Poojaa Precision IPO Listing: पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग के शेयरों ने शेयर बाजार में दमदार शुरुआत की है। कंपनी का आईपीओ निवेशकों के बीच पहले ही जबरदस्त चर्चा में था और इसे कुल 278.83 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। अब लिस्टिंग के दिन भी इसने निवेशकों को निराश नहीं किया। BSE SME प्लेटफॉर्म पर शेयर ₹301 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹470 पर लिस्ट हुआ, जिससे आईपीओ निवेशकों को करीब 56.15% का लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर में और तेजी आई और यह ₹488 के अपर सर्किट तक पहुंच गया, जहां निवेशकों का कुल मुनाफा करीब 62.13% हो गया।
BSE SME पर शानदार लिस्टिंग
पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग का ₹160 करोड़ का आईपीओ 28 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक निवेशकों के लिए खुला था। कंपनी ने शेयर ₹301 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे।
मंगलवार को शेयर ने ₹470 पर बाजार में एंट्री की, जो इश्यू प्राइस से 56.15% अधिक है। इसके बाद खरीदारी जारी रही और शेयर बढ़कर ₹488 के अपर सर्किट पर पहुंच गया।
Poojaa Precision IPO Listing Highlights
| विवरण | आंकड़ा |
|---|---|
| इश्यू प्राइस | ₹301 प्रति शेयर |
| लिस्टिंग प्राइस | ₹470 |
| लिस्टिंग गेन | 56.15% |
| अपर सर्किट | ₹488 |
| कुल मुनाफा | 62.13% |
आईपीओ को मिला था 278.83 गुना सब्सक्रिप्शन
पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग के आईपीओ को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी। तीन दिनों के सब्सक्रिप्शन के दौरान सभी श्रेणियों में भारी मांग देखने को मिली।
सब्सक्रिप्शन का विवरण
- कुल सब्सक्रिप्शन: 278.83 गुना
- QIB (एंकर को छोड़कर): 206.46 गुना
- NII: 463.43 गुना
- रिटेल निवेशक: 247.58 गुना
- कर्मचारी श्रेणी: 1.33 गुना
इस आईपीओ के तहत ₹10 फेस वैल्यू वाले 53.10 लाख नए शेयर जारी किए गए।
IPO से जुटाए गए ₹160 करोड़ का कैसे होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग अपने कारोबार के विस्तार और परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए करने की योजना बनाई है।
- ₹106.34 करोड़ नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने में खर्च होंगे।
- ₹30 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में लगाए जाएंगे।
- शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
क्या करती है Poojaa Precision Engineering?
पूजा प्रिसिजन इंजीनियरिंग एक प्रिसिजन इंजीनियरिंग और एल्यूमिनियम डाई-कास्टिंग कंपनी है। कंपनी प्रिसिजन-मशीन्ड कंपोनेंट्स का निर्माण करती है, जिनका उपयोग कई महत्वपूर्ण उद्योगों में किया जाता है।
कंपनी के उत्पाद मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं—
- ऑटोमोबाइल (पैसेंजर और कमर्शियल वाहन)
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
- इंजन और ड्राइवट्रेन
- कृषि उपकरण
- डिफेंस
- एयरोस्पेस
- हेल्थकेयर
- ऊर्जा क्षेत्र
- इंजीनियरिंग गुड्स
कंपनी केवल भारत ही नहीं बल्कि जर्मनी, अमेरिका, इटली और स्विट्जरलैंड जैसे देशों में भी अपने उत्पाद सप्लाई करती है। हाल ही में कंपनी ने अप्रूव्ड वेंडर पार्टनरशिप के जरिए एयरोस्पेस सेक्टर में भी अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
वित्तीय प्रदर्शन के लिहाज से कंपनी लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है।
- वित्त वर्ष 2024-26 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 38% से अधिक CAGR की दर से बढ़कर ₹30.90 करोड़ पहुंच गया।
- इसी अवधि में कुल आय (Total Income) लगभग 30% CAGR की वृद्धि के साथ ₹295.20 करोड़ रही।
- मार्च 2026 तक कंपनी पर ₹41.16 करोड़ का कुल कर्ज था।
- वहीं कंपनी के पास ₹118.53 करोड़ का रिजर्व एवं सरप्लस मौजूद था, जो उसकी मजबूत बैलेंस शीट को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आईपीओ की दमदार लिस्टिंग और मजबूत सब्सक्रिप्शन यह दिखाते हैं कि निवेशकों का कंपनी के बिजनेस मॉडल और ग्रोथ संभावनाओं पर भरोसा है। हालांकि, SME शेयरों में उतार-चढ़ाव अपेक्षाकृत अधिक होता है। ऐसे में नई खरीदारी करने से पहले कंपनी के वैल्यूएशन, भविष्य की ग्रोथ और जोखिमों का अच्छी तरह आकलन करना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


