Stock Market Rally Today: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने दमदार शुरुआत की। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 24,600 के करीब पहुंच गया। बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, विदेशी निवेशकों की खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव में कमी, रुपये की मजबूती और PSU बैंकों समेत FMCG व IT शेयरों में शानदार खरीदारी रही। नए ट्रेडिंग फ्रेमवर्क के तहत F&O ट्रेडिंग का समय बढ़ने से भी निवेशकों का उत्साह देखने को मिला।
Sensex और Nifty में जोरदार तेजी
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती घंटों में ही Sensex 800 अंकों से अधिक चढ़कर 78,895 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि Nifty 50 करीब 24,600 के स्तर को छू गया।
सुबह लगभग 10:54 बजे तक:
- Sensex: 78,724.21 (+629.57 अंक / +0.81%)
- Nifty 50: 24,590.20 (+206.60 अंक / +0.85%)
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 78,895.10 और निफ्टी 24,595.80 तक पहुंच गया।
गौरतलब है कि इससे पहले 31 जुलाई को सेंसेक्स 78,094.64 और निफ्टी 24,383.60 पर बंद हुए थे।
नए ट्रेडिंग टाइम का भी दिखा असर
आज से सेबी के नए ट्रेडिंग फ्रेमवर्क के तहत F&O सेगमेंट में ट्रेडिंग का समय 10 मिनट बढ़ाकर शाम 3:40 बजे तक कर दिया गया है। हालांकि कैश मार्केट की सुबह की टाइमिंग में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से डेरिवेटिव ट्रेडिंग में बेहतर लिक्विडिटी देखने को मिल सकती है।
बाजार में तेजी की 5 बड़ी वजह
1. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 5% टूटकर 84 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह बेहद सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी
जुलाई महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार में जोरदार वापसी की।
- कुल नेट इक्विटी खरीदारी: ₹20,199 करोड़
- एक्सचेंज के जरिए खरीदारी: ₹6,731 करोड़
- प्राइमरी मार्केट एवं अन्य श्रेणियों में निवेश: ₹13,467 करोड़
- डेट मार्केट में निवेश: ₹29,211 करोड़
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत अपेक्षाकृत स्थिर निवेश गंतव्य बनकर उभरा है। रुपये की मजबूती और लार्ज-कैप शेयरों का आकर्षक वैल्यूएशन भी विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहा है।
3. भू-राजनीतिक तनाव में नरमी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दोबारा बातचीत शुरू होने के संकेत देने के बाद वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की भावना मजबूत हुई। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और भारतीय बाजार को भी इसका फायदा मिला।
4. रुपये में मजबूती
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे मजबूत होकर 95.12 पर पहुंच गया।
फॉरेक्स डीलर्स का कहना है कि:
- विदेशी निवेशकों की खरीदारी
- विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूती
- आरबीआई का सपोर्ट
इन सभी कारणों से रुपये को मजबूती मिली, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।
5. FMCG, IT और PSU बैंक शेयरों में जोरदार खरीदारी
आज की तेजी में सबसे बड़ा योगदान FMCG, IT और PSU बैंकिंग सेक्टर का रहा।
इन तीनों सेक्टर इंडेक्स में करीब 1.5% तक की बढ़त दर्ज की गई। सरकारी बैंकों में मजबूत खरीदारी के चलते बैंकिंग इंडेक्स भी हरे निशान में कारोबार करता दिखाई दिया। इससे बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) भी मजबूत बनी रही और मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
ब्रॉडर मार्केट भी चमका
केवल बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों ने खरीदारी की।
- Nifty Midcap 100 लगभग 1% मजबूत रहा।
- Nifty Smallcap 100 में भी करीब 1% की तेजी दर्ज की गई।
यह संकेत देता है कि बाजार में खरीदारी केवल चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही बल्कि व्यापक स्तर पर निवेशकों की भागीदारी देखने को मिली।
टेक्निकल आउटलुक: 24,600 पर बड़ी चुनौती
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि अप्रैल, मई और जुलाई के उच्च स्तरों के आसपास होने के कारण 24,600 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत रेजिस्टेंस बन सकता है।
उनके अनुसार:
- 24,100 अब निफ्टी का मजबूत बेस बन चुका है।
- इस स्तर पर 10-दिवसीय और 20-दिवसीय SMA का सपोर्ट मौजूद है।
- यदि बाजार में हल्का करेक्शन आता है तो इसे खरीदारी का अवसर माना जा सकता है।
- निकट अवधि में 24,800 का स्तर अगला संभावित लक्ष्य हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार में फिलहाल कई सकारात्मक संकेत दिखाई दे रहे हैं। विदेशी निवेशकों की वापसी, कच्चे तेल में गिरावट, रुपये की मजबूती और सरकारी बैंकिंग शेयरों में खरीदारी भारतीय शेयर बाजार के लिए अनुकूल माहौल बना रही है। हालांकि ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है, इसलिए निवेशकों को किसी भी नए निवेश से पहले जोखिम क्षमता और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।


