नई दिल्ली: अगर आप देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (LIC) के शेयर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए बड़ा मौका है। केंद्र सरकार मंगलवार से ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए LIC में अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। इस ऑफर के तहत निवेशकों को 382 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर LIC के शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा, जो सोमवार के बंद भाव की तुलना में करीब 10% सस्ता है।
सरकार इस OFS के जरिए 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है। यदि पूरा इश्यू सब्सक्राइब हो जाता है तो सरकार को करीब 31,000 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होगी। पहले दिन यह ऑफर केवल संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के लिए खुला रहेगा, जबकि आम निवेशक बुधवार को इसमें आवेदन कर सकेंगे।
सरकार कितनी हिस्सेदारी बेच रही है?
निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पहले 2.5% इक्विटी बेच रही है। इसके साथ ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है।
यदि दोनों हिस्सों की बिक्री पूरी होती है तो सरकार कुल 82.22 करोड़ से अधिक शेयर बेचेगी, जो LIC की कुल इक्विटी का 6.5% होगा।
10% डिस्काउंट पर मिलेंगे शेयर
सरकार ने OFS के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है। सोमवार को बीएसई पर LIC का शेयर 424.35 रुपये के आसपास बंद हुआ था। इस हिसाब से निवेशकों को लगभग 10% का डिस्काउंट मिल रहा है।
ऐसे में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह ऑफर आकर्षक माना जा रहा है, क्योंकि उन्हें बाजार भाव से कम कीमत पर शेयर खरीदने का मौका मिलेगा।
क्यों बेच रही है सरकार हिस्सेदारी?
सरकार का यह कदम सिर्फ विनिवेश (Disinvestment) के लिए नहीं है, बल्कि इससे LIC को SEBI के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding – MPS) नियमों का पालन करने में भी मदद मिलेगी।
वर्तमान में LIC में सरकार की हिस्सेदारी 96.5% है। सेबी ने LIC को 16 मई 2027 तक कम से कम 10% सार्वजनिक शेयरधारिता हासिल करने की समयसीमा दी थी। इस OFS के बाद कंपनी इस लक्ष्य के और करीब पहुंच जाएगी।
LIC शेयर का प्रदर्शन
सोमवार को बीएसई पर LIC का शेयर 424.85 रुपये पर बंद हुआ।
LIC Share Performance
- सोमवार का बंद भाव: 424.85 रुपये
- OFS फ्लोर प्राइस: 382 रुपये
- 52 सप्ताह का उच्च स्तर: 468.30 रुपये
- 52 सप्ताह का निचला स्तर: 361 रुपये
- मार्केट कैपिटलाइजेशन: 5.36 लाख करोड़ रुपये से अधिक
मार्केट वैल्यू के लिहाज से LIC देश की सेंसेक्स की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है।
निवेशकों के लिए क्या है मौका?
विशेषज्ञों का मानना है कि OFS के जरिए बाजार मूल्य से कम कीमत पर शेयर मिलने से निवेशकों को बेहतर एंट्री लेवल मिल सकता है। हालांकि, किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, बीमा सेक्टर की स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य का मूल्यांकन करना जरूरी है।
सरकार की हिस्सेदारी घटने से LIC में सार्वजनिक शेयरधारिता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में शेयर की ट्रेडिंग लिक्विडिटी में भी सुधार देखने को मिल सकता है।


