलिए प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
ट्रेन में मौजूद सुरक्षा सुविधाओं में शामिल हैं:
- बुलेटप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था
- सीसीटीवी निगरानी
- विस्फोटक पहचान उपकरण
- सुरक्षित संचार नेटवर्क
- सुरक्षा कर्मचारियों के लिए अलग कोच
इसके अलावा यात्रा के दौरान रेलवे, पुलिस और स्थानीय प्रशासन मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं।
यात्रा के दौरान आगे और पीछे चलती हैं सुरक्षा ट्रेनें
राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान केवल उनकी ट्रेन ही नहीं चलती, बल्कि सुरक्षा के लिए कई अतिरिक्त इंतजाम किए जाते हैं।
हाल ही में राष्ट्रपति मुर्मू ने बारिश के पूर्वानुमान के कारण हवाई यात्रा रद्द होने के बाद ‘प्रेसिडेंट स्पेशल’ ट्रेन से ओडिशा में भुवनेश्वर से ब्रह्मपुर तक करीब 170 किलोमीटर की यात्रा की थी।
इस दौरान:
- ट्रेन के आगे और पीछे सुरक्षा के लिए विशेष ट्रेनें चलाई गईं।
- ट्रैक पर अन्य ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई।
- रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
भुवनेश्वर से ब्रह्मपुर तक कैसी रही व्यवस्था?
राष्ट्रपति की इस यात्रा के दौरान रेलवे ने विशेष तैयारियां की थीं। राष्ट्रपति सचिवालय के निर्देश के बाद:
- प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक लाल कालीन बिछाया गया।
- स्टेशनों पर सुरक्षा जांच बढ़ाई गई।
- बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स तैनात किए गए।
भुवनेश्वर और ब्रह्मपुर रेलवे स्टेशनों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। राष्ट्रपति के कार्यक्रम वाले क्षेत्रों को नो-फ्लाइंग जोन भी घोषित किया गया था।
प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन का इतिहास
भारत में राष्ट्रपति की रेल यात्रा का इतिहास काफी पुराना है। एक समय था जब देश के शीर्ष नेताओं और राष्ट्राध्यक्षों के लिए ट्रेन यात्रा प्रमुख माध्यम हुआ करती थी।
साल 2021 की एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कई बार ट्रेन से यात्रा की थी। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने छपरा से ‘प्रेसिडेंट स्पेशल’ ट्रेन के जरिए अपने जन्मस्थान सिवान जिले के जीरादेई की यात्रा की थी।
समय के साथ हवाई यात्रा के बढ़ते इस्तेमाल के कारण राष्ट्रपति और अन्य वीवीआईपी यात्राओं में ट्रेन का उपयोग कम हो गया।
पुरानी राष्ट्रपति ट्रेन को क्यों हटाया गया?
पुरानी राष्ट्रपति ट्रेन को साल 2020 में सेवा से हटा दिया गया था। इसके पीछे मुख्य कारण था:
- विमानों से तेज यात्रा की सुविधा
- कम समय में लंबी दूरी तय करने की जरूरत
- आधुनिक सुरक्षा मानकों की आवश्यकता
इसके बाद रेलवे ने नई तकनीक और सुविधाओं के साथ नई प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन तैयार की।
राष्ट्रपति मुर्मू की यादगार रेल यात्राएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का रेल यात्रा से पुराना जुड़ाव रहा है।
सितंबर 2023 में उन्होंने दिल्ली से वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर तक यात्रा के लिए महाराजा एक्सप्रेस का इस्तेमाल किया था।
वहीं 21 नवंबर 2023 को उन्होंने अपने गृह जिले मयूरभंज के बादामपहाड़ रेलवे स्टेशन से तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी और अपने जन्मस्थान के पास रायरंगपुर तक रेल यात्रा की थी।
प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन का उद्देश्य
नई प्रेसिडेंट स्पेशल ट्रेन सिर्फ राष्ट्रपति की यात्रा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेलवे की आधुनिक तकनीक और सुरक्षा क्षमता का प्रदर्शन भी है।
यह ट्रेन भविष्य में राष्ट्रपति की विशेष रेल यात्राओं के लिए इस्तेमाल की जाएगी और भारत की वीवीआईपी परिवहन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनी रहेगी।


