IREDA Q1 Results: सरकारी नवरत्न कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के शानदार नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर करीब 37% बढ़कर ₹337.5 करोड़ पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), लोन बुक और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली। खास बात यह रही कि IREDA की कुल फंडिंग में सोलर एनर्जी सेक्टर सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर उभरा।
सोमवार को रिजल्ट से पहले कंपनी का शेयर 2.83% की तेजी के साथ ₹122.98 पर बंद हुआ।
37% बढ़ा IREDA का मुनाफा
जून 2026 तिमाही में IREDA का शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर ₹337.5 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹246.7 करोड़ था। यानी कंपनी ने सालाना आधार पर 36.8% की मजबूत ग्रोथ दर्ज की।
कंपनी का कहना है कि सरकार की ग्रीन एनर्जी नीतियों, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स की बढ़ती मांग और मजबूत लेंडिंग पोर्टफोलियो का फायदा वित्तीय प्रदर्शन में साफ दिखाई दिया।
NII में 24% की शानदार बढ़ोतरी
IREDA की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी बेहतर रही। जून तिमाही में NII 24.1% बढ़कर ₹856.8 करोड़ पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह ₹690.5 करोड़ थी।
कंपनी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर बिजय कुमार मोहंती ने कहा कि देश में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए लगातार बढ़ रही फाइनेंसिंग डिमांड का सकारात्मक असर कंपनी के कारोबार और मुनाफे पर पड़ा है।
₹94,936 करोड़ पहुंची लोन बुक
IREDA की कुल लोन बुक भी लगातार मजबूत हो रही है।
30 जून 2026 तक कंपनी की लोन बुक बढ़कर ₹94,936 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹79,941 करोड़ थी। यानी इसमें लगभग 19% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
तिमाही के दौरान कंपनी ने:
- ₹4,991 करोड़ उधार जुटाए।
- ₹6,556 करोड़ के नए लोन वितरित किए।
- ₹3,380 करोड़ के नए लोन मंजूर किए।
यह आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की फंडिंग गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं।
सोलर सेक्टर को मिली सबसे ज्यादा फंडिंग
IREDA की कुल लोन बुक में सबसे बड़ा हिस्सा सोलर एनर्जी सेक्टर का रहा।
सेक्टरवार लोन वितरण इस प्रकार रहा:
| सेक्टर | लोन बुक में हिस्सेदारी |
|---|---|
| सोलर एनर्जी | 26% |
| राज्य बिजली कंपनियां | 19% |
| विंड एनर्जी | 11% |
| मैन्युफैक्चरिंग | 11% |
यह दर्शाता है कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) में सोलर प्रोजेक्ट्स अभी भी सबसे बड़ी प्राथमिकता बने हुए हैं।
NIM बेहतर हुआ, लेकिन GNPA बढ़ा
कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 3.75% हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 3.60% था।
इसके अलावा:
- प्रोविजन कवरेज रेशियो: 68.22%
- कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR): 20.30%
हालांकि, ग्रॉस एनपीए (GNPA) मार्च 2026 के 3.49% से बढ़कर 3.76% हो गया।
वहीं राहत की बात यह रही कि नेट एनपीए (NNPA) 1.29% से घटकर 1.23% पर आ गया। कंपनी का कहना है कि बेहतर जोखिम प्रबंधन और मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम के कारण नेट एनपीए में सुधार देखने को मिला।
शेयरों पर क्या रहेगा असर?
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद निवेशकों की नजर अब आने वाली तिमाहियों में लोन ग्रोथ, एसेट क्वालिटी और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में निवेश की गति पर रहेगी।
रिजल्ट से पहले सोमवार को IREDA का शेयर 2.83% बढ़कर ₹122.98 पर बंद हुआ। हालांकि पिछले एक साल में शेयर करीब 16.92% की गिरावट दर्ज कर चुका है। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप लगभग ₹33.03 हजार करोड़ है।
अगर सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी योजनाओं और ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर तथा विंड प्रोजेक्ट्स में निवेश की रफ्तार बनी रहती है, तो IREDA की लोन बुक और आय में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। NewsJagran किसी भी शेयर में निवेश की सलाह नहीं देता।


